July 24, 2024 |

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26 /11 आतंकवादी हमले को याद कर शहीदों को दी श्रद्धांजलि

26 नवंबर 2008 आतंकवादियों ने किया था मुंबई पर हमला जिसमें 160 लोगों की जान चली गई थी

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आज से 14 साल पहले 26 नवंबर की वह काली रात जिसमें हुए मुंबई पर आतंकी हमले ने 160 लोगों को मौत की नींद सुला दिया जिसमें विदेशी नागरिक भी थे पाकिस्तानियों के नापाक आतंकियों द्वारा देश की आर्थिक राजधानी माया नगरी मुंबई पर एक ऐसा हमला जिसने न केवल मुंबई को बल्कि पूरे देश के झकझोर कर रख दिया था लेकिन राष्ट्र के वीर सपूतों ने सीमा पार के नापाक इरादों को नेस्तनाबूद करते हुए 9 आतंकियों को मौत की नींद सुला दिया जबकि एक को जिंदा पकड़ा गया हालांकि इसमें देश ने हेमंत करकरे जैसे जांबाज पुलिस अधिकारियों को हमेशा हमेशा के लिए खो दिया

सीमा पार से रची गई साजिश को अंजाम देने के लिए पाकिस्तानी आतंकवादियों का आत्मघाती दस्ता समुद्र के रास्ते भारत की सीमा रेखा में सुरक्षा बलों को चकमा देते हुए प्रवेश हुआ और गेटवे ऑफ इंडिया मुंबई में प्रवेश करने के बाद पाकिस्तान से आए यह 10 फिदायन आतंकवादी अलग-अलग छोटी-छोटी टुकड़ों में बट गई और मुंबई के दो फाइव स्टार होटल अस्पताल रेलवे स्टेशनों और यहूदी केंद्र को निशाना बनाया छत्रपति शिवाजी टर्मिनल ओबेरॉय होटल ताजमहल होटल कामा अस्पताल ब विदेशी सैलानियों से बड़ा रहने वाला लियोपोल्ड कैफे तथा यहूदी समाज के स्थल नरीमन हाउस को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया गया इन हमलों में 160 से अधिक लोग मारे गए जिसमें कई विदेशी नागरिक भी थे भारत के जांबाज अधिकारियों ने मुंबई हमले में शामिल 10 आतंकियों में से नौ को मार गिराया था और अजमल आमिर कसाब नाम का एक आतंकी जिंदा पकड़ा गया था उसके खिलाफ ट्रायल चला और उसे बाद में फांसी दी गई

इस हमले के मुख्य साजिशकर्त हाफिज सईद जकी उर रहमान लखबी एवं साजिद मीर आज भी पाकिस्तान की पगार में आजाद घूम रहे हैं हाफिज सईद एवं साजिद मीर भारत के सबसे बड़े मोस्ट वांटेड आतंकवादियों में शुमार हैं इस बात के पुख्ता सबूत आ चुके थे कि मुंबई हमलों के यह मुख्य दोषी हैं फिर भी सितंबर में चीन ने साजिद मीर को ब्लैक लिस्ट करने के संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव पर वीटो की ताकत से रोक लगा दी मुंबई हमले के साजिशकर्ता को वैश्विक आतंकवादी घोषित होने से रोकने के लिए उसी चीन ने वीटो पावर का इस्तेमाल किया था जिस वीटो पावर को उसने भारत के संवेदनसील के बाद प्राप्त किया था आज उसी पावर का इस्तेमाल चीन भारत के खिलाफ कर रहा है मुंबई हमले में जिंदा पकड़े आतंकवादी के रूप में जिंदा सबूत विश्व के सामने पेश करने के बाद भारत संयुक्त राष्ट्र परिषद को यह समझाने में कामयाब हुआ था कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ही आतंकवादियों की पनाहगाह है

राष्ट्र को झकझोर देने वाले इस मुंबई हमले को तत्कालीन मनमोहन सरकार ने राष्ट्र पर हमला करार दिया था एवं विश्व बिरादरी ने भी घोर निंदा की बावजूद इसके मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ता शैतानी दिमाग वाले आतंकवादी आज भी पाकिस्तान में बैठकर भारत के खिलाफ षड्यंत्र रचते रहे हैं जिसके समय-समय पर पुख्ता सबूत भी विश्व पटल के सामने रखी जा चुकी है अब ऐसे में किसी राष्ट्र द्वारा आतंकवादियों के लिए वीटो पावर का इस्तेमाल करना केवल दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं ना काबिले बर्दाश्त है और उसी चीन के साथ भारत के द्विपक्षीय व्यापारिक संबंध दिन-ब-दिन प्रगाढ़ हो यह अत्यंत कष्ट दाई स्थिति है आज संविधान दिवस भी है तो क्यों ना हम भारत के लोग  अपने संविधान को साक्षी मानकर ऐसी शपथ करें कि सस्ती व गुणवत्ता विहीन उत्पादों का बहिष्कार कर राष्ट्र में निर्मित उत्पादों का ही प्रयोग करेंगे इस आर्थिक चोट से चीन पर नकेल लगाई जा सकती है एक नागरिक के तौर पर हमें सीमा पार से आई रिश्तेदार एवं मित्रों के रूप में सफेदपोश से भी सावधान रहना होगा जासूसी और स्कैनिंग करके ले जाती है मुंबई हमले में जांच एजेंसियों को इस बात की सबूत भी हाथ लगे हैं कि कुछ सैलानी भारत आकर उन स्थानों की स्कैनिंग करके ले जा चुकी थी जहां पर 26/11 को हमला हुआ था

BY-jitendra gupta (mediawithyou)


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