: उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को दे रही है 40 लाख का लोन स्वरोजगार के लिए
Thu, Jan 4, 2024
लखनऊ 4 जनवरी उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए योगी सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें से एक है युवा स्वरोजगार योजना। इसके तहत सरकार युवाओं को अपना स्टार्टटप या फिर बिजनेस शुरू करने के लिए कम ब्याज दर पर 25 लाख रुपये तक का लोन देती है। इस योजना का उद्देश्य पढ़े लिखे बेरोजगारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। आइए आपको बताते हैं कि युवा कैसे इस कल्याणकारी योजना का फायदा उठाकर अपना जीवन संवार सकते हैं।इस योजना की शुरुआत 24 अप्रैल, 2018 में योगी सरकार के पहले कार्यकाल में की गई थी। इस योजना के लिए 18 से 40 साल के तक के युवा ही पात्र हैं। उन्हें उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना जरूरी है। आवेदनकर्ता के पास बैंक खाता होना जरूरी है जो कि उनके आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए। इसके अलावा वह किसी बैंक से डिफाल्टर नहीं होना चाहिए। इस योजना के तहत युवाओं को दो सेक्टर उद्योग और सेवा क्षेत्र में लोन दिया जाता है। सरकार उद्योग क्षेत्र के लिए 25 लाख रुपये और सर्विस क्षेत्र के लिए 10 लाख रुपये लोन देती है। इस लोन पर सरकार 25 प्रतिशत सब्सिडी भी देती है। इसके तहत उद्योग क्षेत्र में 6.25 लाख और सेवा क्षेत्र में 2.5 लाख की मार्जिन मनी मिलती है।इस योजना का लाभ लेने के लिए युवाओं के पास आधार कार्ड, पैन कार्ड, राशन कार्ड, 10वीं पास की मार्कशीट और सर्टिफिकेट, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और बैंक के अकाउंट की डिटेल होनी जरूरी है।https://diupmsme.upsdc.gov.in
इस तरह कर सकते हैं आवेदन
आवेदकों को यूपी उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय की ऑफिशियल वेबसाइट https://diupmsme.upsdc.gov.in/ पर जाना होगा। यहां पर मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना का ऑप्शन पर क्लिक करना होगा। इसके बाद खुली विंडो में नवीन उपयोगकर्ता पंजीकरण के विकल्प को चुनना होगा1 पंजीकरण फॉर्म खुलने के बाद इसे भरकर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। फिर आवेदकों को उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन निदेशालय की ऑफिसियल वेबसाइट पर लॉगिन करना होगा। इसके बाद आवेदन संख्या दर्ज करनी होगी। आवेदन स्थिति से संबंधित जानकारी देने के बाद आप इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं।
: अनंत काल तक रहेगा अयोध्या में श्रीराम मंदिर : मोदी
Sun, Dec 31, 2023
अयोध्या 30 दिसंबर प्रधानमंत्री मोदी एक दिवसीय दौरे पर अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने 15700 करोड़ की 46 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। पीएम मोदी ने अयोध्या धाम जंक्शन और महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का लोकार्पण करने के साथ ही 6 वंदे भारत और 2 अमृत भारत ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश के दोनों डिप्टी सीएम ने प्रधानमंत्री को बाल रामलला की मूर्ति भेंटकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। साथ ही अयोध्या धाम जंक्शन और बदलती अयोध्या पर आधारित वृत्तचित्रों का भी प्रधानमंत्री ने अवलोकन किया।अपने उद्बोधन में प्रधानमंत्री ने अयोध्यावासियों को भरोसा दिलाया कि इस पवित्र धाम के विकास में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया उत्सुकता के साथ 22 जनवरी के ऐतिहासिक क्षण का इंतजार कर रही है। ऐसे में अयोध्या वासियों में ये उत्साह उमंग बहुत स्वाभाविक है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वे भारत की मिट्टी के कण कण और भारत के जन जन के पुजारी हैं। उन्होंने कहा कि मैं भी अपकी तरह उतना ही उत्सुक हूं।
अयोध्या नगरी से मिल रही विकसित भारत के अभियान को ऊर्जा : पीएम
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण को गति देने के अभियान को अयोध्या नगरी से नई ऊर्जा मिल रही है। उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई भी देश हो अगर उसे विकास की नई ऊंचाई पर पहुंचना है, तो उसे अपनी विरासत को संभालना होगा। हमारी विरासत हमें प्रेरणा देती है। हमें सही मार्ग दिखाती है। आज का भारत पुरातन और नूतन को आत्मसात करते हुए आगे बढ़ रहा है। एक समय था जब अयोध्या में रामलला टेंट में विराजमान थे। आज पक्का घर सिर्फ रामलला को ही नहीं बल्कि देश के चार करोड़ गरीबों को भी मिला है। भारत अपने तीर्थों को संवार रहा है तो वहीं डिजिटल टेक्नोलॉजी में भारत छाया हुआ है। काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्निमाण के साथ ही 30 हजार से ज्यादा पंचायत भवन भी बना रहा है। सिर्फ केदारधाम का पुनरोद्धार ही नहीं 300 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज भी देश में बने हैं। सिर्फ महाकाल के लोक का ही निर्माण नहीं हो रहा, बल्कि स्वच्छ पेयजल के लिए दो लाख से ज्यादा टंकियों का भी निर्माण हुआ। हम एक तरफ चांद और सूरज की दूरी नाप रहे हैं, तो वहीं हमारी पौराणिक मूर्तियों को भारत में वापस ला रहे हैं।
