: मैनपुरी उप चुनाव में सपा और भाजपा में कांटे की टक्कर
Wed, Nov 16, 2022
मैनपुरी लोकसभा उपचुनाव के साथ-साथ पूरे प्रदेश में चुनाव की सरगर्मियां तेज है कारण निकाय चुनाव का पास आता समय और मुलायम सिंह के निधन के बाद खाली हुई लोकसभा सीट मैनपुरी तथा अयोग्य ठहराए गए प्रदेश की 2 विधायकों का निर्वाचन क्षेत्र रामपुर एवं मुजफ्फरनगर की विधानसभा सीट खतौली जोकि कोर्ट के निर्णय के बाद आजम खान की योग्यता को उत्तर प्रदेश सदन द्वारा मान्यता दी गई उसके बाद खतौली के विधायक विक्रम सैनी को भी अयोग्य ठहराया गयामैनपुरी लोकसभा उपचुनाव में सोमवार को डिंपल यादव ने सपा प्रत्याशी के रूप में सैफई परिवार के गणमान्य व्यक्तियों के साथ नामांकन दाखिल किया था लेकिन इटावा के जसवंतनगर विधानसभा सीट से विधायक एवं पूर्व रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल यादव की अनुपस्थिति को दिखते हुए प्रदेश भाजपा के रणनीतिकारों ने इटावा से दो बार के सांसद रहे रघुराज सिंह शाक्य पर दांव खेला है आपको बताते चलें नई परिसीमन के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट पर जसवंत नगर की विधानसभा सीट का निर्वाचन क्षेत्र सहित शाक्य मतदाताओं की दूसरी सबसे बड़ी संख्या करीब सवा तीन लाख मानी जाती है इसलिए इसलिए मैनपुरी का मुकाबला रोचक होगाभाजपा प्रत्याशी घोषित होने के बाद रघुराज सिंह शाक्य ने हमारे संवाददाता से बातचीत में कहा है कि हमारा परिवार भी मुलायम सिंह के साथ रहा है मैं किसान का पुत्र हूं और जमीन से जुड़कर काम करने में विश्वास रखता हूं इसीलिए इटावा की जनता ने हमको दो बार सांसद चुना है और इटावा और मैनपुरी जनपद के तौर पर दो अलग-अलग क्षेत्र जरूर है लेकिन सांस्कृतिक विरासत और राजनीतिक परिदृश्य से एक ही है आपस में दोनों जनपदों का यातायात सुगम होने के साथ-साथ तमाम रिश्तेदारी है पार्टी नेतृत्व ने जो विश्वास जताया है यहां की मतदाता भाजपा को भारी बहुमत से विजई बनाएंगे
हालांकि मैनपुरी लोकसभा सीट पर सवा चार लाख यादव सवा तीन लाख शाक्य तथा सवा दो लाख छत्रिय और 111000 ब्राह्मण एवं 70000 के आसपास वैश्य समुदाय का वोट है बाकी 1:30 से 2:00 लाख में अन्य जातियां आ जाती है वैसे तो यहां पर समाजवादी पार्टी का ही दबदबा रहा है लेकिन कभी-कभी आंकड़े बदले भी है इस बार भी कुछ नए समीकरण के सारे मिल रहे हैं यदि शाक्य मतदाता लामबंद हो गया और शिवपाल की नाराजगी बरकरार रही तो मुलायम सिंह यादव की विरासत वाली इस सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है
: भारत के प्रधानमंत्री का इंडोनेशिया की धरती पर भव्य स्वागत
Mon, Nov 14, 2022
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी 20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए सोमवार को इंडोनेशिया के शहर वाली पहुंचे वह उनका भव्य स्वागत हुआ वाली का समय भारतीय समय से ढाई घंटे आगे चलता है भारत के समय के अनुसार माने तो सोमवार 14 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी शाम 7:30 बजे हवाई अड्डे वाली पर पहुंचे और उसके बाद वह होटल चले गए अगले दिन मंगलवार को पीएम मोदी सुबह 7:00 बजे अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे
लेकिन इससे पूर्व अगले दिन मंगलवार को वह अपने कार्यक्रमों की शुरुआत करें अपने होटल पहुंचने के बाद उसी दिन उन्होंने भारतीय समुदाय से मुलाकात की बाली शहर की इंडियन कम्युनिटी ने अपने बीच उपस्थित भारतीय प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया आपको बताते चलें करीब 17000 दीपों का समूह देश इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता है लेकिन g20 शिखर सम्मेलन बाली शहर में रखा गया है जो कि प्राचीन संस्कृति भारतीय सभ्यता से ओतप्रोत माना जाता है 2019 में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति ने राजधानी जकार्ता से इंडोनेशिया की राजधानी को स्थानांतरित करने की घोषणा कर दी थी अब जबकि इंडोनेशिया की संसद से बिल पारित हो चुका है ऐसे में माना जा रहा है कि सन 2024 तक इंडोनेशिया की नई राजधानी जकार्ता से स्थानांतरित होकर ब्रूनो द्वीप स्थापित हो जाएगीआपको स्पष्ट कर दूं कि इंडोनेशिया का समय भारतीय समय के अनुसार ढाई घंटे आगे रहता है जब भारत में सुबह मंगलवार को 7:00 का समय होगा तब भारतीय प्रधानमंत्री इंडोनेशिया के समय के अनुसार लगभग 9:20 पर अपने कार्यक्रम की शुरुआत करने जी20 शिखर सम्मेलन के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचेंगे
