Mon 28 Sep 2026
Breaking News Exclusive
रुपए पर दबाव यूपीआई पर चार्ज का बड़ा फैसला समर्पित देशभक्ति एवं आधुनिक भारत के शिल्पी योगी सरकार के काम पर सवाल नहीं, लेकिन जनता से दूरी और विपक्ष के वादे बन सकते हैं खेल बदलने वाला फैक्टर बदलते हालात में देश के सामने नई चुनौतियां और अवसर Cognito Exhibition ने बदली सीखने की परिभाषा किसान संगठन ने लगाएं गंभीर आरोप CAG रिपोर्ट के आधार पर नीतियों के वितरण में पारदर्शिता का अभाव अब बनेगी नई युवा नीति, मुख्यमंत्री योगी की घोषणा कूटनीतिक तनाव—वैश्विक स्थिरता पर बड़ा सवाल राष्ट्रवाद, विकास और सामाजिक समरसता पर जोर रुपए पर दबाव यूपीआई पर चार्ज का बड़ा फैसला समर्पित देशभक्ति एवं आधुनिक भारत के शिल्पी योगी सरकार के काम पर सवाल नहीं, लेकिन जनता से दूरी और विपक्ष के वादे बन सकते हैं खेल बदलने वाला फैक्टर बदलते हालात में देश के सामने नई चुनौतियां और अवसर Cognito Exhibition ने बदली सीखने की परिभाषा किसान संगठन ने लगाएं गंभीर आरोप CAG रिपोर्ट के आधार पर नीतियों के वितरण में पारदर्शिता का अभाव अब बनेगी नई युवा नीति, मुख्यमंत्री योगी की घोषणा कूटनीतिक तनाव—वैश्विक स्थिरता पर बड़ा सवाल राष्ट्रवाद, विकास और सामाजिक समरसता पर जोर

सुचना

: 22 जनवरी अयोध्या में बतौर मुख्य यजमान प्रधानमंत्री के शामिल होने पर आपत्ति:- शंकराचार्य

Media With You

Thu, Jan 11, 2024
Post views : 228

रामपुर 10  जनवरी पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि वे श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शिरकत नहीं करेंगे। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए कहा कि योगी और मोदी अभी तो खुश हैं, आगे चलकर कालांतर में यूपी में तीन मिनी पाकिस्तान बन जाएंगे। अयोध्या की तरह काशी और मथुरा में भी मस्जिद बनेगा।

शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद ने कहा कि अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले श्रीराम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि मोदी लोकार्पण करेंगे, मूर्ति को स्पर्श करेंगे, तो मैं वहां तालियां बजाकर जय-जयकार करूंगा क्या? मेरे पद की भी मर्यादा है। राम मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा शास्त्रों के अनुसार होनी चाहिए, ऐसे आयोजन में मैं क्यों जाऊं।

उन्होंने राजनेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने बाहर से मुसलमानों को लाकर छत्तीसगढ़ में बसाया है। ये हिंदू को अल्पसंख्यक बनाने की कोशिश की है। परिणाम है कि चारों खाने चित्त हो गए। वहीं पूर्व सीएम रमन सिंह पर भी तंज कसते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में भी ईसाई धर्मांतरण को बढ़ावा दिया गया। नेताओं ने जनता को पहले श्रमजीवी, बुद्धिजीवी के आधार पर बांट दिया, फिर सवर्ण और असवर्ण में बांटा। अब आदिवासी और नवागंतुक में बांट रहे हैं।

आयोजन में शामिल नहीं होऊंगा'

शंकराचार्य ने कहा कि उन्हें आमंत्रण मिला है, इस पर लिखा है कि वे एक ही व्यक्ति के साथ आयोजन में आ सकते हैं। इसके अलावा उनसे किसी भी प्रकार का कोई संपर्क नहीं किया गया। यही वजह है कि मैं आयोजन में नहीं शामिल होऊंगा । राम मंदिर पर जिस तरह की राजनीति हो रही है, वह नहीं होनी चाहिए। इस समय राजनीति में कुछ सही नहीं है। धर्म स्थलों पर बनाए जा रहे कॉरिडोर की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि आज धर्म स्थलों को पर्यटन स्थल बनाया जा रहा है। इस तरह इन्हें भोग-विलासता की चीजों को जोड़ा जा रहा है, जो सही नहीं है।

बता दें कि पीएम मोदी को श्रीराम जन्मभूति तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य यजमान के रूप में बुलाया है। ऐसे में चर्चा है कि प्रधानमंत्री अपने हाथों से ही रामलला की मूर्ति को गर्भगृह में सिंहासन पर विराजमान कराएंगे। शंकराचार्य ने ट्रस्ट के इस फैसले को लेकर विरोध जताया है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा राजनीतिक कार्यक्रम

उत्तराखंड पीठ के 1008 शंकराचार्च अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा है कि अर्धनिर्मित मंदिर के उद्घाटन भाजपा सरकार आने वाले चुनाव में लाभ हासिल करने के लिए किया जा रहा है। राम मंदिर उद्घाटन में परंपराओं का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंदिर में गर्भगृह का फर्श बन चुका है और पिलर भी खड़े हो चुके हैं। मंदिर का निर्माण अभी पूरा नहीं हुआ है ऐसे में उसका उद्घाटन करने धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है।

Tags :

विज्ञापन

विज्ञापन

जरूरी खबरें

विज्ञापन