: रूस यूक्रेन वार में हो सकता है शांतिविराम सर्दी का मौसम बनी वजह
Mon, Nov 14, 2022
रूस यूक्रेन के चल रही वॉर पर अमेरिका के अखबार द न्यूयॉर्क टाइम्स ने खुलासा किया है कि कड़ाके की ठंड और सर्दी की वजह से युद्ध कुछ महीने के लिए टल सकता है नवंबर के अंत तक यूक्रेन में कड़ाके की ठंड और बर्फबारी शुरू हो जाएगी जिससे कि वहां की गीली मिट्टी में सैनिकों की आवाजाही पर काफी फर्क पड़ जाएगा जिससे आने वाले दिनों में लड़ाई की रफ्तार काफी सुस्त पड सकती है द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अमेरिकी रक्षा नीति के उप मंत्री कोलन बहल के हवाले से कहा है कि मौसम के कारण उपजे हालात ने संघर्ष को थोड़ा धीमा कर दिया है इसी प्रकार बारिश और बर्फबारी के कारण दोनों देशों की सेनाओं का आवागमन सुस्त पड़ गया है और आने वाले दिनों में मौसम की चुनौतियां दोनों देशों के सामने होंगीउन्होंने कहा है कि संघर्ष विराम के कारण यह युद्ध एक नए चरण में प्रवेश करेगा रूस ने यूक्रेन के खिलाफ सैन्य अभियान साल 2022 फरवरी के अंत में शुरू किया था तभी से नाटो सेनाओं का समर्थन और सैन्य उपकरणों की सप्लाई यूक्रेन को जारी है रूस द्वारा दी गई परमाणु हमले की चेतावनी के बाद नाटो सेनाएं खुलकर समर्थन में नहीं आई लेकिन पीछे से यूक्रेन काउपकरणों की सप्लाई के माध्यम से पूरा समर्थन किया है द वॉशिंगटन पोस्ट के हवाले से कहा गया है कि इस मौसम की वजह से उपजे हुए हालात में संघर्ष विराम के कारण वाशिंगटन अप्रैल में सैन्य रसद और अपूर्ति को को बढ़ा सकता है सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है कि अमेरिका नहीं चाहता है कि यूक्रेन ⁷मास्को के साथ किसी प्रकार की बातचीत की पहल करेंइससे पूर्व नाटो संगठन के विस्तार बादी रवैया को देखते हुए मास्को ने अपने निहित स्वार्थ और सुरक्षा से चिंतित होकर यूक्रेन को साफ लहजे में नाटो में शामिल ना होने के संकेत दे दिए थे जिसको कि यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादीमीर जेलेंस्की ने यूक्रेन की स्वतंत्रता पर हमला बताया था उन्होंने कहा था कि शामिल होना ना होना का फैसला यूक्रेन का निजी मामला है इसमें किसी बाहरी हस्तक्षेप की जरूरत नहीं लेकिन अपनी चिंताओं से नाटो सहित अमेरिकी हस्तक्षेप के बढ़ते हुए दायरे को देखते हुए मास्को ने अपनी चिंताओं से कीव को आगाह कर दिया था राष्ट्रीय स्तर पर दोनों देशों की चिंताएं अपनी अपनी जगह थी लेकिन पश्चिमी देशों के सहयोग को देखते हुए मास्को की बातचीत की पहल पर यूक्रेन के राष्ट्रपति जलेस की ने यह कहते हुए ठुकरा दिया कि यूक्रेन बातचीत के लिए तैयार है लेकिन रूस काराष्ट्रध्यक्ष कोई और हो तो और तभी से उपजे परमाणु संपन्न देशों के बीच युद्ध ने संपूर्ण विश्व को खतरे में डाल दिया है
: नई औद्योगिक नीति एवं इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से उत्तर प्रदेश औद्योगिक एवं रोजगार के पथ पर अग्रसर
Sat, Nov 12, 2022
नई औद्योगिक नीति एवं इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से उत्तर प्रदेश औद्योगिक एवं रोजगार के विकास पथ पर लगातार अग्रसर हो रहा है प्रदेश सरकार के नेतृत्व में सूक्ष्म लघु एवं बड़े उद्योगों के लिए लगातार अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है 25 करोड़ की आबादी वाले इस राज्य में 2017 के बाद आई नई सरकार के नेतृत्व में उद्योगों और व्यापारियों के लिए लगातार एक अनुकूल माहौल तैयार किया गया है ऐसे में व्यापारियों को भी चाहिए कि वह ऐसे गुणवत्ता युक्त सस्ते उत्पाद बनाएं और उससे पहले उसका जिला स्तर पर अध्ययन करें कि उसकी उपयोगिता आम जनमानस के लिए सिद्ध हो सके पीएचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स के कॉन्क्लेव मैं बतौर मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने आए हुए सभी कारोबारियों को सुझाव देते हुए आगे कहा है कि प्रदेश सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लगातार संभावनाएं तलाश रही हैआए हुए सभी उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा है कि आज भारत में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे होने का श्रेय उत्तर प्रदेश को जाता है रोड इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी ध्यान देते हुए बड़े-बड़े हाईवे तैयार करवाए हो चुके हैं प्रदेश की भाजपा सरकार ने इस तरफ विशेष ध्यान दिया है आज प्रदेश में उद्योग और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए उनके संवर्धन के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया जा रहा है
: मुलायम की विरासत संभालेंगी उनकी बहू डिंपल यादव
Fri, Nov 11, 2022
मैनपुरी से लोकसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी होंगी डिंपल यादव यहां से सन 2019 के लोकसभा चुनाव में मुलायम सिंह यादव ने रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की थी अभी हाल ही में गुड़गांव के मेदांता हॉस्पिटल में लंबी बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था मैनपुरी की लोकसभा सीट लंबे समय से समाजवादी पार्टी के पास रही है यादव बहुल मैनपुरी की इस लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों ने हमेशा रिकॉर्ड मतों से जीत हासिल की है जातिगत समीकरणों के आधार पर देखें तो यादव सवा चार लाख और शाक्य मतदाता 3 लाख से ऊपर होने के कारण बहुदा यादव और शाक्य प्रत्याशी के बीच ही जोर आजमाइश होती है समाजवादी पार्टी ने हमेशा यहां पर यादव प्रत्याशी ही घोषित किया है तो धुर विरोधी भाजपा ने अधिकतर शाक्य प्रत्याशी पर दांव खेला है अब जबकि मुलायम सिंह की कर्म स्थली कहीं जाने वाले जनपद मैनपुरी से उनकी बहू को प्रत्याशी बनाया गया है तो देखने वाली बात होगी मुलायम सिंह के निधन के बाद मैनपुरी की जनता सैफई परिवार पर कितना विश्वास जता पाती है ऐसे में जब मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल यादव खुद समाजवादी पार्टी की राजनीति में हाशिए पर खड़े हो मुलायम सिंह यादव के बाद शिवपाल यादव का रुख भी मैनपुरी के यादव मतदाताओं को प्रभावित करेगा