गलतियों का जश्न: लखनऊ के अलीगंज में Modern School की : Cognito Exhibition ने बदली सीखने की परिभाषा
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Sun, Aug 23, 2026
गलतियों का जश्न: लखनऊ के अलीगंज में Modern School की Cognito Exhibition ने बदली सीखने की परिभाषा
लखनऊ, अलीगंज | Mediawithyou विशेष फीचर
शिक्षा की पारंपरिक परिभाषा में जहाँ “गलती” को असफलता माना जाता है, वहीं लखनऊ के अलीगंज स्थित Modern School ने इस सोच को पूरी तरह बदलने की पहल की है। स्कूल की 40वीं Cognito Exhibition, इस वर्ष एक बेहद अनोखी और प्रेरणादायक थीम के साथ सामने आई — “Celebrating Mistakes” (गलतियों का जश्न)।
यह थीम केवल एक विचार नहीं, बल्कि शिक्षा के भविष्य की दिशा तय करने वाला दृष्टिकोण है, जहाँ बच्चों को गलतियाँ करने से रोका नहीं जाता, बल्कि उन्हें सीखने की प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
Exhibition की खासियत: हर गलती में छिपी सीख
इस भव्य प्रदर्शनी में नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सभी कक्षाओं के छात्रों ने भाग लिया। बच्चों ने अलग-अलग विषयों — मैथ, साइंस, हिस्ट्री, ज्योग्राफी, टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर, आईटी, हिंदी तथा अन्य विषयों से जुड़े प्रोजेक्ट्स को अपनी कुशलता और रचनात्मकता के साथ प्रस्तुत किया।
यह आयोजन किसी साधारण साइंस एग्ज़ीबिशन जैसा नहीं था। यहाँ हर प्रोजेक्ट एक कहानी कहता दिखा —
पहली बार असफलता, दूसरी बार सुधार, और तीसरी बार सफलता।
छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट्स के जरिए यह साबित किया कि असली सीख किताबों से नहीं, बल्कि ट्रायल-एंड-एरर से आती है।
Science, Technology और Innovation में प्रयोगों की असली कहानी
Science में सीख
कई मॉडल ऐसे थे जो शुरुआत में फेल हो गए — कहीं विस्फोट हुआ, कहीं लीक हुआ — लेकिन उन्हीं गलतियों को सुधारकर बच्चों ने परफेक्ट मॉडल तैयार किए।
Technology में छोटी गलती, बड़ी सीख
रोबोटिक्स और कोडिंग प्रोजेक्ट्स में एक छोटी-सी गलती, जैसे एक सेमीकोलन की कमी, पूरे सिस्टम को फेल कर देती थी। लेकिन उसी गलती को ढूंढना ही सबसे बड़ी लर्निंग बन गया।
Innovation में वेस्ट से बेस्ट
वेस्ट मटेरियल से बनाए गए प्रोजेक्ट्स यह दिखाते हैं कि सीमित संसाधनों में भी बड़े आइडियाज जन्म ले सकते हैं, बस सोच अलग होनी चाहिए।
बिना डर के सीखने का माहौल
इस Exhibition की सबसे खास बात थी —
यहाँ कोई जजमेंट नहीं, कोई नंबर नहीं, सिर्फ सीखने की आज़ादी थी।
बच्चों को यह कहने का पूरा अधिकार था —
"हाँ, मैं यहाँ गलत था, और मैंने इससे सीखा।"
‘गलतियों का जश्न’ कैसे बदल रहा है शिक्षा का स्वरूप?
1. डर खत्म, जिज्ञासा शुरू
जब गलती पर डांट नहीं मिलती, तो बच्चा खुलकर सवाल पूछता है और सीखने में रुचि बढ़ती है।
2. Problem-Solving की असली ट्रेनिंग
यह Exhibition बच्चों को सिखा रही है कि असफलता भी सफलता की यात्रा का हिस्सा है।
3. Creativity को नए पंख
परफेक्शन के दबाव से बाहर निकलकर बच्चे नए प्रयोग करने के लिए अधिक प्रेरित हैं।
40 साल की विरासत: एक पौधे से वट वृक्ष तक का सफर
Modern School, अलीगंज ने इस वर्ष अपने 40वें वर्ष में प्रवेश किया है।
संस्था के संस्थापक स्वर्गीय श्री राकेश कपूर ने चार दशक पहले अपनी मेहनत और लगन से जो एक छोटा-सा पौधा लगाया था, वह आज लाखों बच्चों के भविष्य का वट वृक्ष बन चुका है।
आज भले ही स्वर्गीय राकेश कपूर हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी सोच, उनका विजन आज भी जीवित है।
“7 Sheep Story” से “Celebrating Mistakes” तक
संस्थापक राकेश कपूर अक्सर बच्चों को एक सीख देते थे —
“भेड़ चाल से बचो, कुछ नया करो, कुछ अपना करो।”
उनकी यह प्रसिद्ध “7 Sheep Story” केवल एक कहानी नहीं, बल्कि एक जीवन दर्शन था।
आज Cognito 2026 की थीम “Celebrating Mistakes” उसी सोच का आधुनिक रूप नजर आती है।
यह थीम बच्चों को भीड़ से अलग सोचने, अपनी गलतियों को स्वीकारने और उनसे सीखकर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
Modern School ने सेट किया नया बेंचमार्क
Cognito Exhibition के 40वें वर्ष में Modern School, अलीगंज ने यह साबित कर दिया कि शिक्षा केवल सही जवाब याद करने का नाम नहीं है, बल्कि गलत जवाबों से सही रास्ता खोजने की कला भी है।
Mediawithyou का नजरिया
Modern School की यह पहल केवल एक स्कूल इवेंट नहीं, बल्कि शिक्षा प्रणाली के लिए एक मजबूत संदेश है।
अगर बच्चों को सीखने की स्वतंत्रता दी जाए, तो वे केवल अच्छे विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि बेहतर इनोवेटर और समस्या समाधानकर्ता बन सकते हैं।
अब समय है सोच बदलने का —
गलतियों से डरना नहीं, उन्हें सेलिब्रेट करना ही असली शिक्षा है।
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गलतियों से मत डरो लेकिन गलतियों का सुधार करो
गलतियां करके सीख कर आगे बढ़ने की शिक्षा
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