: क्या खाने का सोडा कैंसर में लाभदायक है
Fri, Dec 16, 2022
कैंसर का सबसे सस्ता इलाज
वैज्ञानिकों ने ढूंढ निकाला कैंसर का सबसे सस्ता इलाज, 2 रुपए की ये चीज जड़ से खत्म कर सकती है कैंसर”खानें वाला सोडा ....”कैंसर के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत वाली खबर आई है। दुनियाभर के वैज्ञानिक जिस बीमारी के लिए सालों से इलाज ढूंढ रहे थे उसका आखिरकार तोड़ मिल चुका है।
अब तक दुनिया भर में कैंसर के इलाज के लिए अरबों रुपए पानी की तरह बहा दिए गए हैं, लेकिन कोई भी दवा पूरी तरह से कैंसर को जड़ से खत्म करने में नाकाम साबित हुई है। अब तक बाजार में जो दवाएं मौजूद हैं, वो सिर्फ कैंसर को बढ़ने से रोक देती हैं।
अमेरिका के लडविंग इंस्टीट्यूट फॉर कैंसर रिसर्च में अमेरिकी वैज्ञानिकों के दल ने हाल ही में कुछ नए शोध किए। इस टीम की अगुवाई मशहूर कैंसर वैज्ञानिक और जॉन हॉप्किंग यूनिवर्सिटी के ऑनकोलॉजिस्ट (कैंसर विशेषज्ञ) डॉ. ची वान डैंग ने की। उन्होंने कहा कि हम सालों तक रिसर्च कर चुके हैं और अब तक कैंसर के जो भी इलाज मौजूद हैं वो काफी महंगे हैं। हमने जो शोध किया उसमें चौंकाने वाले नतीजे सामने आए हैं। आपके किचन में रखा बेकिंग सोड़ा कैंसर के लिए रामबाण औषधि है।
डॉ. डैंग के मुताबिक, हमने बेकिंग सोडा पर लंबी रिसर्च की और जो परिणाम हमने अब तक सिर्फ सुने थे वो प्रमाणित हो गए। उन्होंने बताया कि यदि कैंसर का मरीज बेकिंग सोडा पानी के साथ मिलाकर पी ले तो कुछ ही दिनों में इसका असर दिखने लगेगा। उन्होंने बताया कि कीमोथेरेपी और महंगी दवाओं से भी तेजी से बेकिंग सोडा ट्यूमर सेल्स को न सिर्फ बढ़ने से रोकता है, बल्कि उसे खत्म भी कर देता है।
डॉ. डैंग ने पूरी जानकारी देते हुए बताया कि हमारे शरीर में हर सेकेंड लाखों सेल्स खत्म होते हैं और नए सेल्स उनकी जगह ले लेते हैं। लेकिन कई बार नए सेल्स के अंदर खून का संचार रुक जाता है और ऐसे ही सेल्स एकसाथ इकट्ठा हो जाते हैं, जो धीरे-धीरे बढ़ता है। इसी को ट्यूमर कहा जाता है। उन्होंने बताया कि हमने ब्रेस्ट और कोलोन कैंसर के ट्यूमर सेल्स पर बेकिंग सोडा के प्रभाव की जांच की और हमने पाया कि बेकिंग सोडा वाला पानी पीने के बाद जिस तेजी से ट्यूमर सेल्स बढ़ रहे तो वो काफी हद तक रुक गए।
उन्होंने बताया, ट्यूमर सेल्स में आक्सिजन पूरी तरह खत्म हो जाती है, तो उसे मेडिकल भाषा में हिपोक्सिया कहते हैं। हिपोक्सिया की वजह से तेजी से उस हिस्से का पीएच लेवल गिरने लगता है और ट्यूमर के ये सेल एसिड बनाने लगते हैं। इस एसिड की वजह से पूरे शरीर में भयंकर दर्द शुरू हो जाता है। अगर इन सेल्स का तुरंत इलाज न किया जाए तो ये कैंसर सेल्स में तब्दील हो जाते हैं। डॉ. डैंग के मुताबिक, बेकिंग सोडा मिला पानी पीने से शरीर का पीएच लेवल भी मेंटेन रहता है और एसिड वाली समस्या न के बराबर होती है। डॉ. डैंग ने बताया कि कई बार कीमोथेरेपी के बावजूद भी ऐसे कैंसर सेल्स शरीर में रह जाते हैं, जो बाद में दोबारा से शरीर में कैंसर सेल्स बनाने लगते हैं। इन्हें T सेल्स कहते हैं। इन टी सेल्स को नाकाम सिर्फ बेकिंग सोडा से ही किया जा सकता है।
डॉ. वॉन डैंग ने कहा कि पहले भी ये बात आप सुन चुके होंगे कि बेकिंग सोडा कैंसर समेत कई बीमारियों का इलाज है। लेकिन अब हम प्रमाणिक तौर पर कह सकते हैं कि कैंसर का सबसे सस्ता और अच्छा इलाज बेकिंग सोडा से मिला पानी है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों पर हमने प्रयोग किए उन्हें दो हफ्तों पर पानी में बेकिंग सोडा मिलाकर दिया और सिर्फ 2 हफ्ते में उन लोगों के ट्यूमर सेल्स लगभग खत्म हो गई !
