: 45 लाख करोड़ के बजट में मोदी सरकार ने समाज के सभी वर्ग को साधने की कवायद
Thu, Feb 2, 2023
मोदी सरकार ने बुधवार को करीब 45 लाख करोड़ का बजट पेश किया. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अमृत काल का पहला बजट बताते हुए कहा कि आजादी के 100 साल बाद भारत की परिकल्पना का बजट हैमोदी सरकार ने अपने कोर वोटबैंक बने महिला, लाभार्थी, किसान और मिडिल क्लास पर फोकस रखते हुए बजट तैयार किया है.मोदी सरकार का बजट पूरी तरह से चुनावी बजट नजर आ रहा है, जिसके जरिए समाज के सभी वर्ग को साधने की कवायद की गई है.दरअसल, किसान, ग्रामीण, नौजवान, गरीब, महिलाएं, बुजुर्ग, दलित, पिछड़े, अति-पिछड़े, आदिवासी, सरकारी कर्मचारी, छोटे-बड़े व्यापारी, बड़े-छोटे उद्योगपति. ऐसे कई वर्ग हैं जिन्हें वोटबैंक की तरह देखा जाता है. स्वाभाविक रूप से चुनाव से पहले मोदी सरकार ने इन सभी वर्ग को आम बजट के लिए जरिए खुश करने की कवायद की है ताकि सत्ता की हैट्रिक लगा सके. इतना ही नहीं 2023 में होने वाले 9 राज्यों की चुनावी जंग को पार्टी फतह कर सके?लोकसभा चुनाव में सिर्फ एक साल का वक्त बाकी है जबकि 9 राज्यों खासकर मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और कर्नाटक में इसी साल चुनाव है. ये विधानसभा चुनाव साल 2024 के लिए सेमीफाइनल से कम नहीं है. ऐसे में यह बजट चुनावी बजट माना जा रहा है, जो बीजेपी के वोट बैंकों के लिए तोहफे से भरा हुआ है. मोदी सरकार ने गरीबों को पांच किलो फ्री राशन को एक साल तक के लिए बढ़ाकर बड़ा दांव चला है, जो लोकसभा चुनाव तक जारी रहेगा. इतना ही नहीं किसानों के लिए सौगात दी है तो मिडिल क्लास को नए टैक्स स्लैब में छूट दी गई है1..मोदी सरकार ने गरीब वर्ग के लिए अपने खजाने की तिजोरी खोल दी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि नई टैक्स रिजीम में टैक्स छूट की 5 लाख की सालान आय की सीमा बढ़ाकर 7 लाख कर दी गई है. अब साल में 7 लाख रुपये तक की कमाई करने वालों को इनकम टैक्स नहीं देना होगा. मान लीजिए आपकी आय नौ लाख रुपये है। ऐसे में आपको कुल 45 हजार रुपये टैक्स देना पड़ेगा. इसके अलावा जेल में बंद गरीब कैदी जो पैसों की तंगी के चलते अपनी बेल नहीं ले पाते हैं, उनका खर्च सरकार उठाएगी. ऐसे करीब दो लाख कैदी हैं, जिनकी सजा पूरी हो चुकी है, लेकिन रिहाई के लिए तय की गई रकम न होने से वह जेल में ही बंद रहते हैं. अब ऐसे गरीबों की मदद के लिए सरकार ने हाथ आगे बढ़ाया है2..केंद्रीय बजट में मोदी सरकार ने पीएम आवास योजना के लिए खजाना खोल दिया है. गरीबों के पास भी अपना घर हो, इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार ने पीएम आवास योजना को लेकर बजट में बड़ा ऐलान किया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री आवास योजना का बजट 66 फीसदी बढ़ाकर 79 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया है. इस योजना के तहत ग्रामीण और शहरी इलाके में आवास बनाने के लिए सरकार ढाई लाख रुपये की मदद देती है. पीएम आवास योजना बीजेपी के लिए ट्रंप कार्ड साबित हुआ है, जिसके कई चुनाव में लाभ मिला है. पीआईबी की एक अधिसूचना के अनुसार, तीन जनवरी, 2022 तक कुल 1.14 करोड़ घरों के निर्माण को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 53.42 लाख घरों का निर्माण और वितरण किया जा चुका है. अधिसूचना में कहा गया है कि नई तकनीकों का उपयोग करके 16 लाख घरों का निर्माण किया जा रहा3..सरकार ने सभी अंत्योदय और प्राथमिकता परिवारों को अगले साल 2024 तक मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराने का एलान किया है. वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) एक साल के लिए आगे बढ़ाई जा रही पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लगभग दो लाख करोड़ रुपये का बजट रखा गया है, जिसके जरिए 80 करोड़ गरीब लोगों को पांच किलो फ्री राशन दिया जाएगा. देश में किसी को भी भूखा न सोना पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए कोरोना महामारी के दौरान मोदी सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना शुरू की थी. बीजेपी को इसका लाभ बिहार से लेकर यूपी तक के चुनाव में मिल चुका हैआधी आबादी पर नजर4..