: हत्या में वांछित सेवानिवृत्त डीआईजी की पत्नी एवं पूर्व पार्षद अलका मिश्र गिरफ्तार
Mon, Dec 12, 2022
लखनऊ कमिश्नरेट के अंतर्गत गाजीपुर थाने की पुलिस ने रविवार को 2004 में हत्या के मामले में सेवानिवृत्त डीआईजी की पत्नी व पूर्व पार्षद अलक को गिरफ्तार किया है 2004 भाजपा महिला मोर्चा के तत्कालीन शहर सचिव मालती शर्मा की हत्या के मामले में अलका मिश्रा के खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था किसको कि लेकर उनके घर पर कुर्की की नोटिस चस्पा की जा चुकी लेकिन वह फरार चल रही थी रविवार को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट को बड़ी सफलता हाथ लगी है
7 जून 2004 भाजपा नेत्री मालती शर्मा के बढ़ते वर्चस्व की वजह से हत्या कर दी गई थी तत्कालीन एसपी ट्रांस गोमती राज बाबू सिंह और सीओ क्राइम राजेश्वर सिंह ने सिपाही राजकुमार राय तथा अलका के करीबी रोहित यादव को गिरफ्तार कर इस हत्याकांड का खुलासा किया था राजकुमार रोहित के बयान के बाद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया था कि मालती की हत्या की साजिश सेवानिवृत्त डीआईजी पीके मिश्रा की पत्नी व पूर्व पार्षद अलका मिश्रा ने ही रची थी उस समय इस मामले ने काफी तूल पकड़ा था थाना प्रभारी रामेश्वर कुमार ने बताया है कि हत्याकांड में दोषी करार होने के बाद से अलका मिश्रा फरार चल रही थी उनके खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया था जिसके बाद पुलिस ने उनको गिरफ्तार करने की कार्रवाई तेज कर दी थी लेकिन वह फरार चल रही थी सोमवार को कोर्ट में उन्हें पेश किया जाएगा
: विधायक की मदद से बांग्लादेशी ने भारतीय नागरिकता हासिल की
Mon, Dec 12, 2022
सपा नेता ने अपने लेटर पैड पर बांग्लादेशी को भारतीय बताया जिसके माध्यम से बांग्लादेशी डॉक्टर रिजवान ने आधार कार्ड और कई सरकारी दस्तावेज हासिल कर लिए थे कानपुर पुलिस ने चारों बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया
प्राप्त जानकारी के अनुसार कानपुर से सपा विधायक इरफान सोलंकी के लेटर पैड के माध्यम से एक बांग्लादेशी नागरिक को भारतीय बताया गया जिसकी वजह से उसने अपने व तीन अन्य लोगों के भारतीय पहचान पत्र हासिल कर लिए एवं वही के पार्षद मनु रहमान की भी भूमिका संदिग्ध लग रही है कानपुर के मूलचंद थाना पुलिस ने किराए पर रह रहे डॉ रिजवान व अन्य तीन बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है
कानपुर के संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया है कि आर्य नगर मैं किराए के मकान पर रहने वाले विदेशी नागरिक डॉ रिजवान को गिरफ्तार किया गया है वह बांग्लादेश का रहने वाला है जबकि अवैध तरीके से आर नगर में किराए के फ्लैट में रह रहा था उसके पास से कुछ संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं रिजवान ने कानपुर के रहने वाले खालिद की बेटी से शादी की और उसके बाद में बांग्लादेश चला गया और वही की नागरिकता ले ली
सन 2016 मि रिजवान अपने परिवार के साथ अवैध तरीके से बगैर दूतावास को सूचित किए कानपुर के आर नगर में एक किराए के मकान में रहने लगा और फर्जीवाड़ा कर भारतीय दस्तावेजों नागरिकता राशन कार्ड हासिल कर ली एवं अपने बच्चों के स्कूल में फर्जी तरीके से एडमिशन भी करवा लिया इस बीच रिजवान ने सपा विधायक इरफान सोलंकी व पार्षद मन्नू से कानपुर के नागरिक होने का प्रमाण पत्र भी उनकी लेटर पैड पर ले लिया गिरफ्तारी के समय प्राप्त दस्तावेज के अनुसार रिजवान ने पाकिस्तान बांग्लादेश थाईलैंड मलेशिया की कई यात्राएं भी की है उसके पास से
1400000
भारतीय मुद्रा $1000 dollar तथा भारी मात्रा में बांग्लादेशी मुद्रा बरामद हुई है उसके ससुर व परिवार के अन्य सदस्यों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है मामला क्योंकि सुरक्षा में चूक का है इसलिए पुलिस इस संवेदनशील मामले में कोई भी कोताही नहीं बरतना चाहती आगे की तहकीकात जारी है
: नगर निगम चुनाव की दहलीज पर खड़े प्रदेश में स्मार्ट सिटी के नाम पर सरकारी धन की लूट
Mon, Dec 12, 2022
आजकल स्मार्ट सिटी के नाम पर गुणवत्ता विहीन कार्य कराने पर आमादा लखनऊ नगर निगम लखनऊ उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव की समय अवधि जैसे-जैसे निकट आ रही है वैसे वैसे स्थानीय निकाय कार्यों की उत्तरदाई संस्था अपने मद में आवंटित हुई धनराशि के भुगतान कराने हेतु जोर शोर से रुके हुए कार्यों को पूरा कराने पर न केवल आमादा है बल्कि कुछ नए आवंटित कार्यों को भी तेजी के साथ गुणवत्ता हीन ठेकेदारों से पूरा कराने के लिए तत्पर है कहीं इस जल्दबाजी के पीछे सरकारी धन की लूट और पनपता हुआ भ्रष्टाचार तो नहीं है
गौरतलब है की अलीगंज कपूरथला महानगर गोमती नगर इंदिरा नगर और कैसरबाग से चारबाग जा रही रोड लाटूश रोड पर चल रहे गुणवत्ता हीन निर्माण कार्य से तो ऐसा ही प्रतीत होता है अभी हाल ही में हुई बारिश के कारण लखनऊ में हुए जलभराव ने नगर निगम की पोल खोलकर रख दी है लखनऊ मैं यातायात की दृष्टिकोण से अति व्यस्ततम इलाके में हो रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर जहां एक और संदेह है वही घोर लापरवाही नजर आती है इन व्यस्ततम इलाकों में निर्माण कार्यों में जो देरी हो रही है उससे आम जनमानस को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ता है इस बाबत समाजसेवी पत्रकारों एवं स्थानीय नागरिकों ने कई बार जिलाधिकारी महोदय को अवगत कराया है लेकिन नतीजा सिफर रहा इन व्यस्ततम इलाकों में हो रहे निर्माण कार्य के लिए कार्यदाई संस्थाओं ने ऐसे गुणवत्ता विहीन ठेकेदारों का चयन क्यों किया जिससे हो रहे निर्माण कार्य में लापरवाही और समय अवधि में हो रही देरी से ऐसा प्रतीत होता है कि कहीं इसके पीछे कोई पनपता हुआ भ्रष्टाचार तो नहीं यदि है तो जिम्मेदार अफसरों को जांच कराकर उचित कार्रवाई करनी चाहिए .