: उमेश पाल हत्याकांड में शहीद हुए गनर संदीप के परिवार का रो रो कर बुरा हाल
Mon, Feb 27, 2023
प्रयागराज में हुई सनसनीखेज वारदात के बाद मृतक उमेश पाल को सभी जान रहे हैं. लेकिन हत्याकांड में जान गंवाने वाले यूपी पुलिस के सिपाही संदीप निषाद का परिवार अकेला पड़ गया है लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही गोली लगने के बाद घायल होने के बावजूद जिस बहादुरी से अपने कर्तव्य के लिए उमेश पाल को आखरी दम तक बचाने के लिए लगा रहा वह काबिले तारीफ हैप्रयागराज हत्याकांड में आजमगढ़ के रहने वाले गनर संदीप ने ड्यूटी के दौरान अपनी जान की बाजी लगा दी. उमेश पाल को मारने आए बदमाशों ने सुरक्षा में ढाल बनकर खड़े गनर संदीप को भी अपनी गोली और बम से शिकार बना लिया और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दियाशुक्रवार को हत्याकांड के बाद जहां एक ओर प्रयागराज के स्वरूपरानी हॉस्पिटल स्थित पोस्टमार्टम हाउस के बाहर उमेश पाल के समर्थकों की भारी भीड़ जमा थी, तो वहीं इस घटना में बदमाशों की गोली से मरने वाले सिपाही का परिवार अकेले में खड़ा था. सरकारी गनर के पिता संतलाल निषाद और भाई प्रदीप निषाद के साथ चंद रिश्तेदार ही पीएम हाउस के बाहर मौजूद थे.संदीप अपने 3 भाइयों में दूसरे नंबर पर थे. संदीप का परिवार पुलिस विभाग से मिलने वाले पैसे पर ही आश्रित था. संदीप निषाद के पिता पेशे से किसान हैं नौकरी से मिलने वाली सैलरी से सिपाही संदीप अपने परिवार का पालन पोषण किया करते थे. वे छोटे भाई को पढ़ा-लिखा भी रहे थेअब संदीप निषाद के देहांत होने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है. परिवार का सहारा बदमाशों के आतंक में छिन जाने से इलाके के लोग भी गमगीन हैं गनर संदीप निषाद की मृत्यु से दुख में डूबे पिता और भाइयों का कहना है कि हम लोग अब अपने बेटे संदीप को कभी भूल नहीं पाएंगे. वही हमारे परिवार की रोजी-रोटी का एक जरिया था. लिहाजा, जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यह मांग है कि हमारे परिवार को आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएउत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुक्रवार को हुए हत्याकांड में पेशे से वकील उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी जो जो 2005 के बहुचर्चित प्रयागराज के विधायक राजू पाल की हत्या कांड में मुख्य गवाह थे जिस हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त अतीक अहमद जेल में है और मामला अंडर कोर्ट ट्रायल पर चल रहा है बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके गनर संदीप निषाद की हत्या महज 44 सेकंड के भीतर कर दी गई थी. बेखौफ बदमाशों में एक बदमाश पहले से उमेश का पास की दुकान में इंतजार कर रहा था. उमेश पाल के गाड़ी से उतरते ही शूटर्स ने फायरिंग कर दी थी. सुरक्षा गार्ड संदीप निषाद ढाल बने तो उनको भी गोली मार दी गईघटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, गोली लगने के बाद भी उमेश पाल अपने घर की तरफ भागते हैं, लेकिन बदमाश पीछा करते हुए तंग गली में घुसकर फायरिंग करते हैं और बम फोड़ते हैं. वहीं, गोली लगने से कार के पास मूर्छित पड़े गनर संदीप निषाद भी गली में भागते हैं, जिनको निशाना बनाते हुए बदमाशों ने गली में बम मार दिया. फिर घायल अवस्था में संदीप, उमेश के घर के बाहर गिर पड़ते हैंमृतक उमेश पाल की भतीजी ने अपनी पीड़ा को बयां करते हुए बताया कि गोली लगने के बाद जब चाचा भाग रहे थे, तो बदमाश उनको दौड़ाकर गोली मरते रहे. यह सब हमारी आंखों के सामने हुआ और हम चाचा को नहीं बचा पाए.राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल ने हाल ही में बीजेपी जॉइन की थी. उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री एसपी बघेल, सिद्धार्थ नाथ सिंह से नजदीकी संबंध थे. उमेश पाल की हत्या के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है. अब परिवार को शिकायत है कि जो नेता उमेश पाल से मिलने के लिए रोज आते थे, वह दिखाई नहीं पड़ रहे. हालांकि, स्थानीय विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह रविवार को सांत्वना प्रकट करने पहुंचे.
