: भारत का सबसे बड़ा खाने की नाली का ट्यूमर निकाला गया, चिकित्सा जगत में नई क्रांति
Sun, May 14, 2023
*दिनांक: 14 मई 2023* *भारत का सबसे बड़ा खाने की नाली का ट्यूमर निकाला गया* *सर गंगा राम अस्पताल* में एक 30 वर्षीय पुरुष मरीज आया जिसे निगलने में कठिनाई हो रही थी। जांच करने पर डॉक्टर 6.5 सेंटीमीटर के आकार के एक बड़े ट्यूमर को देखकर हैरान रह गए, जो भोजन नली में उभरा हुआ था।*प्रोफेसर अनिल अरोड़ा, चेयरमैन, इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर, गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड पैनक्रिएटिको-बिलियरी साइंसेज, सर गंगा राम अस्पताल के अनुसार,* “हमने हाल ही में भोजन नली (एसोफेजियल लेयोमायोमा) से एक बड़ा सबम्यूकोसल ट्यूमर (आकार में 6.5 सेंटीमीटर) निकाला है। लुमेन (खाने की नाली का घेरा) डिस्पैगिया (खाना अटकना) का कारण बनता है *(चित्र 1)* एक 30 वर्षीय पुरुष रोगी में निगलने में कठिनाई पेश करता है। हमारे सर्वोत्तम ज्ञान के अनुसार, यह भारत में एंडोस्कोपिक रूप से निकाले गए सबसे बड़े ट्यूमर में से एक था *(चित्र 2)*। इस प्रक्रिया को सबम्यूकोसल टनलिंग और एंडोस्कोपिक रिसेक्शन (STER) के रूप में जाना जाता है। इस प्रकार के बड़े ट्यूमर को पारंपरिक रूप से शल्य चिकित्सा द्वारा हटा दिया जाता है जिसमें लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ता है।“*डॉ. शिवम खरे, कंसल्टेंट, डिपार्टमेंट ऑफ़ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, सर गंगा राम अस्पताल के अनुसार,* “प्रक्रिया के चरणों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि इस एसटीईआर प्रक्रिया में, सबसे पहले हमने ट्यूमर के आधार पर खारा इंजेक्ट किया, जिससे हमें ट्यूमर को उठाने में मदद मिली और चारों और एक टनल (tunnel) बनाई गई। एक बार ट्यूमर अलग हो जाने के बाद, हम एसोफेजियल दीवार के पीछे सबम्यूकोसल टनल से एसोफेजियल लुमेन में ट्यूमर को एसोफैगस के लुमेन में निकालने में सक्षम थे। इसके बाद ट्यूमर को मुंह से सफलतापूर्वक निकाला गया और मरीज को दो दिनों के बाद छुट्टी दे दी गई। सामान्य आहार *(चित्र 3)।“*
*प्रोफेसर अनिल अरोड़ा ने कहा,* “बड़े ट्यूमर को एंडोस्कोपिक तरीके से हटाना एक चुनौतीपूर्ण काम है। आम तौर पर विशेषज्ञ एंडोस्कोपिस्ट द्वारा 3 सेमी आकार तक के नियमित अंडाकार आकार के चिकने इसोफेजियल ट्यूमर को एंडोस्कोपिक रूप से हटाया जा सकता है, लेकिन हमारे मामले में ट्यूमर 6 सेमी से अधिक आकार में लोब्युलेटेड अनियमित नाशपाती के आकार का था। अनियमित आकार के कारण भोजन नली की सभी परतों से ट्यूमर को अलग करना मुश्किल हो जाता है।“*डॉ. शिवम खरे ने यह भी कहा,* “दूसरी चुनौती ट्यूमर के बड़े आकार की थी, क्योंकि न केवल इसे सबम्यूकोसल टनल से इसोफेजियल लुमेन में लाने में बाधा उत्पन्न हुई, बल्कि मुंह के माध्यम से गले के माध्यम से इसे अन्नप्रणाली से बाहर निकालने में भी बाधा उत्पन्न हुई। सौभाग्य से सहायक उपकरण और एंडोस्कोपिक उपकरणों की एक विस्तृत श्रृंखला ने बिना किसी जटिलता के प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा करने में हमारी मदद की।“
