: प्रेग्नेंट 'पापा' ने दिया बच्चे को जन्म, बेबी बंप की तस्वीरें वायरल
Thu, Feb 9, 2023
केरल के फेमस ट्रासंजेंडर कपल के घर गुड न्यूज आई है. ट्रांसमैन सहद ने एक प्यारे से बच्चे को जन्म दिया है. सहद और जिया देश के पहले ऐसे ट्रांसजेंडर कपल हैं, जिनका अपना बच्चा हैदोनों के दोस्त एडम ने कहा है कि सहद और उनका बच्चा दोनों ठीक है. सहद देश के पहले ऐसे 'पापा' हैं, जिन्होंने अपने बच्चे को जन्म दिया हैकेरल यह ट्रांसजेंडर कपल कई दिनों से सुर्खियों में रहा है. दोनों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. दरअसल प्रेग्नेंट व्यक्ति अब पुरुष है. पुरुष को गर्भवती देखकर लोग हैरान रह गए और कपल अचानक से चर्चा में आ गया. ट्रांसजेंडर समाज दोनों के लिए बेहद खुश हैसहद पवाल की उम्र अभी 23 साल है, वहीं जिया 21 साल की हैं. सहद पहले पुरुष थे. उन्होंने दो साल पहले अपना जेंडर बदलने का फैसला किया. उनकी हॉरमोन थेरेपी चल ही रही थी, तभी बीच में इस थेरेपी को रोक देना पड़ा. उन्होंने ब्रेस्ट रिमूवल तो करा लिया था लेकिन बाकी हॉर्मोन थेरेपी बेबी कंसीव करने की वजह से रोकनी पड़ी. सहद जब प्रेग्नेंट हुए तब उनकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर छा गईंऐसा अचंभा कभी नहीं हुआ जब कोई पुरुष की प्रेग्नेंट हो गया हो. उनकी लिंग बदलने की प्रक्रिया रोक दी गई है. सोशल मीडिया पर इस ट्रांस कपल की तस्वीरें छाई हुई हैं. सहद बीते 8 महीने से प्रेग्नेंट थे. वह खुद को पुरुष मानते हैं. उनकी साथी जिया एक ट्रांसवूमेन हैं, जो ट्रांजिशनिंग पीरियड से गुजर रही हैंसहद और उनकी साथी जिया का यह अपना बच्चा है. अब बच्चे का जन्म हो गया है, इसलिए दोनों कुछ महीने बाद लिंग परिवर्तन की प्रक्रिया जारी रखेंगे. सहद क्लासिकल डांसर हैं. वह कहते हैं, 'हमने 3 साल पहले तय कियाया था कि हम साथ रहेंगे. हमने सोचा कि हम बाकी ट्रांसजेंडर्स से थोड़ा अलग रहेंगे. ज्यादातर ट्रांसजेंडर्स का उनके परिवार और समाज के लोग बॉयकॉट करते हैं. हमें एक बच्चा चाहिए था, ताकि हम अपने समाज में एक उदाहरण पेश करेंगेजिया ट्रांस वूमेन हैं. उनकी थेरेपी भी रुकी हुई थी. अब एक बार दोबारा हार्मोनल ट्रीटमेंट शुरू होगा, जिससे वह पूरी तरह महिला बन सकें. बच्चे का जन्म हो गया है, ऐसे में कुछ महीने बाद सहद भी ट्रांस पुरुष बनने की प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराएंगे. दोनों नई पहचान के साथ अपनी जिंदगी शुरू कर चुके हैं. ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के लिए यह खबर बेहद खूबसूरत है
: तुर्किए में 7.8 तीव्रता के भूकंप के झटके, कई इमारतों को नुकसान, सीरिया तक कांपी धरती
Mon, Feb 6, 2023
भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। नूर्दगी से 23 किलोमीटर पूर्व की ओर यह झटके महसूस किए गए। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान पांच लोगों की मौत हो गई है।इमारतों को नुकसान पहुंचा है। यह आंकड़ा अभी बढ़ भी सकता है। सनलिउर्फा मेयर ने इसकी पुष्टि की है।यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के मुताबिक, भूकंप का केंद्र गाजियांटेप से लगभग 33 किलोमीटर (20 मील) और नूरदगी शहर से लगभग 26 किलोमीटर (16 मील) दूर था। यह 18 किलोमीटर (11 मील) की गहराई पर केंद्रित था।जानकारी के मुताबिक, भूकंप के झटके दूर सीरिया तक महसूस किए गए। भूकंप के झटके इतने तेज थे कि कई इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें आई हैं। संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की मानें तो भूकंप की वजह से कई लोगों के हताहत होने की आशंका है।राष्ट्रपति एर्दोगन बोले- इस आपदा से मिलकर निपटेंगेतुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तईप एर्दोगन ने ट्विटर पर कहा कि भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों में खोज और बचाव दलों को तुरंत भेजा गया। हमें उम्मीद है कि हम इस आपदा को एक साथ जल्द से जल्द और कम से कम नुकसान के साथ पार कर लेंगे।
: संत रविदास जी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको नमन किया
Sun, Feb 5, 2023
गुरु रविदास के जन्मदिन को गुरु रविदास जयंती के रूप में भारत में मनाया जाता है। रविवार 5 फरवरी को संत रविदास जी की जयंती मनाई जा रही है।ये माघ पूर्णिमा यानी माघ महीने में पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। यह वर्षगांठ भारत में दुनिया भर के लोगों द्वारा मनाई जाती है। इस दिन श्रद्धालु नदी में पवित्र स्नान करके अनुष्ठान करते हैं। रविदास जयंती 2020 में 9 फरवरी और 2021 में 16 फरवरी को मनाई गई थी। जातिवाद का मुकाबला करने के उनके प्रयासों के कारण, गुरु रविदास को आध्यात्मिक व्यक्ति और समाज सुधारक दोनों के रूप में माना जाता है। वह संत कबीर के समय में थे। संत रविदास जी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनको नमन किया है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, ''संत रविदास जी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए हम उनके महान संदेशों का स्मरण करते हैं। इस अवसर पर उनके विचारों के अनुरूप न्यायप्रिय, सौहार्दपूर्ण और समृद्ध समाज के अपने संकल्प को दोहराते हैं। उनके मार्ग पर चलकर ही हम कई पहलों के जरिए गरीबों की सेवा और उनका सशक्तिकरण कर रहे हैं।''गुरु रविदास मध्यकाल एक भारतीय संत थे, जिन्होंने समाज में फैली जात-पात का विरोध किया था। इन्होंने रैदासिया अथवा रविदासिया पंथ की स्थापना की थी।-गुरु रविदास (रैदास) का जन्म वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर गांव में हुआ था। उनका जन्म विवार को संवत 1398 को हुआ। इनके पिता का नाम संतोख दास तथा माता का नाम कलसां देवी था।रविदास जयंती पर, उनके अनुयायी उनका जन्मदिन मनाने के लिए उनके जन्मस्थान पर जाते हैं। रविदास जयंती के दिन रविदास जी का जन्मदिन मनाया जाता है। रविदास जी जाति व्यवस्था को खत्म करने के अपने काम के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने भक्ति आंदोलन में भी योगदान दिया है और कबीर जी के घनिष्ठ मित्र और शिष्य के रूप में प्रसिद्ध थे। उनके और कबीर जी के बीच अध्यात्म पर बहुत सारी बातचीत होती थी। उनकी शिष्या मीराबाई थीं।-रविदासिया धर्म, के लोग सिर्फ रविदास जी को मानते हैं। इसके अलावा कबीरपंथी, सिख भी रविदास जी की पूजा करते हैं।