: राजनीतिक संरक्षण से बने माफियाओं को मिट्टी में मिला दूंगा:-- मुख्यमंत्री योगी
Sat, Feb 25, 2023
बहुचर्चित राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल की शुक्रवार शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई. धूमनगंज थानाक्षेत्र में उमेश पाल के घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने बम और गोली से उन पर हमला किया शनिवार को इस हत्याकांड की गूंज विधानसभा तक पहुंच गई. उमेश पाल हत्याकांड पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने खुद जवाब दिया जिससे सपा एवं सत्तापक्ष की तीखी नोकझोंक देखने को मिलीराजू पाल हत्याकांड पर सीएम योगी ने कहा कि राज्य में जो अपराधी और माफियां हैं वो किसके द्वारा पाले गए हैं. वो सभी सपा के द्वारा पाले गए हैं. मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लजहे में कहा कि माफियाओं को मिट्टी में मिला दूंगा. प्रयागराज की घटना पर सरकार ज़ीरो टॉलरेंस की नीति के आधार पर कार्य हो रही है. लेकिन जिस अपराधियों द्वारा घटना हुई, क्या वो समाजवादी पार्टी द्वारा नहीं पोषित किया गया था?https://twitter.com/myogiadityanath/status/1629362687875649537?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1629362687875649537%7Ctwgr%5E2aef1c250b63633ecdc52cb1d19ac35f687d7e3f%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=http%3A%2F%2Fapi-news.dailyhunt.in%2F
सीएम योगी का सपा पर आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या उसे सपा द्वारा सांसद नहीं बनाया गया? उस अतीक अहमद को सपा द्वारा पोषित किया गया. हम उस माफिया को मिट्टी में मिला देंगे. जिस माफिया ने ये कृत्य किया है वो आज प्रदेश से भगोड़ा है, वो माफिया इन्ही की पार्टी से एमपी एमएलए बना. माफिया कोई भी हो, उनको मिट्टी में मिलाने का काम हमारी सरकार करेगी.इस हमले में उमेश पाल के अलावा उनके दो सुरक्षाकर्मी भी घायल हुए. प्रयागराज के पुलिस आयुक्त रमित शर्मा ने बताया कि उमेश पाल को दो सुरक्षाकर्मी दिए गए थे. बता दें कि राजू पाल बहुजन समाज पार्टी के विधायक थे और 2005 में उनकी हत्या कर दी गयी थी. उमेश पाल उस हत्याकांड के मुख्य गवाह थे. राजू पाल की हत्या में मुख्य आरोपी माफिया अतीक अहमद है जो गुजरात की एक जेल में निरुद्ध है. अभी अतीक अहमद की पत्नी बीएसपी में हैं.
: देर रात तक चली यूपी विधानसभा में सदन की कार्यवाही लिए गए कई अहम निर्णय
Sat, Feb 25, 2023
उत्तर प्रदेश विधानसभा शुक्रवार देर रात तक चली। रात 12:20 के बाद भी सदन की कार्यवाही स्थगित की गई उस समय 100 सदस्य बैठे रहे। राज्यपाल के अभिभाषण पर चल रही चर्चा में 103 से ज्यादा सदस्यों ने भाग लेकर अपने यहां की समस्याओं को सदन में रखा।विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा था कि जरूरत पड़ी तो विधानसभा देर रात तक चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि सदन में बैठने वाले सदस्यों की ग्रुप फोटोग्राफ करा कर विधानसभा गैलरी में लगाई जाएगी।इस बार बजट सत्र शुरू होने से पहले विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सर्वदलीय बैठक में राज्य के संसदीय परम्पराओं के अनुरूप राज्यपाल के अभिभाषण और बजट सत्र के लिए सभी दलीय नेताओं से सहयोग की अपेक्षा की थी। जिस पर सभी नेताओं ने उन्हें आश्वस्त किया था कि वे सदन के संचालन में पूरा सहयोग करेंगे। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ने आग्रह किया था कि सदस्य सदन में केवल हाजिरी न लगाएं बल्कि सदन में उपस्थिति भी रहें। जिससे प्रदेश का विकास हो सके। नेता सदन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी दलीय नेताओं का स्वागत करते हुए कहा था कि देश के सबसे बड़े राज्य के आय-व्यय की चर्चा हम सब वर्ष 2023 के प्रथम सत्र में करने जा रहे हैं, जो संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप होगा। उन्होंने कहा कि सदन एक सार्थक चर्चा का माध्यम होता है। हम सब लोगों ने कोराना काल में सदन को बढ़ चढ़ कर चलाने का काम किया। जिसे देश दुनिया सराहा गया।बदलते वक्त और नई जरूरतों के मुताबिक अब यूपी विधानसभा भी नई नियमावली के हिसाब से चलेगी। इसका मसौदा तैयार हो गया है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना की पहल पर पहली बार नियमावली मूल रूप से हिंदी में तैयार हुई है। अब इसे अंग्रेजी में अनुवाद किया जाएगा। डिजिटल के दौर में 1965 की यूपी विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली के बजाए अब नई नियमावली बनाई गई है। विधायकों की सहूलियत और ज्यादा से ज्यादा बोलने का मौका देने के लिए नए प्रावधान जोड़े गए हैं। मसलन, प्रश्नकाल सुबह 11 बजे से 12:20 से तक चलता है। जरूरत पड़ने पर अब यह दोपहर तीन बजे भी हो सकेगा। सदन में ई- विधान लागू होने, सोशल मीडिया का प्रचलन बढ़ने और नियमों का सरल करने के साथ-साथ विपक्ष को अपनी बात कहने का ज्यादा वक्त देने के लिए यह बदलाव किया गया है।
शिवपाल और ब्रजेश पाठक के बीच वार-पलटवार
विधानसभा में शुक्रवार को प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव और ब्रजेश पाठक के बीच जमकर नोकझोंक हो गई। दरअसल, शिवपाल ने स्वास्थ्य सेवाओं को खस्ता हाल करार दिया तो स्वास्थ्य मंत्री डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने जमकर पलटवार किया। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेताओं को घेरते हुए कहा कि लाल टोपी वाले नकली समाजवादी हैं और कानून को तोड़कर अराजकता फैलाना इनका काम है। इस पर शिवपाल ने उन्हें अटल बिहारी वाजपेयी के सिद्धांतों पर चलने की सीख दी। इसके बाद सपा सदस्यों ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी। बाद में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना द्वारा समझाने पर सपा सदस्य वेल से लौट आए।