*प्रोफेसर अनिल अरोड़ा ने कहा,* “अत्याधुनिक सुविधा और नई उन्नत एंडोस्कोपिक तकनीकों की उपलब्धता के साथ, हम अकलेशिया कार्डिया के लिए पेरोरल एंडोस्कोपिक मायोटॉमी (पीओईएम), एंडोस्कोपिक म्यूकोसल रिसेक्शन या सबम्यूकोसल डिसेक्शन (ईएमआर/ईएसडी) जैसी कई एंडोस्कोपिक प्रक्रियाएं नियमित रूप से करते हैं। गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट के सौम्य और घातक घावों के एंडोस्कोपिक निदान और उपचार के एक नए युग की शुरुआत करने वाले सतही प्रारंभिक गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर के लिए करते हैं।“उपचारात्मक एंडोस्कोपी के क्षेत्र में हाल के विकास ने लुमेन और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट की दीवार के भीतर पड़े विभिन्न ट्यूमर के लिए न्यूनतम इनवेसिव, चीरा रहित, गैर-सर्जिकल उपचार की एक नई दुनिया के दरवाजे खोल दिए हैं। उच्च तकनीकी एंडोस्कोपी उपकरण की उपलब्धता के साथ, आंतरिक गुहाओं और अन्नप्रणाली (भोजन नली), पेट और आंत की दीवारों के उच्च रिज़ॉल्यूशन वास्तविक समय दृश्य प्रदान करते हुए, अब, न केवल उनके विकास के प्रारंभिक चरण में कैंसर का पता लगाना संभव है, बल्कि उन्नत एंडोस्कोपिक मशीनों और उपकरणों का उपयोग करके निपुण एंडोस्कोपिक कौशलों द्वारा एक संभावित उपचारात्मक उपचार करने के लिए भी संभव है
: मुख्यमंत्री गहलोत के उठते ही नाथद्वारा में जब लगने लगे मोदी मोदी के नारे
Wed, May 10, 2023
नाथद्वारा राजस्थान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 10 मई को राजस्थान की यात्रा के तहत नाथद्वारा में श्रीनाथजी मंदिर में दर्शन करने पहुंचे। यहां उन्होंने विभिन्न विकास पहलों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। राजसमंद जिले के नाथद्वारा में पीएम मोदी ने जब मंच पर कदम रखा, तो अपार भीड़ मोदी-मोदी के नारे लगाने लगी। उस समय मंच पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद थे।
नाथद्वारा में मोदी, वेलकम के दौरान लगे नारे
जब नाथद्वारा में अशोक गहलोत ने बोलना शुरू किया, तो राजस्थान की जनता ने लगातार मोदी-मोदी के नारों से उनका स्वागत किया। तब पीएम मोदी ने हस्तक्षेप करके लोगों को रोका। पीएम ने न केवल खुद लोगों को रुकने के लिए कहा, बल्कि उन्होंने सीपी जोशी से लोगों को गहलोत को बोलने देने के लिए निर्देश देने के लिए भी कहा। मोदी ने हाथ उठाकर लोगों को बैठने और चुप रहने का इशारा किया।प्रधानमंत्री ने यहां 5500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का मुख्य ध्यान, क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर और ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर होगा। सड़क और रेलवे क्षेत्र की परियोजनाओं से माल और सेवाओं की आवाजाही में सुविधा होगी, जिससे व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्र के लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
नाथद्वारा में मोदी ने किए कई प्रोजेक्ट लॉन्च
प्रधानमंत्री मोदी ने राजसमंद और उदयपुर में दो-लेन वाली सड़क निर्माण परियोजनाओं की आधारशिला रखी। लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रधानमंत्री ने उदयपुर रेलवे स्टेशन के रीडेवलपमेंट की आधारशिला रखी। उन्होंने गेज परिवर्तन परियोजना और राजसमंद में नाथद्वारा से नाथद्वारा शहर तक एक नई लाइन के निर्माण की आधारशिला भी रखी।इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने तीन नेशनल हाइवे प्रोजेक्ट का
