: सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 21000 करोड़ रुपये का लोन अडानी ग्रुप को दिया कंपनी के शेयरों में गिरावट
Fri, Feb 3, 2023
सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 21000 करोड़ (2.6 अरब डॉलर) रुपये का लोन अडानी ग्रुप के फर्मों को दिया है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को नियमों के तहत जितना कर्ज देने की अनुमति है ये रकम उसकी आधी हैगुरुवार को आई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि एसबीआई द्वारा अडानी को दिए गए पैसों में इसकी विदेशी इकाइयों से 200 मिलियन डॉलर भी शामिल हैं. एसबीआई के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने गुरुवार को कहा कि उथल-पुथल से प्रभावित अडानी समूह की कंपनियां कर्ज चुका रही हैं और बैंक ने अब तक जो कुछ भी उधार दिया है, उसमें तत्काल उन्हें कोई चुनौती नहीं दिख रही है. ब्लूमबर्ग ने एक सूत्र के आधार पर ये जानकारी दी है.गुरुवार को बीएसई पर एसबीआई का शेयर 527.75 रुपये पर लगभग सपाट कारोबार कर रहा था. बता दें कि अमेरिका स्थित फर्म हिंडनबर्ग की एक रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों को मार्केट कैपिटलाइजेशन का जबरदस्त नुकसान हुआ था. एक रिपोर्ट के अनुसार हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद एक सप्ताह में अडानी ग्रुप की कंपनियों को 100 अरब डॉलर के मार्केट कैपिलटाइजेशन का नुकसान हुआ. हिंडनबर्ग की इस रिपोर्ट में अडानी ग्रुप की कंपनियों के वित्तीय काम काज पर सवाल उठाए गए थेइस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई है. हालांकि, गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी ग्रुप ने इन आरोपों को निराधार और भ्रामक बताया था. उन्होंने दावा किया कि इस रिपोर्ट में जनता को गुमराह करने की कोशिश की गई है. अडानी ग्रुप ने इस मामले को कोर्ट में ले जाने की भी बात कही थीबता दें कि गुरुवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने सभी सरकारी बैंकों से कहा है कि उन्होंने कितना लोन अडानी ग्रुप की कंपनियों को दिया है. इसकी जानकारी आरबीआई को दें. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने ये जानकारी दी है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार RBI ने जो जानकारियां मांगी है उसमें कर्ज देने के लिए अडानी ग्रुप की जिन संपत्तियों को कोलेटरल के रूप में माना गया है उसकी लिस्ट भी शामिल है. इसके अलावा अडानी ग्रुप में बैंकों के अप्रत्यक्ष जोखिम की लिस्ट भी मांगी गई हैएसबीआई के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने पिछले सप्ताह रॉयटर्स को कहा था कि अदानी ग्रुप के साथ जोखिमों को लेकर चिंताजनक कोई बात नहीं है . उन्होंने कहा था अडानी ग्रुप ने हाल-फिलहाल में बैंक से कोई फंड नहीं लिया हैSociete Generale नाम की एक संस्था ने बुधवार को कहा कि अडानी ग्रुप में इंडियन बैंकिंग सेक्टर का जोखिम मात्र 0.6 प्रतिशतअडानी ग्रुप द्वारा FPO रद्द करने के बाद गुरुवार को भी कंपनी के शेयरों में गिरावट रिकॉर्ड की गई. इसके बाद इस दिग्गज कंपनी का मार्केट लॉस 100 बिलियन डॉलर तक चला गया हैगुरुवार को अडानी एंटरप्राइजेज के स्टॉक में लगभग 20% की गिरावट दर्ज की गई, जो मार्च 2022 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. इस ग्रुप की अन्य कंपनियां भी दबाव में देखी गई. अडानी पोर्ट्स और स्पेशल इकोनॉमिक जोन 5% नीचे थे, जबकि अडानी टोटल गैस, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी ट्रांसमिशन में 10% की गिरावट आई थीअगर पंजाब नेशनल बैंक की बात करें तो इस बैंक का अडानी ग्रुप में कुल जोखिम 7000 करोड़ रुपये है.
