: माफियाओं को मिट्टी में मिलाने का एक्शन जारी अतीक के एक और करीबी का घर ढाया
Fri, Mar 3, 2023
प्रयागराज में हुए हत्याकांड के बाद प्रयागराज में उत्तर प्रदेश पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. आज अतीक के करीबी सफदर अली के घर को ढहाने की कार्रवाई की गई. इसके पहले प्रयागराज के चकिया इलाके में मौजूद सफदर अली का घर खाली कराया गया मौके पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण और पुलिस की टीम मौजूद थे. सफदर और उसके बेटों का कहना है कि हमारा अतीक से और उमेश पाल के हत्यारों से कोई संबंध नहीं हैचकिया इलाके में मौजूद सफदर के जिस मकान पर कार्रवाई की जानी है, वह सफदर के दो बेटों फजल अब्बास और सैयद कमर अब्बास के नाम पर है. सफदर अली और उनके दोनों बेटों का कहना है कि उनका कभी अतीक अहमद या उनके गैंग से कोई रिश्ता नहीं रहा.जॉनसन रोड पर गन उनका हाउस है. उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों से भी कोई रिश्ता नहीं है. प्रयागराज विकास प्राधिकरण ने कभी कोई नोटिस नहीं दिया. आज अचानक घर खालीकर मकान गिराने की बात बताई कही जा रही है
पहले किया विरोध, फिर करने लगे घर खाली
सफदर अली के घर जब प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंची और घर खाली करने का कहा, तो परिवार ने गेट बंद करके विरोध किया. मगर, स्थानीय पुलिस और प्रशासन ने सरकारी काम में बाधा पहुंचाने की बात कही, तो सब शांत हो गएफिर घर वाले खुद ही सामान लेकर बाहर निकालने लगे. इसके बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई. करीब ढाई घंटे में पांच मशीनों के जरिए सफदर अली का दो मंजिला मकान जमींदोज कर दिया गया.
तोड़ा गया था जफर का घर
बुधवार को प्रयागराज में अतीक अहमद के करीबी बिल्डर खालिद जफर के घर पर बुलडोजर चला. अतीक अहमद के घर के बगल में रहने वाले बिल्डर खालिद जफर की अवैध संपत्ति पर प्रयागराज विकास प्राधिकरण का बुलडोजर चला था. इस दौरान खालिद जफर के घर से दो विदेशी बंदूक और एक तलवार बरामद हुई थी.प्रयागराज के चकिया स्थित इस दो मंजिला इमारत में ही उमेश पाल हत्याकांड के बाद शूटर, अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता से मिलने आए थे और मिलने के बाद फरार हो गए थे. गौरतलब है कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में कहा था कि हम माफिया को मिट्टी में मिला देंगे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस बयान का असर अब जमीन पर दिखने लगा है.
: मरीज हित में हो रहीं कार्रवाई, नहीं बख्शे जाएंगे दोषी: ब्रजेश पाठक
Thu, Mar 2, 2023
लखनऊ। 2 मार्च
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम उठाये जा रहे हैं। लगातार अस्पतालों का निरीक्षण किया जा रहा है। हम मरीजों की चिंता कर रहे हैं। उन्हें जांच, डॉक्टर की सलाह व दवा मुहैया कराने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। इससे पहले की सरकार को मरीजों से कोई सरोकार नहीं था। विपक्षी बेवजह की बयानबाजी कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को सदन में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने विपक्ष को करार जवाब दिया।https://youtu.be/qUsE5zRX1cQउप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि अस्पतालों में कौन दवा सप्लाई कर रहा है? कौन मशीनें लगा रहा है? बेड, चादर व बिल्डिंग निर्माण कौन करा रहा है? इससे हमारा कोई संबंध नहीं है। यह काम हमारे अधिकारियों का है। अधिकारी इन जिम्मेदारों को निभा रहे हैं। हम मरीजों के हितों में काम कर रहे हैं। व्यवस्थाओं को देख रहे हैं। कमी मिलने पर कार्रवाई भी कर रहे हैं।*
पारदर्शी हुई व्यवस्था*
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक सरकारी अस्पताल व मेडिकल संस्थानों में खराब होने वाली मशीनों का कोई ब्यौरा नहीं होता है। सरकार ने एप तैयार कराया। इसमें खराब होने वाली मशीनों का ब्यौरा दर्ज करना होता है। उसके बाद जिम्मेदार मशीन को दुरुस्त कराते हैं। इसमें लेटलतीफी होने पर कार्रवाई तक हो रही है। जुर्माना भी ठोंका जा रहा है। इस व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
*