लोकार्पण किया, जिनमें शामिल हैं - एनएच-48 के अंतर्गत उदयपुर से शामलाजी तक 114 किमी लंबी छह लेन वाली परियोजना; एनएच-25 के बार-बिलारा-जोधपुर खंड में दुपहिया आदि वाहनों के लिए सड़क को चौड़ा करने (पेव्ड शोल्डर) के साथ 110 किमी लंबी सड़क।
: मुरैना में संज्ञान लेती पुलिस तो बच जाती 6 लोगों की जान
Sat, May 6, 2023
में शुक्रवार को जमीनी विवाद में लोपा गांव में सामूहिक नरसंहार में पुलिस की लापरवाही का बड़ा खुलासा हुआ है। अगर पुलिस पीड़ित परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराती है तो एक ही परिवार के 6 लोगों की सरेआम गोली मारकर हत्या नहीं होती।घटना में मारे गए मृतक गजेंद्र तोमर के नजदीकी और घटना के प्रत्यक्षदर्शी राजेंद्र सिंह ने बताया कि अहमदाबाद से गांव पहुंचने से पहले गजेंद्र तोमर सिहोनियां थाने गए थे और परिवार के लिए सुरक्षा मांगी थी। थाना प्रभारी रूबी तोमर ने गांव में सुरक्षा के लिए फोर्स भेजने का आश्वासन दिया लेकिन पुलिसकर्मी गांव नहीं पहुंचे और बड़ी वारदात हो गई। वहीं मुरैना के लोपा गांव में हुए हत्याकांड की सूचना पुलिस को भोपाल के डॉयल 100 के केंद्र से मिली।हत्याकांड के लिए रची साजिश-मुरैना पुलिस के मुताबिक घटना के आरोपियों ने सुलह का झांसा देकर गजेंद्र तोमर के परिवार को गांव बुलाया और 6 लोगों की हत्या कर दी। मृतक गजेंद्र सिंह के बेटे नरेंद्र के मुताबिक आरोपियों ने हत्याकांड को अंजाम देने के लिए बकायदा साजिश रची और नरेंद्र की दोनों बेटियों की शादी गांव से करने का झांसा देकर गांव बुलाया। शुक्रवार को गजेंद्र अपने परिवार के साथ जैसे ही पैतृक गांव पहुंचे एक बार फिर आरोपियों ने विवाद शुरु कर दिया और आरोपी अजीत सिंह तोमर और भूपेंद्र सिंह ने पहले लाठियां बरसाई फिर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी जिसमें परिवार के 6 लोगों की मौके पर मौत हो गई वहीं 2 लोग गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। वही हत्याकांड में पुलिस ने 9 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं पीड़ित परिवार ने आरोपियों के घर बुलडोजर चलाने की मांग की है। वहीं घटना के बाद इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। हत्याकांड का वीडियो वायरल:लोपा गांव में हुए खूनी हत्याकांड की पूरी वारदात कैमरे में भी कैद हो गई। पीड़ित परिवार क बेटी ने पूरा घटनाक्रम अपने मोबाइल में कैद करने के साथ घटना की सूचना पुलिस को भी दी। हत्याकांड के वीडियो में हमलावर पीड़ित परिवार के लोगों को लाठियों से पीट रह है कुछ लोग बंदूक और लाठी लेकर सड़क पर खड़े हैं और इन सबके बीच ताबड़तोड़ गोलियां चल रही है और यह गोलियां लोगों को मौत के घाट उतार दी हुई नजर आ रही है। घटना में लेस कुमारी पत्नी वीरेंद्र सिंह, बबली पत्नी नरेंद्र सिंह तोमर, मधु कुमारी पत्नी सुनील तोमर, गजेंद्र सिंह पुत्र बदलू सिंह, सत्य प्रकाश पुत्र गजेंद्र सिंह, संजू पुत्र गजेंद्र सिंह की मौत हो गई हैं। घायलों में विनोद सिंह पुत्र सुरेश सिंह तोमर और वीरेंद्र पुत्र गजेंद्र सिंह शामिल है।गौतलब है कि लेपा गांव के पास ही भिडोसा गांव है जो चंबल के दहलाने वाले डाकू पान सिंह तोमर का पैतृक गांव है। जिसके ऊपर फिल्म भी बन चुकी है और पान सिंह तोमर का विवाद भी जमीनी था और इसी विवाद को लेकर बीहड में कूदे थे।