: हाई स्पीड ट्रेन और ट्रैक की ड्रोन से होगी निगरानी टेक्नोलॉजी के युग में टेक्नोलॉजी को बनाया जाएगा हथियार
Fri, Nov 18, 2022
लखनऊ में गुरुवार को तीन दिवसीय इनु रेल प्रदर्शनी का शुभारंभ अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन आरडीएसओ राजाजीपुरम मानक नगर में किया गया जिस के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए आरडीएसओ के महानिदेशक श्री संजीव भूटानी ने कहां है कि बंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का दूसरा वर्जन भी आरडीएसओ ने ही डिजाइन किया है सन 1957 मैं स्थापित अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन घरेलू कंपनियों के उत्पादों को लगातार बढ़ावा देकर निरंतर अपने लक्ष्य को प्राप्त करता रहा है उच्च गुणवत्ता परक उत्पादों का प्रयोग करते हुए भारतीय रेलवे लगातार उन्नत हो रही है
इनो रेल के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर रहे मंगल देव ने बताया है कि भारतीय रेलवे देश में सबसे बड़ा और विश्व में में चौथे नंबर का नियोक्ता है प्रदर्शनी में इटली फ्रांस स्पेन एवं जापान सहित 15 देशों सी आई हुई कंपनियों ने तथा 100 से अधिक देसी भारतीय कंपनियों ने इस प्रदर्शनी में हिस्सा लिया नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन के मैनेजर( पीआर) निशंक भानु ने बताया है कि अहमदाबाद मुंबई हाई स्पीड ट्रेन के लिए अहमदाबाद से मुंबई के बीच 101 किलोमीटर का सेक्शन तैयार कर लिया गया है 2026 तक इसके ट्रायल होने का लक्ष्य रखा गया है जिसको हम पूरा करेंगेरेल मंत्रालय द्वारा किए जाने वाले इस प्रकार के कार्यक्रमों का उद्देश्य गुणवत्ता परक मानकों पर आधारित हाई टेक्नोलॉजी बेस्ट उत्पादों का प्रयोग कर लगातार भारतीय रेलवे को समर्थ सक्षम बनाने पर जोर दिया जाता है हर 2 साल में होने वाली इस प्रदर्शनी का आयोजन सन 2018 के बाद से नहीं हो सका वंदे भारत बुलेट तेजस एवं मेट्रो ट्रेन से संबंधित तथा रेलवे से जुड़े अन्य उत्पादों को बनाने वाली देसी विदेशी तमाम कंपनियों ने इस प्रदर्शनी में हिस्सा लिया सीआईआई उत्तर प्रदेश की अध्यक्ष विनम्र अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया है कि स्टैंडर्ड अथॉरिटी के मानकों के अनुसार 15 देशों के प्रयोग में की उन्नत रेलवे से जुड़े उत्पादन में संलग्न कंपनियों ने इस प्रदर्शनी में हिस्सा लिया है जबकि 125 भारतीय कंपनियों की भागीदारी रही हैहाई स्पीड बुलेट ट्रेन एडवांस्ड सिगनलिंग के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मशीन लर्निंग डाटा संग्रहण क्लाउड कंप्यूटिंग से जुड़े एवं रेलवे ट्रैक से जुड़ी कंपनियों ने इस आयोजन में भाग लिया उन्नत एवं विकसित हो रही प्रणाली को रेल मंत्रालय सुरक्षा एवं सुगमता को भी लगातार प्रौद्योगिकी के माध्यम से विकसित किया जा रहा है इस आयोजन का मुख्य आकर्षण एल्डिन एवं ओमनीप्रेजेंट रोबोट टेक्नोलॉजी द्वारा उन्नत एवं विकसित ह हंस B5 नमक रोबोट ड्रोन का विकास किया है जोकि रेलवे की ट्रैक सिग्नल एवं सुरक्षा से संबंधित जानकारी में अहम भाग निभा सकता है साथ ही साथ भारत के बॉर्डर पर तैनात फॉरसिस को पेट्रोलिंग में मदद पहुंचा सकता है सही मायने में ओमनीप्रेजेंट रोबोट टेक्नोलॉजी द्वारा विकसित उन्नत हंस B5 ड्रोन से न केवल भारतीय रेलवे से संबंधित ट्रैक बल्कि सीमा पर तैनात उन सुरक्षाबलों की आकाश से झांकती हुई आंखें होंगी जो सुरक्षा एवं उनकी निशानदेही के लिए पुख्ता रूप से काम करेंगे इस ड्रोन की खासियत होगी कि एक बार की चार्जिंग के बाद लगातार 3 घंटे की फ्लाइट ले सकता है