: प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया की राजधानी वाली रवाना जी-20 देशों की बैठक के साथ-साथ लेंगे कई कार्यक्रमों में हिस्सा
Mon, Nov 14, 2022
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडोनेशिया की राजधानी बाली में करीब 45 घंटे तक रुकेंगे वहां जी 20 शिखर सम्मेलन के साथ-साथ लगभग 20 कार्यक्रमों में शामिल होंगे जी 20 शिखर सम्मेलन की बैठक इसलिए भी भारत के लिए अहम है की 2023सितंबर में होने वाली बैठक की अगुवाई भारत कर रहा है इस बैठक के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी राष्ट्र अध्यक्षों को भारत आने का न्योता देंगे रूस यूक्रेन वार सहित भारत चीन के मध्य उपजे हालात और आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान की भूमिका आदि मुद्दे हो सकते हैं जी-20 शिखर सम्मेलन का अहम हिस्सारविवार को विदेश सचिव क्वात्रा ने पीएम के दौरे से संबंध में जानकारी देते हुए बताया था कि मोदी जी 20 शिखर सम्मेलन में तीन प्रमुख मुद्दों सुरक्षा खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा डिजिटल परिवर्तन और स्वास्थ्य में भाग लेंगे 15 और 16 नवंबर को शिखर सम्मेलन आयोजित होगा वार्षिक सभा के समापन समारोह में इंडोनेशिया के राष्ट्राध्यक्ष g20 प्रेसिडेंसी को भारत को सौंपेंगे शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्राध्यक्ष शी जिनपिंग अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और फ्रांसीसी राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों सहित 20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे क्वात्रा ने बताया कि शिखर सम्मेलन के इतर पीएम मोदी कई नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठक करेंगे जिसमें शी जिनपिंग के साथ बैठक होगी या नहीं यह अभी तय नहीं है श्री क्वात्रा ने आगे कहा कि वह लगभग 10 राष्ट्र अध्यक्षों से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे बैठकों में विकास को लेकर चर्चा की जाएगी इससे पहले मोदी और शी जिनपिंग ने सितंबर में उज्बेकिस्तान के समरकंद में शंघाई सहयोग संगठन के वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया था हालांकि उनके बीच ना तो कोई द्विपक्षीय बैठक हुई थी और ना कोई मुलाकातउन्होंने बताया कि श्री मोदी g20 शिखर सम्मेलन में वैश्विक अर्थव्यवस्था समेत प्रमुख मुद्दों पर व्यापक विचार विमर्श करेंगे इसमें ऊर्जा पर्यावरण कृषि कृषि स्वास्थ्य और डिजिटल परिवर्तन से संबंधित मुद्दे प्रस्तावित हैं वैश्विक चुनौतियों को लेकर चर्चा होगी महामारी के बाद आर्थिक सुधार वैश्विक दक्षिण के देशों में और कमजोरियां यूरोप में चल रहे संघर्ष और इसके प्रभाव दुनिया के सभी देशों पर खाद्य सुरक्षा चुनौतियों ऊर्जा संकट और मुद्रास्फीति जैसे प्रभावों पर बातचीत होगी इन चुनौतियों से निपटने में मदद के लिए बहुपक्षीय सहयोग के महत्व पर भी बात करेंगेविदेश सचिव श्री क्वात्रा ने कहा कि शिखर सम्मेलन भारत के लिए इसलिए विशेष है क्योंकि यह 1 दिसंबर से 1 साल के लिए भारत जी ग्रुप की अध्यक्षता करेगा वाली में भारत को इसकी अध्यक्षता सौंपी जाएगी प्रधानमंत्री श्री मोदी समापन सत्र में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति से जी-20 की अध्यक्षता प्राप्त करेंगे भारत सितंबर 2023 में अगले g20 शिखर सम्मेलन का आयोजन मेजबानी करेगा