TATA मेमोरियल हॉस्पिटल के डॉ. राजेन्द्र ए. बडवे ने जोर देकर कहा कि यदि हर कोई इस समाचार को प्रसारित करता है, तो निश्चित रूप से समाज की बड़ी सेवा होगी।
🌹🌹🙏🏻🌹🌹NOTE विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से अनुसंधान का परिणाम है अतः उपयोग करने से पहले किसी चिकित्सीय परामर्श अवश्य लें
: अखरोट से सेहत करें दुरुस्त अखरोट है गुणों की खान
Fri, Dec 16, 2022
4 घंटे में कोलेस्ट्रॉल कम करता है अखरोटअखरोट आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है, यह तो आप जानते हैं। लेकिन आपको यह जानकर हैरानी होगी, कि अखरोट खाने के फायदे आपको सिर्फ 4 घंटे में मिलना शुरू हो जाते हैं। जी हां, अखरोट खाने से आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर तेजी से कम होता है, और इसका असर चार घंटों में ही देखा जा सकता है।
एक शोध में यह बात साबित हुई है। लगभग एक मुट्ठी अखरोट खाने पर आप चार घंटे के अंदर इसके फायदे देख सकते हैं। इससे न केवल आपका कोलेस्ट्रॉल कम होता है बल्कि यह आपकी नसों को और अधिक लचीला बनाने में भी मदद करता है। इसके साथ ही आपके शरीर में रक्त संचार आसान हो जाता है जिससे हृदय पर अधिक दबाव नहीं पड़ता।
अखरोट शरीर में थर्मोजेनिक प्रभाव पैदा करता है, जिससे हृदय की धमनियों में जमा हुआ वसा घुलनशील अवस्था में आकर धीरे-धीरे समाप्त हो जाता है। इस तरह से आपके हृदय को शरीर में रक्त संचार के लिए अधिक मेहनत नहीं करनी पड़ती।अखरोट में प्राकृतिक मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें जिंक, कॉपर, फास्फोरस, आयरन और कैल्शियम जैसे तत्व भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो आपके शरीर के आंतरिक अंगों को पोषित कर उन्हें बेहतर तरीके से कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं।
अखरोट की 100 ग्राम मात्रा में लगभग 600 कैलोरी होती है। इसे खाने से शरीर को अत्यधिक एनर्जी मिलती है। आपके जानकर आश्चर्य होगा कि यह वजन घटाने के लिए भी बेहतरीन है, क्योंकि इसकी थोड़ी मात्रा भी आपको विटामिन पी, एफ, सी, विटामिन बी9, बी2 और विटामिन ए मिलता है, वह भी भरपूर एनर्जी के साथ।इन सभी विटामिन और मिरनल्स के अलावा अखरोट फैटी एसिड, ओमेगा 3 और ओमेगा 6 का भी एक बेहतरीन स्त्रोत है, जो आपके मस्तिष्क के अंगों के लिए फायदेमंद है और यादददाश्त बढ़ाने में मदद करते हैं।
: सूर्यदेव को दिया जाने वाला जल आध्यात्मिक शांति के साथ आपकी बीमारी में भी लाभ पहुंचाता है
Sun, Dec 4, 2022
इस
संसार में सूर्य देव को प्रत्यक्ष देव कहा जाता है क्योंकि हर कोई व्यक्ति इनके दर्शन साक्षात कर सकता है प्रत्येक दिन की शुरुआत सूर्य देव के आगमन के साथ होती है रविवार को सप्तमी तिथि मानी जाती है जो कि सूर्य देव का दिन कहा जाता है सनातन धर्म में उदय काल के सूर्य देव को जल देना शुभ माना जाता है और यह एक पुरातन परंपरा भी है परंतु आज जल देने के फायदे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से चर्चा किया जाएगा
