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वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया : मातृभाषा हिंदी के विकास के लिए मॉडर्न स्कूल ने उठाएं सराहनीय कदम

admin

Sat, May 9, 2026
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मॉडर्न स्कूल, अलीगंज में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए दो प्रभावशाली वाद-विवाद प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, अभिव्यक्ति क्षमता, आत्मविश्वास तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास करना था।

कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय था — “अभिव्यक्ति के अधिकार की एक सीमा होनी चाहिए।” प्रतिभागियों ने पक्ष एवं विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत करते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के महत्व के साथ-साथ उसकी मर्यादा एवं सीमाओं पर सशक्त तर्क दिए।

वहीं कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिता का विषय था — “परीक्षा का मापदंड अंक नहीं, कौशल होना चाहिए।” विद्यार्थियों ने अपने विचारों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि केवल अंक किसी की वास्तविक क्षमता का मापदंड नहीं हो सकते, बल्कि कौशल, रचनात्मकता एवं व्यवहारिक ज्ञान भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।

दोनों प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल में श्री गोपाल ओझा, श्री के.डी. सिंह, प्रसिद्ध पत्रकार एवं संपादक श्री जितेंद्र गुप्ता तथा श्रीमती निशा आनंद उपस्थित रहे। निर्णायकों ने विद्यार्थियों के विषय ज्ञान, तर्कशक्ति, भाषा शैली एवं प्रस्तुतीकरण के आधार पर मूल्यांकन किया तथा उनके आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति कौशल की सराहना की।

इसी अवसर पर विद्यालय प्रांगण में प्रधानाचार्या सुश्री मीना काने के मार्गदर्शन में माननीय श्री के.डी. सिंह द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसमें रुद्राक्ष के पौधे लगाए गए। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा रुद्राक्ष के आध्यात्मिक एवं मानसिक स्वास्थ्य संबंधी महत्व से परिचित कराना था।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या सुश्री मीना काने ने विद्यार्थियों के उत्साह एवं सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास, सामाजिक जागरूकता एवं नैतिक मूल्यों के संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

विद्यालय प्रशासन ने इस सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, निर्णायकों एवं शिक्षकों को हार्दिक बधाई दी।

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वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हिंदी के विकास के लिए आवश्यक

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