: चंद्रबाबू नायडू की रैली में भगदड़ सात लोगों की मौत और कई घायल
Thu, Dec 29, 2022
आंध्र
प्रदेश के नेल्लोर ज़िले में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की एक रैली में बड़ा हादसा होने की ख़बर है
भगदड़ में तेलुगु देशम पार्टी के सात कार्यकर्ताओं की मौत हो गई है. ये रैली टीडीपी सुप्रीमो और आंध्र के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने आयोजित की थी इस हादसे में कई लोग घायल हुए हैं जिनमें कुछ लोगों की हालत काफ़ी गंभीर भगदड़ तब हुई जब नायडू रोड शो कर रहे थे और
उनकी गाड़ी के आस पास हज़ारों लोगों की भीड़ जमा हो गई पार्टी ने मृतकों के परिवार के लिए दस लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना तब घटी जब चंद्रबाबू नायडू तेलुगू देशम पार्टी की एक रैली आयोजित करने के लिए गए हुए थे जिसमें की उपस्थित जनसमूह के अचानक भगदड़ मच जाने के कारण यह हादसा हुआ जिसमें की तेलुगू देशम पार्टी के 7 कार्यकर्ताओं की मौत हो गई जबकि कई लोग अभी भी घायल हैं जिनको पास के ही अस्पतालों में भर्ती कराया गया है जहां पर कुछ लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है इस हादसे पर चंद्रबाबू नायडू ने अपना गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी परिवार के 7 सदस्य आज हमारे बीच नहीं है जिससे पार्टी की अपूरणीय क्षति हुई है उनके परिवार जनों को हमारी शोक संवेदनाएं में व्यक्त करता हूं और आश्वासन दिया कि घायल लोगों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोई लापरवाही नहीं बरती जाएगी साथ ही मृतक परिवार के परिजनों को 10 लाख रुपए देने का ऐलान किया गया
: स्वास्थ्यवर्धक होता है अपनी थाली में सभी प्रकार की स्वाद शामिल करना
Wed, Dec 28, 2022
अपनी थाली में भोजन के सभी 6 स्वाद रखें और पाचन को दुरुस्त करें आपको अपनी खाने की थाली में सभी प्रकार के स्वाद शामिल करने चाहिए भोजन के कुल कितने स्वाद होते हैं? यह सवाल आपको हैरान कर सकता है... फिर आप कहेंगे मीठा, नमकीन और खट्टा, कड़वा भी जोड़ लीजिए... इस पर हम कहेंगे कि ये तो 4 ही हुए लेकिन भोजन के स्वाद तो 6 तरह के होते हैं! आइए, आज आपको भोजन के इन 6 स्वाद के बारे में बता रहे हैं. साथ ही ये भी बता रहे हैं कि इन्हें एक साथ क्यों खाना चाहिए. ये किस तरह डायजेशन को बेहतर बनाने में मदद करते हैं और सुबह पेट आसानी से साफ हो जाता है. इससे पहले पाचन के गोल्डन आयुर्वेदिक रूल जान लीजिए...#सभी 6 तरीकों के स्वाद को अपनी थाली में शामिल करें और हर बार के भोजन में इन्हें एक साथ खाएं.#हर दो फूड के बीच कम से कम 3 घंटे का गैप रखें और बार-बार या बीच-बीच में कुछ ना खाएं.#दो भोजन के बीच में हर्बल टी का सेवन करें. जैसे, ब्लैक-टी, तुलसी-टी, जीरा-टी या अजवाइन लीव्स टी इत्यादि.#आपकी सबसे हेवी डायट आप दोपहर के समय लें. यानी आपके नाश्ते और डिनर से हेवी आपका लंच होना चाहिए.
खाने के कितने स्वाद होते हैं?
1खट्टा 2 मीठा 3 नमकीन 4 कड़वा 5 तीखा 6 कसैल
भोजन में कैसे शामिल करें सभी स्वाद?
भोजन में सभी स्वाद शामिल करने के लिए आप अपनी थाली में, नमक, नींबू, अचार, काली मिर्च से तैयार पापड़, गुड़, कच्ची प्याज, हींग इत्यादि को शामिल करें.
कैसे होता है फायदा?