मोदी सरकार के आने के बाद बीजेपी ने महिलाओं को अपना नया वोटबैंक बनाया है, जिसके दम पर लगातार जीत दर्ज कर रही है. ऐसे में महिलाओं को साधे रखने के लिए मोदी सरकार ने आम बजट में कई सौगात दी है. अमृत काल में महिलाओं के लिए नई बचत योजना का ऐलान किया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि दो साल के लिए इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है. मार्च 2025 तक महिलाएं 2 लाख रुपये तक महिला सम्मान बचत पत्र खरीद सकती हैं. इस पर 7.5 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज दिया जाएगा. जरूरत पड़ने पर इस पैसे की आंशिक निकासी भी की जा सकेगी5..मोदी सरकार ने गांव और किसानों के लिए कई बड़े एलान किए हैं. सरकार ने इस साल किसानों को 20 लाख करोड़ तक ऋण बांटने का लक्ष्य रखा है तो मोटे अनाज को बढ़ावा देने के लिए श्री अन्न योजना की शुरुआत की है. केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा कि प्राथमिकता के तहत कृषि के लिए डिजिटल लोक अधोसंरचना का निर्माण होगा. किसानों को खेती की योजना बनाने, बीमा, कर्ज, मार्केट इंटेलिजेंस और कृषि आधारित उद्योगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी. उत्पादन क्षमता और लाभ कमाने की क्षमता भी बढ़ेगी. किसान, सरकार और उद्योगों के बीच समन्वय बढ़ेगा. इसके लिए एग्रीकल्चर एक्सीलेटर फंड बनाया जाएगा ताकि कृषि क्षेत्र में स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा सके. सरकार ने बजट में मत्स्य संपदा की नई उपयोजना में 6000 करोड़ के निवेश का फैसला लिया है. उद्देश्य ग्रामीण संसाधनों का उपयोग करके ग्रामीण विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तेज़ी से बढ़ावा देना है6..बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हम कौशल आधारित शिक्षा नीति लाएंगे। एक राज्य-एक उत्पाद योजना शुरू होगी। 47 लाख युवाओं को 3 साल तक भत्ता दिया जाएगा। आदिवासी छात्रों के लिए बड़ा ऐल केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि अगले तीन वर्षों में, सरकार आदिवासी छात्रों को समर्थन देने वाले 740 एकलव्य मॉडल स्कूलों के लिए 38,800 शिक्षकों और सहायक कर्मचारियों को नियुक्त करेगी।7.वित्तिय वर्ष 2023-24 के लिए आज लोकसभा में बजट पेश किया जा रहा है। इस दौरान देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बच्चों और युवाओं को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। उन्होंने बच्चों और युवाओं के लिए नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की घोषणा की है।8..157 नए नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे इसके अलावा कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 10 लाख करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है। रेल और रोड जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के इन्वेंस्टमेंट पर ज्यादा जोर दिया गया है। इसी तहत 157 नए नर्सिंग कॉलेज खोले जाएंगे। बता दें कि साल 2014 से अब तक कुल 157 मेडिकल कॉलेज खोले गए थे।9..वरिष्ठ नागरिक बचत योजना की जमा सीमा को दोगुना कर 30 लाख रुपये करने और मासिक आय खाता योजना को 9 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा, 'वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के लिए अधिकतम जमा की सीमा 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये की जाएगी।' इसके साथ ही उन्होंने मासिक आय खाता योजना के तहत भी अधिकतम जमा की सीमा दोगुना कर 9 लाख रुपये किए जाने की घोषणा की। फिलहाल इस योजना के तहत अधिकतम 4.5 लाख रुपये का निवेश किया जा सकता है।10..महिलाओं के लिए नयी लघु बचत योजना वित्त मंत्री ने बजट में महिलाओं के लिए एक नई लघु बचत योजना शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने 'महिला सम्मान बचत पत्र' लाने का ऐलान करते हुए कहा कि इस नई बचत योजना को दो साल के लिए लाया जा रहा है जिसमें किसी महिला या लड़की के नाम पर दो लाख रुपये तक का एक बार में निवेश किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 7.5 प्रतिशत की निश्चित दर से ब्याज मिलेगा। हालांकि, आंशिक निकासी का विकल्प भी मिलेगा।
