: सुप्रीम कोर्ट के कटाक्ष के बावजूद हिमाचल प्रदेश में राजनीतिक पार्टियों ने बाटी रेबढ़िया
Thu, Nov 10, 2022
हिमाचल प्रदेश में चुनाव के मद्देनजर भाजपा ने किए 11 लोकलुभावन वादे स्त्री शक्ति संकल्प पत्र जारी कर फ्री स्कूटी साइकिल व शादी पर ₹51000 देने देने की महिलाओं को लोकलुभावन घोषणा की है हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को अब केवल 2 दिन शेष है राज्य में 12 नवंबर को मतदान होगी जबकि राज्य में 8 दिसंबर को परिणाम आएंगेहिमाचल प्रदेश में सरकार बनाने को लेकर सभी राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने दावे अपने अपने वादे करके जोर आजमाइश करती हुई नजर आ रही हैं वैसे तो यहां बीजेपी और कांग्रेस की ही सरकार रही है लेकिन इस बार आम आदमी पार्टी की भी इरादे बुलंद है देश की सर्वोच्च अदालत ने चुनावों के दौरान किए जाने वाले बातों पर जोरदार कटाक्ष किया था बावजूद इसके तमाम राजनीतिक पार्टियां राज्य की जनता को इसी प्रकार के तमाम रेबढ़िया बांटते हुए नजर आ रही हैं अब देखना यह होगा कि अबकी बार तमाम बंदिशों के बावजूद जनता किस राजनीतिक पार्टियों की रेवड़ीओ को पसंद करती हैहिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला को सन 1864 में भारत की राजधानी के तौर पर समर कैपिटल के रूप में घोषित किया गया था 1947 में आजादी के बाद पंजाब राज्य की राजधानी के रूप में शिमला को जाना जाता रहा है फिर बाद में जब हिमाचल प्रदेश राज्य के अस्तित्व में आने के बाद शिमला को हिमाचल प्रदेश राज्य की राजधानी घोषित किया गया और पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र ने सन 2017 में विंटर के लिए धर्मशाला को राजधानी घोषित किया अपने संस्कार धरोहर पर्यावरण विशेषताओं के तौर पर हिमाचल प्रदेश का देश में एक अहम स्थान है गौरतलब है कि 6 नवंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने शिमला में भाजपा का घोषणा पत्र जारी कर 8 लाख युवाओं को रोजगार देने का वादा किया थ सभी राजनीतिक पार्टी चुनाव में अपनी-अपनी जीत के दावे के साथ जोर आजमाइश करती हुई नजर आ रही है भाजपा सहित कांग्रेस एवं आम आदमी पार्टी के जारी किए गए घोषणा पत्रों में अब हिमाचल प्रदेश की जनता किसको चुनती है यह तो 12 नवंबर को मतगणना के माध्यम से वोटिंग मशीनों में कैद हो जाएगा लेकिन राजनीतिक गलियारों में कयास के बादल तो 8 दिसंबर को परिणाम आने के बाद ही छटेगा (mediawithyou जितेंद्र गुप्ता)
: डायमंड कारोबारी नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का दिया ब्रिटिश हाईकोर्ट ने आदेश
Thu, Nov 10, 2022
लंदन में ब्रिटिश हाई कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए डायमंड कारोबारी नीरव मोदी को पंजाब नेशनल बैंक की कर्ज घोटाले मैं मुख्य आरोपित मानते हुए एवं भारत के अन्य अपराधिक आर्थिक मामलों में मुख्य आरोपित मानते हुए भारतीय जांच एजेंसियों की ओर से जुटाए हुए सपतों को स्वीकार करते हुए उसके प्रत्यर्पण पर मोहर लगा दी हैदक्षिण पूर्व लंदन की 10 वर्ष जेल में बंद 51 वर्षीय भगोड़े नीरव मोदी को गत फरवरी में जिला न्यायाधीश सेम गुजी की वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट अदालत की प्रत्यर्पण के पक्ष में दी गई व्यवस्था के खिलाफ अपील करने की अनुमति दी गई थी लेकिन ब्रिटेन के हाई कोर्ट ने पाया कि पिछले साल जिला मजिस्ट्रेट द्वारा दिया गया प्रत्यर्पण का फैसला उचित है इसी साल ब्रिटेन की स्थानीय अदालत ने भारत की ओर से पेश किए गए सीबीआई और ईडी के सबूतों के आधार पर नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का फैसला दिया था नीरव मोदी के वकील ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में यूरोपियन कन्वेंशन ऑफ ह्यूमन राइट्स की धारा 3 और ब्रिटेन के प्रत्यर्पण कानून 2003 के तहत भारत प्रत्यर्पण नहीं करने की अपील की थी जिसको की ब्रिटिश हाईकर्ट ने खारिज कर दिया अब जबकि फैसला भारतीय जांच एजेंसियों के पक्ष में आ गया है तो इस बात की संभावना व्यक्त की जा रही है कि जो भारत में आर्थिक अपराधों का दोषी मुख्य अभियुक्त नीरव मोदी को माना जा रहा था और उसको भारत वापस लाया जा सकेगा और जांच एजेंसियां स्वतंत्र होकर अपना काम कर सकेंगेनीरव मोदी ने जिला न्यायालय के फैसले के विरुद्ध हाईकर्ट में मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति के प्रत्यर्पण पर रोक लगाने संबंधी याचिका दाखिल की थी जिसमें उसने कहा था कि एक अवसाद ग्रस्त अव्यक्त के आत्महत्या करने के खतरे के चलते उसके प्रत्यर्पण पर रोक लगाई जानी चाहिए जिसको कि ब्रिटिश हाईकोर्ट ने सिरे से खारिज कर दिया फिलहाल में ब्रिटेन की जेल में बंद है और 14 दिन के अंदर ब्रिटिश सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है जिसके खिलाफ भारतीय जांच एजेंसियां मजबूती से अपनी तैयारियां कर रही है( जितेंद्र गुप्ता.... mediawithyou)