अनंत काल तक रहेगा अयोध्या में श्रीराम मंदिर : मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज अयोध्या में विकास की भव्यता दिख रही है, कुछ दिन बाद विरासत की भव्यता और दिव्यता दिखने वाली है। उन्होंने कहा कि विकास और विरासत की साझा ताकत ही भारत को 21वीं सदी में सबसे आगे ले जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि 22 जनवरी का ऐतिहासिक क्षण बहुत भाग्य से हमारे जीवन में आने वाला है। पीएम मोदी ने प्रभु श्रीराम की नगरी से 140 करोड़ देशवासियों से हाथ जोड़कर प्रार्थना की कि 22 जनवरी को अयोध्या आने का प्रयास ना करें, इसकी जगह जब अयोध्या में प्रभु श्रीराम विराजमान हों, तो सभी लोग दीपावली मनाएं और अपने अपने घरों में श्रीरामज्योति जलाएं। 22 की शाम पूरा हिन्दुस्तान जगमग होना चाहिए। उन्होंने अपील की कि जब हमने साढ़े पांच सौ साल इंतजार किया है तो कुछ दिन और इंतजार करना होगा। सुरक्षा और व्यवस्था के लिहाज से अयोध्या आने में जल्दबाजी ना दिखाएं क्यों कि अब यहां श्रीराम का मंदिर अनंतकाल तक रहेगा।
14 से 22 जनवरी तक देश के सभी छोटे बड़े मंदिरों में चले स्वच्छता अभियान : मोदी
प्रधानमंत्री ने अयोध्यावासियों से आग्रह भी किया कि आपको आपको देश और दुनिया के अनगिनत अतिथियों के स्वागत लिए तैयार होना होगा। अब यहां अनंत काल तक लाखों की संख्या में आते रहेंगे। ऐसे में अयोध्यावासियों को संकल्प लेना होगा कि अयोध्या नगर को भारत का सबसे स्वच्छ शहर बनाएंगे। वहीं प्रधानमंत्री ने देश के सभी तीर्थस्थलों और सभी छोटे बड़े मंदिरों से आग्रह किया कि 14 जनवरी से 22 जनवरी तक स्वच्छता अभियान चलाएं। उन्होंने कहा कि प्रभु राम पूरे देश के हैं, वो जब आ रहे हैं तो हमारे एक भी मंदिर और तीर्थस्थल के आस पास गंदगी नहीं होनी चाहिए।इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीके सिंह, यूपी के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, प्रदेश सरकार के मंत्री सूर्य प्रताप शाही, जितिन प्रसाद, दयाशंकर सिंह, जयवीर सिंह, सांसद लल्लू सिंह, विधान परिषद सदस्य हरिओम पांडेय, विधायक वेदप्रकाश गुप्त, डॉ. अमित सिंह चौहान, महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह आदि की मौजूदगी रही।
: अपराधिक मामले छुपा कर अब नहीं बन सकेंगे एडवोकेट :- इलाहाबाद उच्च न्यायालय
Wed, Dec 27, 2023
प्रयागराज 27 दिसंबर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार व उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को आपराधिक केस में आरोपी या सजायाफ्ता किसी भी व्यक्ति को वकालत का लाइसेंस देने पर रोक लगाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि बार काउंसिल आवेदन फॉर्म में ही दर्ज अपराध के खुलासे की प्रक्रिया अपनाएं। लाइसेंस जारी करने से पहले पुलिस से रिपोर्ट ली जाए। तथ्य छिपाकर लाइसेंस लेने का खुलासा होने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाए।कोर्ट ने यह आदेश 14 आपराधिक केसों का इतिहास और चार केस में सजायाफ्ता विपक्षी को वकालत का लाइसेंस देने के खिलाफ शिकायत पर बार काउंसिल द्वारा निर्णय लेने में देरी को देखते हुए दिया है। कोर्ट ने विपक्षी जय कृष्ण मिश्र के खिलाफ याची की शिकायत को तीन माह में निस्तारित करने का निर्देश बार काउंसिल को दिया है। कोर्ट ने कहा है कि ऐसे लोगों को वकालत का लाइसेंस दिया जाता रहा तो यह विधि व्यवसाय ही नहीं समाज के लिए भी यह नुकसानदायक होगा। कोर्ट ने आवेदन में खुलासे की प्रक्रिया को लंबित व दाखिल होने वाले सभी आवेदनों पर लागू करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह तथा न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की खंडपीठ ने अधिवक्ता पवन कुमार दुबे की याचिका पर दिया है।याचिका पर अधिवक्ता सुरेश चंद्र द्विवेदी ने बहस की। इनका कहना था कि विपक्षी अधिवक्ता का आपराधिक इतिहास है और सजायाफ्ता है फिर भी बार काउंसिल ने उसे लाइसेंस दे दिया है। इसके खिलाफ याची की 25 सितंबर 22 को की गई शिकायत पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे लोगों को लाइसेंस देने पर एडवोकेट एक्ट में प्रतिबंधित किया गया है।कोर्ट ने बार काउंसिल से कहा कि वह लाइसेंस देने की प्रक्रिया में संबंधित थाने की पुलिस रिपोर्ट भी शामिल करे। साथ ही आवेदन में दर्ज अपराध का खुलासा अनिवार्य किया जाए। तथ्य छिपाने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाए। बार काउंसिल ने अभी तक ऐसी प्रक्रिया नहीं अपनाई है।