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: यूक्रेन से निकाले गए भारतीय छात्रों को उज्बेकिस्तान में मिला मौका, मेडिकल विश्वविद्यालय में 1000 से अधिक स्टूडेंट्स ने शुरू की पढ़ाई

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Wed, Nov 15, 2023
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समरकंद 15 नवंबर उज्बेकिस्तान ने यूक्रेन से निकाले गए भारतीय छात्रों को अपने यहां पढ़ने का बड़ा मौका दिया है। उज्बेकिस्तान के समरकंद स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी में ऐसे 1000 से अधिक भारतीय छात्रों ने अपनी पढ़ाई शुरू की है, जो रूस यूक्रेन युद्ध के समय ऑपरेशन गंगा के तहत निकाले गए थे। उज्बेकिस्तान ने भारतीय छात्रों को दिया मौका इसके लिए यूनिवर्सिटी ने भारतीय दूतावास से संपर्क किया और कहा कि अगर कोई छात्र यहां पढ़ना चाहते हैं तो उनके लिए द्वार खुले हैं। इसके बाद जिन छात्रों को लगा था कि उनके लिए सारे दरवाजे बंद हो गए हैं, उन्हें एक मौका मिल गया और उन्होंने यहां अपनी पढ़ाई शुरू की है। बिहार के बेगुसराय के अमित ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया, मैंने सोचा था कि मैं घर जाने में सफल नहीं हो पाऊंगा। मुझे लगा था कि यूक्रेन में फंस जाऊंगा। एक बार जब मैं भारत में अपने घर वापस आया, तो मुझे और मेरे परिवार को राहत मिली, लेकिन फिर आगे की पढ़ाई को लेकर चिंता शुरू हो गई। मैंने यूक्रेन में अपने एमबीबीएस के तीन साल पूरे कर लिए थे। मेरे पास ज्यादा विकल्प नहीं थे। बाद में मैंने उज्बेकिस्तान जाने का फैसला किया। भारतीय छात्र ने तहखाने में बिताई थी रात अमित ने बताया कि समरकंद में रहने का खर्च यूक्रेन की तुलना में ज्यादा है, लेकिन वह अपनी पढ़ाई से खुश हैं। बता दें कि अमित उन छात्रों में शामिल था, जो युद्ध शुरू होने के बाद यूक्रेन में फंस गए थे। जिन्हें ऑपरेशन गंगा से भारत लाया गया था। अमित ने बताया कि युद्ध के दौरान उन्होंने एक रात तहखाने में बिताई थी, जो काफी भयावह थी। भारतीय छात्रों को फिर से मिला मौका इसी तरह पंजाब के फिरोजपुर की तन्वी वाधवा ने बताया कि उन्होंने कई सारे विकल्पों पर विचार किया और अंत में उज्बेकिस्तान जाने का फैसला किया। वहीं, मेरठ के दिव्यांश ने बताया कि उज्बेकिस्तान के विश्वविद्यालयों में अंग्रेजी में शिक्षा मिलती है और इसी तर्ज पर पाठ्यक्रम भी है, जिस वजह से उन्हें आसानी होगी।

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