गर्भवती महिलाओं की जांच आसान*
ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा दुरुस्त की गई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राइवेट डायग्नोसिस्ट सेंटरों से करार किया गया है। ई वाउचर के माध्यम से प्राइवेट सेंटरों में गर्भवती महिलाएं जांच करा रही हैं। इससे मातृ शिशु मृत्युदर के आंकड़ों में कमी लाने में मदद मिलेगी।
सपा सरकार में स्वास्थ्य सेवाएं हाशिए पर थीं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सदन के वरिष्ठ सदस्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक रुपये का बजट देने की बात कर रहे हैं। यह प्रदेश की जनता के साथ बड़ा मजाक है। कानपुर के कॉर्डियोलॉजी सेंटर, मेरठ, बांदा समेत दूसरे जिलों के अस्पतालों को और बेहतर किया जा रहा है। पर्याप्त बजट भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के प्रति मरीजों का भरोसा बढ़ा है। रोज डेढ़ लाख से ज्यादा मरीज ओपीडी में आ रहे हैं।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी तक सरकारी अस्पताल व मेडिकल संस्थानों में खराब होने वाली मशीनों का कोई ब्यौरा नहीं होता है। सरकार ने एप तैयार कराया। इसमें खराब होने वाली मशीनों का ब्यौरा दर्ज करना होता है। उसके बाद जिम्मेदार मशीन को दुरुस्त कराते हैं। इसमें लेटलतीफी होने पर कार्रवाई तक हो रही है। जुर्माना भी ठोंका जा रहा है। इस व्यवस्था में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है।
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गर्भवती महिलाओं की जांच आसान*
ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं की अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा दुरुस्त की गई है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राइवेट डायग्नोसिस्ट सेंटरों से करार किया गया है। ई वाउचर के माध्यम से प्राइवेट सेंटरों में गर्भवती महिलाएं जांच करा रही हैं। इससे मातृ शिशु मृत्युदर के आंकड़ों में कमी लाने में मदद मिलेगी।
सपा सरकार में स्वास्थ्य सेवाएं हाशिए पर थीं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सदन के वरिष्ठ सदस्य स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक रुपये का बजट देने की बात कर रहे हैं। यह प्रदेश की जनता के साथ बड़ा मजाक है। कानपुर के कॉर्डियोलॉजी सेंटर, मेरठ, बांदा समेत दूसरे जिलों के अस्पतालों को और बेहतर किया जा रहा है। पर्याप्त बजट भी जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों के प्रति मरीजों का भरोसा बढ़ा है। रोज डेढ़ लाख से ज्यादा मरीज ओपीडी में आ रहे हैं।
: मुख्यमंत्री योगी के बयान से माफियाओं में हड़कंप अतीक अहमद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
Thu, Mar 2, 2023
समाजवादी पार्टी (सपा) के पूर्व सांसद और गैंगस्टर अतीक अहमद ने अपनी सुरक्षा के लिए बुधवार को उच्चतम न्यायालय का रुख किया और दावा किया कि उसे और उसके परिवार को प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड मामले में आरोपियों के रूप में गलत तरीके से ''शामिल'' किया गया है और उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा उसे फर्जी मुठभेड़ में मारा जा सकता है। क्या वास्तविक माफिया गैंगस्टर मुख्यमंत्री योगी के उस बयान से डर गया है जिसमें कहा गया था की माफियाओं को मिट्टी में मिला दूंगाजीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी के बयान से समस्त माफिया में दहशत व्याप्त है 2005 में बसपा विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह उमेश पाल की बीते शुक्रवार को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी साथ ही उनके दोनों गनर को गोली एवं बम मारकर गंभीर रूप से घायल किया जिसमें की एक गनर संदीप निषाद की मौके पर मौत हो गई थी इधर लखनऊ में मौजूदा विधानसभा के बजट सत्र में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार और विपक्ष में खासी नोकझोंक हुई तभी मुख्यमंत्री योगी को माफियाओं को मिट्टी में मिला दूंगा वाला बयान देना पड़ाकानून व्यवस्था को चुनौती देती हुई प्रयागराज की दिनदहाड़े हुई उमेश पाल की हत्या कांड की वारदात के बाद उत्तर प्रदेश का