जब आप भोजन के इन सभी 6 स्वाद को अपनी थाली में थोड़ी-थोड़ी मात्रा में शामिल करते हैं तो आपकी बॉडी के मैकेनिजम को ऊर्जा और रस का पूरा साथ मिलेगा. इस फूड्स को एक साथ में खाने पर शरीर को जो सत्व मिलता है, उसे आयुर्वेद की भाषा में जैव-विविध ऊर्जावान स्वाद यानी बायो डायवर्स एनर्जेटिक पैलेट (bio-diverse energetic palate) कहते हैं.रात को सोने से पहले यानी जब भी आप बिस्तर पर जाते हैं, उससे 3 घंटे पहले ही खाना खा लेना चाहिए. इससे पाचन अच्छी तरह हो पाता है. यदि 3 घंटे संभव ना हो तो 2 घंटे का गैप आपको जरूर रखना है. नहीं तो पेट निकलना शुरू हो जाएगा और कब्ज की समस्या भी बढ़ने लगेगी.दो भोजन के बीच के टाइम में अगर आप चाय पीते हैं तो इससे सिर्फ आपको स्वाद नहीं मिलता बल्कि एनर्जी भी मिलती है. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि चाय एक कप से अधिक नहीं होनी चाहिए
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इस पोस्ट में बतलाए गए घरेलू उपाय के विषय में अपनाने उपयोग करने से पूर्व किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें यह मीडिया विद यू की सलाह है
: निकाय चुनाव में ओबीसी आरक्षण के लिए आयोग गठित सरकार ने कैबिनेट के बाद दी मंजूरी
Wed, Dec 28, 2022
28 दिसंबर लखनऊ निकाय चुनाव पर उच्च न्यायालय के आदेश का सम्मान करते हुए सरकार ने ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर आयोग का गठन कर दिया है 5 सदस्य आयोग को उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ के आदेश के तुरंत बाद अगली कैबिनेट मीटिंग में प्रदेश सरकार ने हरी झंडी दे दी आयोग के अध्यक्ष के तौर पर राम अवतार सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है जबकि चार अन्य सदस्य होंगे जिसमें की सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी जॉब सिंह वर्मा सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी महेंद्र कुमार तथा पूर्व अपर विधि प्राइवेसी संतोष कुमार विश्वकर्मा व जिला जज बृजेश कुमार सोनी को सदस्य नियुक्त किया गया हैचुनाव में ओबीसी की आरक्षण को लेकर 27 दिसंबर के हाईकोर्ट के फैसले में कहा गया था कि ट्रिपल टेस्ट के आधार पर निकाय चुनाव में ओबीसी को आरक्षण दिया जाना चाहिए जबकि ऐसा न कर पाने की स्थिति में आरक्षण की सभी सीटों को सामान्य श्रेणी का मानते हुए व्यवस्था लागू करके चुनाव संपन्न कराना चाहिए जिसको सरकार की तरफ से नकार दिया गया था और कहा गया था की ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर सरकार किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट जाने की भी बात कही गई थीइससे पूर्व न्यायालय में हुई पिछली सुनवाई पर याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि दोनो पक्षों की सुनवाई आज पूरी हो गई है, 27 दिसम्बर मंगलवार को कोर्ट अपना जजमेंट देगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने अपने हलफनामे में अपने एक्शन को डिफेंड किया कि जो हमने नोटिफिकेशन जारी किया है वो बिल्कुल सही तरीके से जारी किया है। लेकिन कोर्ट उनसे बहुत ज्यादा संतुष्ट नहीं थी। उन्होंने बताया कि कोर्ट का कहना है कि आपने जो ये एक्सरसाइज की है उसका कोई डाटा नहीं है। बिना डाटा के ये एक्सरसाइज पूरी कैसे कर ली है। कोर्ट उनसे डाटा मांग रही थी लेकिन सरकार ने कोर्ट के समक्ष कोई डाटा प्रस्तुत नही किया है।उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान पिछले चुनाव का हवाला दिया गया था साथ ही कहा गया कि 2014 और 2017 के चुनाव में भी बहुत सारे नियमों का उल्लंघन हुआ था। इसको लेकर न्यायालय में बहुत से प्रकरण भी आये थे। उन्होंने कहा कि उसी डाटा के आधार पर ये चुनाव भी कराने का प्रयास कर रहे हैं। इसी वजह से न्यायालय में चुनौती दबता दें, यूपी में निकाय चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी अपनी तैयारियों में जुटी है। इस बार प्रदेश की करीब 760 नगरीय निकायों में चुनाव होना है। इसके लिए राज्य सरकार ने सीटों का आरक्षण भी जारी कर दिया है। प्रदेश की नगर निगमों के मेयर, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष और पार्षदों के आरक्षण को इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी, जिसको लेकर पेंच फंस गया था। वहीं ओबीसी को उचित आरक्षण का लाभ दिए जाने और सीटों के रोटेशन के मुद्दों को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की थी जिसपर कोर्ट ने सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुरक्षित रख लिया था अब 27 दिसंबर के फैसले में हाई कोर्ट ने जो आदेश दिया था उस पर अमल करते हुए प्रदेश सरकार ने ओबीसी आरक्षण के लिए आयोग गठित कर दिया है