: उत्तर प्रदेश को 50 नए हवाई अड्डे मिलेंगे।
Thu, Feb 2, 2023
उत्तरप्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को लगातार विस्तार दिया जा रहा है. देश के सबसे बड़े राज्य के 50 जिले को भी जल्द एयरपोर्ट की सौगात मिलने जा रही हैसरकार ने घोषणा की है कि वित्तीय वर्ष 2023-2024 में उत्तर प्रदेश को 50 नए हवाई अड्डे मिलेंगे। अब तक यूपी में 9 हवाईअड्डे चालू हैं जबकि शेष 9 पर काम चल रहा है। लखनऊ, वाराणसी, बरेली, हिंडन, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर और कुशीनगर में परिचालन हवाई अड्डे हैं। इनमें से लखनऊ, वाराणसी और कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे हैं। सोनभद्र, अलीगढ़, आजमगढ़, चित्रकूट, श्रावस्ती, मुरादाबाद, कानपुर, अयोध्या, नोएडा और सहारनपुर में एयरपोर्ट निर्माणाधीन हैं।नया हवाई अड्डा लखीमपुर खीरी के पलिया कस्बे में बनाया जाएगा जो नेपाल की सीमा से लगा हुआ है। सरकार को एयरपोर्ट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट मिल गई है। वहां एयरपोर्ट की जरूरत है या नहीं, इस पर सरकार ने सर्वे कराया है। उन्हें रिपोर्ट भी मिल गई है। इस बीच लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट में नया टर्मिनल और रनवे बनेगा। 2025 के कुंभ मेले को देखते हुए प्रयागराज में एक टर्मिनल और रनवे भी बनाया जाएगा। आगरा में भी नया टर्मिनल बनेगा।इस साल सोनभद्र, अलीगढ़, आजमगढ़, चित्रकूट, श्रावस्ती और मुरादाबाद में एयरपोर्ट बनेंगे। ये आज से चालू हो जाएंगे। उन्हें अगले चार-पांच महीनों में अपना लाइसेंस मिल जाएगा। वहीं फिलहाल कुछ समय के लिए लखनऊ में चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से रात की फ्लाइट बंद रहेंगी। छह महीने तक किसी भी रात की उड़ान को संचालित नहीं किया जाएगा। इसका हवाला देते हुए हवाई अड्डे के अधिकारियों ने जानकारी में कहा कि 23 फरवरी से 11 जुलाई तक रात की उड़ानें निलंबित रहेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो इस दौरान रात 9:30 बजे से सुबह 6 बजे के बीच फ्लाइट का संचालन नहीं होगा।
: वित्त मंत्री ने एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए बजट में खास ध्यान दिया
Wed, Feb 1, 2023
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना अंतिम पूर्ण बजट पेश कर रही हैं। इस बजट के साथ वह देश की पहली ऐसी महिला हो गई हैं, जिसने देश का आम बजट 5 बार पेश किया हो।
आज सुबह 11 बजे से देश का बजट पेश होना शुरु हो गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए बजट में खास ध्यान दिया है। उन्होनें कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक कृषि उत्पादक वाला देश है। सरकार हैदराबाद को उतकृष्ठता केंद्र के रुप में बढ़ावा दिया जाएगा तथा एफपीओ के लिए आईटी-आधारित समर्थन सहित प्रौद्योगिकी शामिल होगी।पीएम मतस्य योजना की सरकार शुरुआत करने जा रही है, जिसके लिए 6,000 करोड़ रुपये का निवेश सरकार करेगी। मछुआरों के लिए स्पेशल पैकेज भी सरकार देगी। सरकार सहकारिता मॉडल को बढ़ावा दे रही है। किसानों को 20 लाख करोड़ का ऋण देगी तथा उसे डिजिटल ट्रेनिंग मुहैया कराएगी। एक साल तक किसानों को लोन में छूट मिलेगी। उसपर कोई ब्याज नहीं वसूला जाएगा। युवाओं के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना की भी शुरुआत करेगी।पिछले साल 1.40 लाख करोड़ का हुआ था आवंटनफाइनेंसियल वर्ष 2022-23 के लिये कृषि क्षेत्र के लिए सरकार की ओर से 1.40 लाख करोड़ का आवंटन किया गया था, जोकि 2021-22 के अनुमानों से बहुत अधिक था। बता दें, मौजूदा समय में सीमांत किसानों को क्रेडिट कार्ड पर 1,0000 से 5,0000 हजार तक का लोन बहुत ही कम ब्याज पर मिलता है, जहां किसान इस पैसे का उपयोग खाद, बीज, कृषि उपकरणों की खरीद पर करते हैं। दूसरी ओर बीते सालों से खाद की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुईकृषि सेक्टर के लिए स्टार्ट-अप फंडकृषि में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम पर जोर देने के साथ नाबार्ड के माध्यम से मिश्रित पूंजी वाले फंड की सुविधा का ऐलान पिछले बजट में केंद्र सरकार ने किया था। सह-निवेश मॉडल के तहत जुटाई गई निधि का उद्देश्य कृषि और ग्रामीण उद्यम के लिए स्टार्टअप्स का वित्तपोषण करना है जो कृषि उपज मूल्य श्रृंखला के लिए प्रासंगिक है। इन स्टार्टअप्स की गतिविधियों में अन्य बातों के साथ-साथ कृषि स्तर पर किराये के आधार पर किसानों के लिए मशीनरी, और एफपीओ के लिए आईटी-आधारित समर्थन सहित प्रौद्योगिकी शामिल होगी।