सूर्य स्वास्थ्य एवं जीवन शक्ति का भंडार है जो जितना सूर्य देव के संपर्क में रहेगा यानी कि सूर्य के प्रकाश में रहेगा उतना ही अधिक स्वस्थ रहेगा जहां तक सूर्य का प्रकाश पहुंचता है वहां पर सभी कीटाणु नष्ट हो जाते हैं एवं सूर्य के प्रकाश में कीटाणुओं को नष्ट करने की सामर्थ होती है सूर्य देव अपने प्रकाश के माध्यम से प्रतिदिन ऐसे आवश्यक तत्वों की वर्षा करते हैं जो इस पृथ्वी पर जीवन के लिए उत्तरदाई होता है यह बात तो वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी सिद्ध हो चुकी है सूर्य देव की प्रकाश में अनेक चमत्कारी गुण होते हैं जिसका के उपयोग आज की मेडिकल साइंस भी करती है पीलिया और छय जैसे अनेक रोगों में खुले शरीर सूर्यदेव के प्रकाश में बैठना लाभदायक होता है सूर्य देव के उदय काल की समय की रश्मि ओं का सेवन करने वाले लोग दीर्घायु होते हैं
सूर्य के रोग नाशक की शक्ति का वर्णन करते हुए अथर्ववेद में एक मंत्र के माध्यम से कहा गया है कि सूर्य औषधि बनाता है विश्व में प्राण रूप है और अपनी रचनाओं के माध्यम से पृथ्वी पर जीवन का संचार करता है सूर्योदय के समय लाल प्रकाश में बैठना प्रत्येक के लिए लाभदायक सिद्ध होता है जैसा कि हम जानते हैं सूर्य देव के प्रकाश में 7 रंग होते हैं और प्रत्येक रंग का अलग-अलग गुण प्रभाव होता है जिसका की प्राकृतिक चिकित्सा में आजकल बहुत प्रयोग हो रहा है
लाल रंग सर्दी खांसी जुकम मलेरिया एवं जुखाम बुखार में लाभदायक सिद्ध होता हैहरा रंग यह स्नायु संस्थान नाड़ी यादी स्वसन के रोगों में लाभदायक सिद्ध होता हैपीला रंग यह रक्तसव चोट घाव तथा उच्च रक्तचाप एवं दिल की बीमारियों में फायदा पहुंचाता हैनीला रंग यह दहा अपक्ष एवं मधुमेह में लाभकारी सिद्ध होता हैबैगनी रंग यह मिर्गी दांत के रोग सर्दी खांसी में लाभकारी सिद्ध होता हैनारंगी रंग यह बात पित्त एवं अमल से संबंधित रोगों तथा अनिद्रा को दूर करता हैआसमानी रंग यह सर्दी खांसी स्नायु रोग योन रोग एवं सर दर्द में लाभकारी सिद्ध होता है इसलिए कहा जाता है कि सूर्य का प्रकाश रोगी के कपड़े एवं कमरे के रंग से मिलकर रोगी के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है अतः दैनिक जीवन में हम अपनी जरूरत एवं प्रवेश के अनुसार कपड़ों के रंगों का फेरबदल कर सूर्य के प्रकाश से उत्तम लाभ उठाते आए हैंफतेह सूर्य देव की उपासना अर्चना करने से जीव को विशेष लाभ होता है सूर्य देव को पूरे काल के समय जल अर्पित करना चाहिए एवं यथाशक्ति सूर्य देव के द्वारा उत्पन्न प्रकाश की राशियों में बैठकर जब तक भजन करना चाहिए उससे जातक को विशेष लाभ मिलता है सूर्य का प्रकाश किसी भी रितु काल में हर अवस्था पर अपना लाभदायक प्रभाव ही डालता है
प्रत्येक जीव को उदय काल के समय सूर्य देव को जल अर्पण करना चाहिए जिससे कि घर में सुख शांति एवं निरोग व स्वस्थ जीवन की प्राप्ति होती है सूर्य देव को जल अर्पण करते समय सावधानीपूर्वक एवं श्रद्धा भाव से सूर्य के प्रकाश में तांबे या पीतल के पात्र में खड़े होकर सूर्यदेव की तरफ देखते हुए जलधारा के रूप में जिसमें की जल की धारा अपने सर के ऊपर से दोनों हाथों से श्रद्धा वंदन करके अर्पित करनी चाहिए देव को जल अर्पित करते समय शास्त्रों में बताए हुए मंत्रों का भी उपयोग किया जा सकता है अथवा यथाशक्ति जो भी मंत्र याद हो या अपने मन में जॉब करते हुए जल अर्पित करें और सुनिश्चित करें कि जो जल की धारा सूर्य देव की तरफ मुंह करके दी जा रही है वह जल की धारा जमीन पर गिरते समय सूर्यदेव की किरणें उस जल की धारा से होकर निकले तत्पश्चात आपके शरीर पर पड़े श्रद्धा एवं भाव से की हुई जब तक प्रार्थना आदि का अत्यंत चमत्कारिक लाभ प्राप्त होता है सुख शांति एवं संपन्नता के लिए तथा निरोगी स्वास्थ्य प्राप्त करने के लिए हम सब जीवो को सूर्य देव का धन्यवाद देते हुए उनकी आराधना पूजा एवं जल अर्पण करना चाहिए