: उत्तर प्रदेश उपचुनाव मतदान आज जमकर हुई जुबानी जंग
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Sun, Dec 4, 2022
उत्तर प्रदेश उपचुनाव का मतदान सोमवार को होगा जिसमें रामपुर और खतौली सीट पर विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होगा जबकि मैनपुरी में लोकसभा के लिए वोट डाले जाएंगे मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद की लोकसभा की सीट खाली हो गई थी एवं रामपुर के विधायक आजम खान को अयोग्य ठहराए जाने के बाद रामपुर विधानसभा की सीट खाली हो गई थी जबकि विक्रम सैनी खतौली सीट से बर्खास्त किए जाने के बाद खतौली विधान सभा की सीट भी खाली हो चुकी थी जिस पर मतदान सोमवार 5 दिसंबर को होगा जबकि परिणाम 8 दिसंबर को आएगा
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज भले ही थोड़ा नरम हो लेकिन सियासी पारा दिन-ब-दिन चढ़ रहा है भाजपा और सपा के बीच सीधी टक्कर में इस चुनावी मौसम को और भी रोचक बना दिया है चुनाव प्रचार बंद होने से पूर्व संध्या पर मैनपुरी लोकसभा सीट पर लड़ रही प्रत्याशी रघुराज शाक्य के समर्थन में संबोधित करते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा को परिवार वादी पार्टी करार दिया था जिसका जवाब देते हुए लोकसभा प्रत्याशी डिंपल यादव ने कहा है कि रामराज से ज्यादा आज समाज को समाजवाद की जरूरत है जिसमें बगैर कोई भेदभाव के लोगों को रोजगार मिल सके यहां के लोगों से नेताजी के भावनात्मक रिश्ते हैं इससे पूर्व समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा था कि दोनों डिप्टी सीएम में से कोई भी 100 सीट लेकर आए तो समाजवादी पार्टी उसको मुख्यमंत्री बना देगी शनिवार को मैनपुरी पहुुंच प्रदेश सरकार की राज्य मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि अखिलेश अपनी पार्टी का विलय भाजपा में कर दें तो केंद्रीय मंत्री बनाने पर विचार किया जा सकता है इधर शिवपाल यादव सपा प्रत्याशी डिंपल यादव के समर्थन में उतरे हैं तब से शिवपाल की राजनीतिक मुश्किलें बढ़ने लगी है उन्होंने आरोप लगाया है कि हमारी ड्रोन से निगरानी की जा रही है चाचा भतीजा को एक मंच पर देख सपा प्रत्याशी ने विरोधियों पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बना ली है शिवपाल यादव का अपने पक्ष में समर्थन प्राप्त करके मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में सवा चार लाख यादव मतदाताओं को सपा ने अपनी तरफ एकजुट करने में सफलता पाई है जबकि यह मान भी लिया जाए कि भाजपा के प्रत्याशी रघुराज सिंह शाक्य ने मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र के सभी सवा तीन लाख शाक्य मतदाताओं को एकजुट कर भी लिया तो सवर्ण मतदाता निर्णायक भूमिका अदा करेंगे जिसमें कि क्षत्रिय वैश्य और ब्राह्मण कुल मिलाकर ढाई तीन लाख के आसपास मतदाताओं का झुकाव और आकर्षण भाजपा की तरफ काफी लंबे समय से रहा है लेकिन दूसरा पक्ष यह भी है की मुस्लिम समुदाय का समर्थन सपा के साथ जाता रहा है अब देखना यह है कि इस बार चुनावी ऊंट किस करवट बैठता है यह तो परिणाम आने के बाद ही पता चलेगा
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