पुलिस एवं एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई हत्यारों के खिलाफ जारी है जिसमें कि 13 लोगों की शिनाख्त कर ली गई एवं धरपकड़ अभियान के तहत एक को मार गिराया गया इसी से अहमदाबाद केंद्रीय जेल में बंद अतीक अहमद ने अपनी याचिका में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विधानसभा में दिये गये उस कथित बयान का हवाला दिया कि उसे ''पूरी तरह से मिट्टी में मिला दिया जायेगा'' और दावा किया कि उसे और उसके परिवार के सदस्यों को ''जान का वास्तविक और प्रत्यक्ष खतरा है।'' उसने कहा कि इस बात की पूरी संभावना है कि उत्तर प्रदेश पुलिस उसकी ट्रांजिट रिमांड मांगेगी और उसे अहमदाबाद से प्रयागराज ले जाने के लिए पुलिस रिमांड भी मांगेगी और उसे ''ऐसी आशंका है कि इस ट्रांजिट अवधि के दौरान फर्जी मुठभेड़ में उसे मार गिराया जाये।'' उच्चतम न्यायालय में दायर अपनी याचिका में 61 वर्षीय अहमद ने राज्य के उच्च पदाधिकारियों से उसके जीवन को ''खुले और प्रत्यक्ष खतरे'' से बचाने के लिए उसके जीवन की रक्षा करने के निर्देश केंद्र, उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य को देने का अनुरोध किया है।याचिका में कहा गया है, ''उमेश पाल की हत्या के बाद, विपक्ष ने सदन में आग में घी डालने का काम किया और मुख्यमंत्री को यह कहने के लिए उकसाया कि..'माफिया को मिट्टी में मिला दूंगा' और उस समय सदन में चर्चा याचिकाकर्ता पर ही चल रही थी।'' याचिका में आरोप लगाया गया है, ''याचिकाकर्ता (अहमद) वास्तव में इस बात को लेकर आशंकित है कि उसे उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा किसी न किसी बहाने फर्जी मुठभेड़ में मार दिया जा सकता है, विशेष रूप से मुख्यमंत्री योगी द्वारा सदन में दिये गये बयान को देखते हुए।'' बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके पुलिस सुरक्षाकर्मी संदीप निषाद की पिछले शुक्रवार को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उमेश पाल 2005 में प्रयागराज में हुई हत्या के मामले में मुख्य गवाह था जिसमें अहमद और अन्य मुख्य आरोपी हैं। उमेश पाल हत्याकांड का एक आरोपी अरबाज सोमवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया था। मुठभेड़ में धूमनगंज थाने के एसएचओ राजेश मौर्य भी घायल हो गए थे। यह याचिका उस दिन दायर की गई है जिस दिन प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) ने अहमद के एक करीबी सहयोगी के घर को ध्वस्त कर दिया है।प्रयागराज विकास प्राधिकरण के सचिव अजीत सिंह ने कहा कि जफर अहमद के घर पर बुलडोजर चला दिया गया है। उन्होंने बताया कि अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन पहले इसी घर में रहती थी। अधिकारी ने कहा, ''उक्त मकान का निर्माण प्राधिकरण से नक्शा पास कराये बिना किया गया था और इसके संबंध में पूर्व में एक नोटिस जारी किया गया था।'' इस बीच अहमद ने याचिका में उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्र को निर्देश देने का अनुरोध किया और कहा कि उसे और उसके परिवार के सदस्यों को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचाया जाए। अहमद ने उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य को अहमदाबाद की केंद्रीय जेल से प्रयागराज या उत्तर प्रदेश के किसी अन्य हिस्से में उसे नहीं ले जाने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया है। उसने अपने वकील को पूछताछ के दौरान उपस्थित रहने की अनुमति देने और केंद्रीय जेल अहमदाबाद से प्रयागराज ले जाने के लिए किसी भी अदालत द्वारा जारी किए गए वारंट को भी रद्द करने का अनुरोध किया है। याचिका में दावा किया गया कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने बिना किसी जांच के और केवल संदेह के आधार पर राज्य विधानसभा में बयान दिया था कि अहमद को ''मिट्टी में मिला दिया जायेगा।''इसमें कहा गया है, ''ऐसी परिस्थितियों में, याचिकाकर्ता भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत दिये गये अपने जीवन की सुरक्षा के लिए इस अदालत के समक्ष भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत वर्तमान रिट याचिका दायर करने के लिए बाध्य है।