जीरो टॉलरेंस बनाम जमीनी हकीकत: : किसान संगठन ने लगाएं गंभीर आरोप
Media With You
Sat, Aug 22, 2026
मीडिया विद यू फीचर स्टोरी
“जीरो टॉलरेंस बनाम जमीनी हकीकत: किसान संगठन की प्रेस गंभीर सवाल
लखनऊ / मेरठ | विशेष रिपोर्ट – MediaWithYou
उत्तर प्रदेश सरकार की “जीरो टॉलरेंस ऑन करप्शन” नीति एक बार फिर चर्चा में है। इस बार यह बहस किसी राजनीतिक बयान से नहीं, बल्कि भारतीय किसान यूनियन (इंडिया) की एक विस्तृत प्रेस विज्ञप्ति से सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और पारदर्शिता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
किसान संगठन का सीधा आरोप और जांच की मांग
भारतीय किसान यूनियन (इंडिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहलवान मुनेंद्र गुर्जर द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में मेरठ मंडी परिषद के उप निदेशक राजीव कुमार राय (PCS) के खिलाफ—
भ्रष्टाचार
पद के दुरुपयोग
अनियमितताओं
और कथित अघोषित संपत्ति
जैसे गंभीर आरोपों की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
संगठन ने स्पष्ट कहा है कि वह किसी को बिना जांच दोषी ठहराने की मांग नहीं कर रहा, बल्कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सत्यापन (Verification) चाहता है ।
750 करोड़ की कथित संपत्ति और Asset Verification
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित अधिकारी पर लगभग 750 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित करने का आरोप है।
हालांकि संगठन ने इसे अंतिम सत्य नहीं बताया, बल्कि इसकी स्वतंत्र Asset Verification और Disproportionate Assets एंगल से जांच की मांग की है ।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा के पुराने मामलों की भी जांच
किसान संगठन ने मांग की है कि—
गौतम बुद्ध नगर में SDM के रूप में पूर्व तैनाती के दौरान
भूमि उपयोग परिवर्तन
बिल्डर/डेवलपर से जुड़े प्रकरण
राजस्व अभिलेखों में बदलाव
जैसे मामलों की भी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए ।
मेरठ मंडी परिषद में Special Audit की मांग
संगठन ने वर्तमान कार्यकाल के दौरान—
खरीद और आवंटन
ठेकेदार चयन
निरीक्षण प्रक्रिया
वित्तीय निर्णय
जैसे सभी प्रमुख कार्यों का Special Audit कराने की मांग उठाई है ।
रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और स्वतंत्र एजेंसी से जांच की अपील
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया है कि—
Tender Files
Payment Records
Work Orders
Inspection Reports
जैसे सभी सरकारी रिकॉर्ड तुरंत सुरक्षित किए जाएं, ताकि जांच के दौरान किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो ।
संगठन ने साफ तौर पर मांग की है कि जांच उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान/एंटी करप्शन या किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।
“न निर्दोष फंसे, न दोषी बचे” — मुनेंद्र गुर्जर
राष्ट्रीय अध्यक्ष पहलवान मुनेंद्र गुर्जर ने स्पष्ट कहा—
“न किसी निर्दोष को फंसाया जाए, न भ्रष्टाचार में दोषी व्यक्ति को संरक्षण मिले।”
उन्होंने यह भी कहा कि यदि आरोप गलत हैं तो अधिकारी को राहत मिले, लेकिन यदि सही साबित होते हैं तो कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए ।
जीरो टॉलरेंस नीति पर बड़ा सवाल
यह प्रेस विज्ञप्ति सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश सरकार की “Zero Tolerance Policy” की परीक्षा लेती नजर आती है।
अगर सरकार इस मामले में—
निष्पक्ष जांच कराती है
Action Taken Report (ATR) सार्वजनिक करती है
तो यह नीति की साख को मजबूत करेगा।
वहीं, कार्रवाई में देरी या ढिलाई इस नीति पर सवाल खड़े कर सकती है।
आंदोलन की चेतावनी
किसान संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि—
निष्पक्ष जांच नहीं हुई
और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई
तो संगठन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा ।
निष्कर्ष
भारतीय किसान यूनियन (इंडिया) की यह प्रेस विज्ञप्ति केवल एक शिकायत नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ बढ़ते जनआक्रोश का संकेत है।
सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति अब सिर्फ एक घोषणा नहीं, बल्कि एक परीक्षा बन चुकी है—
जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्ष कार्रवाई ही असली कसौटी होगी।
(MediaWithYou के लिए विशेष फीचर रिपोर्ट)
Tags :
उत्तर प्रदेश सरकार
जीरो टॉलरेंस पर सवाल
मंडी समिति के सचिव पर
मेरठ मंडी समिति के सचिव पर भ्रष्टाचार क
विज्ञापन
विज्ञापन
जरूरी खबरें
विज्ञापन