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: जयपुर अजमेर हाईवे पर गैस टैंकर में विस्फोट की वजह से कई गाड़ियां जलकर राख भीषण हादसा

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Sat, Dec 21, 2024
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जयपुर 20 दिसंबर अगर दर्द और त्रासदी की बात करें तो जयपुर अजमेर हाईवे पर बस कैंटर और छोटी बड़ी गाड़ियों की जलने से जो हादसा हुआ उसे शब्दों में बताया नहीं जा सकता का कोई चेहरा होता,  शुक्रवार सुबह जयपुर-अजमेर हाईवे पर गैस टैंकर के विस्फोट के बाद अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है

राधेश्याम, जो जयपुर की नेशनल बियरिंग कंपनी लिमिटेड में मोटर मैकेनिक थे, अपने घर से रोज़ की तरह मोटरसाइकिल पर निकले थे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनकी यात्रा में एक बड़ी आपदा उनका इंतजार कर रही थी.

गैस टैंकर के विस्फोट के बाद राधेश्याम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें वह जलते हुए, 600 मीटर दूर तक मदद की गुहार लगाते हुए दिखे. इस दौरान राधेश्याम के शरीर से आग की लपटें निकल रही थीं और वह मुश्किल से अपने कदमों पर खड़ा हो पा रहे थे. हालांकि, उनकी मदद करने के बजाय, कई लोग केवल वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे

राधेश्याम के बड़े भाई अखेराम ने बताया, "सुबह 5:50 बजे एक अजनबी ने फोन करके मुझे बताया, 'हीरापुरा बस स्टैंड आ जाइए, आपके भाई को परेशानी हो गई है.'" आधी नींद में बेकाबू होकर, अखेराम और उनके पड़ोसी घटना स्थल पर पहुंचे, जहां उन्होंने देखा कि राधेश्याम सड़क पर पड़े हुए थे

अखेराम के मुताबिक, "लोगों ने बताया कि वह लगभग 600 मीटर तक चलकर मदद की गुहार लगाते हुए आए थे. लेकिन मदद करने के बजाय, लोग केवल वीडियो बना रहे थे." अखेराम ने कहा कि ट्रैफिक जाम के कारण एंबुलेंस का आना संभव नहीं था, इसलिए उन्होंने अपने भाई को अपनी कार में अस्पताल पहुंचाया.

राधेश्याम ने अस्पताल जाने के दौरान अपनी पूरी घटना को बयां किया. उन्होंने बताया कि कैसे विस्फोट से पहले ज़मीन हिली और अचानक लपटों ने सबकुछ घेर लिया. उन्होंने अपनी बाइक से कूदकर भागने की कोशिश की, लेकिन आग ने उन्हें पकड़ लिया. इसके बावजूद, वह जलते हुए भी भागते और चलते रहे, जब तक उन्हें किसी ने फोन कर अपने भाई का नंबर नहीं दिया.

राधेश्याम को SMS अस्पताल में भर्ती किया गया, लेकिन 85% जलने के कारण उनका जीवन बचाने का कोई चांस नहीं था. अखेराम ने कहा, "हमने सोचा था कि वह बच जाएंगे, लेकिन उनके शरीर की हालत ने हमारी उम्मीदों को तोड़ दिया." यह हादसा न सिर्फ राधेश्याम के परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक कड़वा सबक छोड़ गया है कि जब किसी को मदद की जरूरत हो, तो वीडियो बनाने की बजाय हाथ बढ़ाना ज्यादा जरूरी होता है

राजस्‍थान के जयपुर टैंकर हादसे में मारे गए  लोगों में से कइयों की शिनाख्‍त नहीं हो पा रही है। 20 दिसंबर 2024 को भांकरोटा में अजमेर हाईवे पर सुबह 5 बजकर 44 मिनट पर हुए जयपुर टैंकर एक्‍सीडेंट हादसे(Jaipur Tanker Accident) के बाद से पूर्व आईएएस करणी सिंह राठौड़ लापता हैं। वे भांकरोटा कृषि फार्म से सुबह जयपुर लौट रहे थे। अब डीएनए जांच की मदद से शव के अवशेष की जांच की जाएगी।

खबर है कि राजस्‍थान पुलिस पूर्व आईएएस करणी सिंह राठौड़ का पता लगाने के लिए उनकी बेटियों के सेंपल से डीएनए जांच करेगी। सेंपल का मिलान भांकरोटा में दुर्घटना स्‍थल पर मिले शव के अवशेष की जाएगी। अवशेष पूर्व आईएएस करणी सिंह राठौड़ की कार में मिले हैं। घटनास्‍थल पर मिली उनकी कार भी पूरी तरह जलकर राख हो गई। राठौड़ के मोबाइल की लास्‍ट लोकेशन टैंकर हादसा स्‍थल के पास की है। आशंका है कि जयपुर टैंकर एक्‍सीडेंट में जिंदा जलने से पूर्व आईएएस करणी सिंह राठौड़ की भी मौत हो गई।

कांस्‍टेबल अनीता मीणा के शव की भी मुश्किल से शिनाख्‍त

जयपुर टैंकर एक्‍सीडेंट हादसे में मरने वाले 14 लोगों में से अभी तक सात की शिनाख्‍त हो सकी है। उन्‍हीं में से एक थीं अनीता मीणा। राजस्‍थान पुलिस में कांस्‍टेबल अनीता मीणा भी जिंदा जल गई थी। वह बस में सवार होकर जयपुर के चैनपुरा में ड्यूटी पर जा रही थीं। मूलरूप से दूदू की रहने वाली थी। जिंदा जलने के बाद अनीता मीणा का शव एसएमएस अस्‍पताल के मुर्दाघर में रखा हुआ था, जहां काफी मशक्‍कत के बाद उसके पति कन्‍हैया लाल मीणा ने पैरों में पहनी बिछिया से अनीता मीणा के शव की शिनाख्‍त की।

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