: एकलव्य स्कूलों के लिए 38 हजार 800 टीचर्स और सपोर्ट स्टाफ नियुक्त किए जाएंगे।
Wed, Feb 1, 2023
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस वक्त अपना पांचवा बजट पेश कर रही हैं। इस दौरान वे अलग-अलग वर्गों के लिए अहम घोषणाएं कर रही हैं। इसमें अगर एजुकेशन सेक्टर की बात करें तो उन्होंने घोषणा कि है कि, आने वाले तीन वर्षो में एकलव्य स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्तियां की जाएंगी।इसके तहत 740 एकलव्य स्कूलों के लिए 38 हजार 800 टीचर्स और सपोर्ट स्टाफ नियुक्त किए जाएंगे। वित्त मंत्री निर्मला ने यह भी कहा कि डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी। निर्मला सीतारमण बजट पेश कर रही हैं. उन्होंने कहा कि यह अमृतकाल का पहला बजट है. उन्होंने कोविड काल में मुफ्त अनाज दिये जाने का जिक्र किया और कहा कि ये योजना इस साल दिसंबर तक जारी रहेगा.
: वित्त मंत्री ने एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए बजट में खास ध्यान दिया
Wed, Feb 1, 2023
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना अंतिम पूर्ण बजट पेश कर रही हैं। इस बजट के साथ वह देश की पहली ऐसी महिला हो गई हैं, जिसने देश का आम बजट 5 बार पेश किया हो।
आज सुबह 11 बजे से देश का बजट पेश होना शुरु हो गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए बजट में खास ध्यान दिया है। उन्होनें कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक कृषि उत्पादक वाला देश है। सरकार हैदराबाद को उतकृष्ठता केंद्र के रुप में बढ़ावा दिया जाएगा तथा एफपीओ के लिए आईटी-आधारित समर्थन सहित प्रौद्योगिकी शामिल होगी।पीएम मतस्य योजना की सरकार शुरुआत करने जा रही है, जिसके लिए 6,000 करोड़ रुपये का निवेश सरकार करेगी। मछुआरों के लिए स्पेशल पैकेज भी सरकार देगी। सरकार सहकारिता मॉडल को बढ़ावा दे रही है। किसानों को 20 लाख करोड़ का ऋण देगी तथा उसे डिजिटल ट्रेनिंग मुहैया कराएगी। एक साल तक किसानों को लोन में छूट मिलेगी। उसपर कोई ब्याज नहीं वसूला जाएगा। युवाओं के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना की भी शुरुआत करेगी।पिछले साल 1.40 लाख करोड़ का हुआ था आवंटनफाइनेंसियल वर्ष 2022-23 के लिये कृषि क्षेत्र के लिए सरकार की ओर से 1.40 लाख करोड़ का आवंटन किया गया था, जोकि 2021-22 के अनुमानों से बहुत अधिक था। बता दें, मौजूदा समय में सीमांत किसानों को क्रेडिट कार्ड पर 1,0000 से 5,0000 हजार तक का लोन बहुत ही कम ब्याज पर मिलता है, जहां किसान इस पैसे का उपयोग खाद, बीज, कृषि उपकरणों की खरीद पर करते हैं। दूसरी ओर बीते सालों से खाद की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुईकृषि सेक्टर के लिए स्टार्ट-अप फंडकृषि में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम पर जोर देने के साथ नाबार्ड के माध्यम से मिश्रित पूंजी वाले फंड की सुविधा का ऐलान पिछले बजट में केंद्र सरकार ने किया था। सह-निवेश मॉडल के तहत जुटाई गई निधि का उद्देश्य कृषि और ग्रामीण उद्यम के लिए स्टार्टअप्स का वित्तपोषण करना है जो कृषि उपज मूल्य श्रृंखला के लिए प्रासंगिक है। इन स्टार्टअप्स की गतिविधियों में अन्य बातों के साथ-साथ कृषि स्तर पर किराये के आधार पर किसानों के लिए मशीनरी, और एफपीओ के लिए आईटी-आधारित समर्थन सहित प्रौद्योगिकी शामिल होगी।