: बुक कैफे बच्चों को देता है पढ़ाई के साथ खेलने का भी मौका
Sat, Nov 12, 2022
आजकल बच्चों को पढ़ाई के साथ भी फन चाहिए होता है तो ऐसे में बुक कैफे और लाइब्रेरी का ट्रेंड समाज में आकार ले रहा है जहां पहले शहर या कॉलेज मैं एक या दो लाइब्रेरी या पुस्तकालय देखने को मिलते थे आज के समय में परिवेश बदल रहा है आपने देखा होगा हमारे समाज में गली मोहल्लों में तमाम छोटी-बड़ी लाइब्रेरी उदय हुई है जिसका की लाभ आज की युवा पीढ़ी और पढ़ने वाले बच्चे लेते हुए देखे जा सकते हैं यह पुस्तकालय खोलने का चलन जहां एक और युवाओं को अपने सब्जेक्ट से संबंधित पुस्तक उपलब्ध कराने का कार्य करता है वही उनको पढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण भी उपलब्ध कराता है साथ ही साथ खाली पड़ी तमाम कमर्शियल और घरेलू जगहों का सदुपयोग करते हुए बुद्धिजीवी इसको व्यापार का भी आकार देने लगे हैं जो भी पाठक इन लाइब्रेरी में आते हैं वह पाठ्य सामग्री के साथ साथ अनुकूल माहौल पानी चाय कोल्ड ड्रिंक की सुविधा व बैठने की आरामदायक वातानुकूलित जगह को देखते हुए उचित मूल्य भी लाइब्रेरी या पुस्तकालय संचालक को प्रदान करते हैं जिससे कि वह इन निजी पुस्तकालय को और सुविधाजनक बनाया जा सकेआजकल प्राइमरी क्लास के बच्चे भी इन पुस्तकालय के प्रति आकर्षित हुए हैं ऐसे निजी पुस्तकालय उन्हें जहां बच्चों का पुस्तकों के प्रति ध्यान आकर्षित किया है वही एक नया रोजगार भी विकसित किया है अभी पाठ्य सामग्री के आधार पर देखा जाए तो प्राइमरी शिक्षा से संबंधित बच्चों को पाठ्य सामग्री ऐसी पुस्तकालय में उपलब्ध नहीं हो पाती है जिससे कि वह 1 और खेल और पढ़ाई को मिश्रित करते हुए अपने अपने घरों में भी छोटा सा पुस्तकालय या बुक कैफे स्थापित कर सकते हैं जिससे कि उनको पढ़ाई के साथ-साथ खेल का भी आनंद आएगा और स्थान परिवर्तन से अनुकूल माहौल भी बनेगा ऐसे ही कुछ टिप्स विद्यार्ट्री मॉडर्न स्कूल में पढ़ने वाली सिक्स स्टैंडर्ड की स्टूडेंट आर्य गुप्ता और सेकंड स्टैंडर्ड की स्टूडेंट समृद्धि गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया है कि हमारे घर में जो भी हमारे सब्जेक्ट से रिलेटेड स्टोरी टाइप की कोई भी बुक्स जो पुरानी क्लास की थी या मार्केट में उपलब्ध है ऐसी सभी बुक्स को एक जगह एकत्रित करके घर में किसी खाली पड़े स्थान को बुक कॉर्नर या बुक कैफे नाम से आकार दिया जा सकता है और अपने मनोरंजन के हिसाब से समय-समय पर अपनी रेगुलर स्टडीज के बाद अपने माइंड को फ्रेश करने ऐसे बुक कॉर्नर में आकर अपने मनपसंद की पुस्तकों का आनंद उठाया जा सकता है साथ में कुछ स्नैक्स या कंसंट्रेट करने वाला म्यूजिक हो तो और भी आनंद आता है आप भी ट्राई करें