: संविधान दिवस आज प्रधानमंत्री ने कहीं यह बड़ी बात
Sat, Nov 26, 2022
संविधान दिवस के उपलक्ष में सुप्रीम कोर्ट द्वारा आयोजित किए गए कार्यक्रम में बोलते हुए प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा है कि संविधान की प्रस्तावना से पहले बोले गए 3 शब्द हम भारत के लोग केवल शब्द नहीं एक आवाहन है एक प्रतिज्ञा है एक विश्वास है pro-people की ताकत से आज देश का सशक्तिकरण हो रहा है केंद्र सरकार आज जनता के लिए कानूनों को सरल बनाने की दिशा में काम कर रही है आजादी के अमृत काल देश के लिए कर्तव्य काल है व्यक्ति हो या संस्थाएं हमारे दायित्व ही पहली प्राथमिकताएं हैं
सुप्रीम कोर्ट द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने E- कोर्ट से संबंधित और उनकी सुविधाओं का पर आधारित कुछ सेवाओं का शुभारंभ किया उन्होंने कहा है कि भारत की मदद आफ डेमोक्रेसी के रूप में जो पहचान है उसको और भी सशक्त बनाना है हमारे संविधान की जो मूल भावना है वह यूथ सेंट्रिक है आज संविधान दिवस पर मैं देश की न्यायपालिका से एक आग्रह करूंगा युवाओं में संविधान को लेकर समझ बड़े इसके लिए डिस्कशन डिबेट को बढ़ावा देना होगा
पीएम मोदी ने कहा है कि आज दुनिया हमें बड़ी उम्मीद से देख रही है आज पूरे समर से अपनी सभी विविधताओं पर गर्व करते हुए देश आगे बढ़ रहा है और इसके पीछे हमारी सबसे बड़ी ताकत हमारा संविधान है उन्होंने एक वीडियो जारी कर देशवासियों को संदेश दिया है किस संविधान केवल विभिन्न धाराओं का अंगीकार रूप नहीं है यह हमारे देश की आत्मा है ताकत है संविधान दिवस पर जश्न होना चाहिए प्रतिवर्ष संविधान दिवस के रूप में हमें अपने किए गए कार्यों का मूल्यांकन करने का अवसर मिलता है
आज का दिन यानी कि 26 नवंबर 1949 कोही हमारे देश ने संविधान को अंगीकार किया था बाबा साहब अंबेडकर सहित हमारे संविधान निर्माताओं को आज याद करने का दिन है इस अवसर पर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा में हुए कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा है कि संविधान हमारा मार्गदर्शक है हमारे सुनहरे भविष्य का आधार है राजनाथ सिंह रक्षा मंत्री भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी तथा नेता प्रतिपक्ष सहित तमाम गणमान्य व्यक्तियों ने देशवासियों को संविधान दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दी
: मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट का एतराज
Fri, Nov 25, 2022
एक
याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने चुनाव आयुक्त अरुण गोयल की नियुक्ति में जल्दबाजी और नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े किए
हैं सुप्रीम कोर्ट के 5 जजों की संवैधानिक पीठ ने याचिका की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की तरफ से पेश अटॉर्नी जनरल एजी से पूछा कि नियुक्ति 1 दिन में की गई है यह जल्दबाजी दर्शाती है चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में इतनी तत्परता क्यों हम जानना चाहते हैं नियुक्ति की प्रक्रिया और आधार क्या थी कानून मंत्री ने चार नामों को किस आधार पर तय किया हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने यह साफ किया कि यह किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं है मैं केवल प्रक्रिया जानना चाहता हूं सरकार इसे प्रतिकूल मुकदमेंे बाजी की तरह से ना ले
सरकार की तरफ से पेश होते हुए अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणि ने नियुक्ति को सही बताते हुए अनुरोध किया है कि कोर्ट नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया को देखने से पहले टीका टिप्पणी ना करें उन्हों7ने कहा है कि सभी चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति त्वरित प्रक्रिया से ही की जाती है आमतौर पर प्रक्रिया 3 दिन से अधिक नहीं चलती मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई पूरी करके फैसला सुरक्षित रख लिया है मुख्य चुनाव आयुक्त एवं चुनाव आयुक्त की प्रक्रिया से संबंधित जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पांच सदस्यों की संवैधानिक पीठ मैं जस्टिस केएम जोसेफ जस्टिस ऋषिकेश अनिरुद्ध बोस जस्टिस अजय रस्तोगी सहित जस्टिस सिटी रवि कुमार शामिल थ
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति से संबंधित फाइल को कोर्ट में पेश करने को कहा है जिस पर अटॉर्नी जनरलने गुरुवार को कोर्ट में फाइल पेश करते हुए कहा है कि कई नियुक्तियां 24 घंटे या 12 घंटे के भीतर हुई है कोई ट्रिगर बिंदु नहीं है एक प्रक्रिया है जिसे अपनाया गया है उनकी नियुक्ति से संबंधित पूरे मामले को समग्रता से देखने की जरूरत है चयन प्रक्रिया में व्यक्त की सेवा में अनुभव उसके पास कार्यकाल के लिए बचे समय आज सभी चीजों को संपूर्णता में देखते हुए किया जाता है एवं बैच की वरिष्ठता एवं क्रम के अनुसार प्रक्रिया होती है
याचिका में कहा गया था की मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति के लिए जो कॉलेजियम बने उसमें भारत के प्रधानमंत्री लोकसभा में नेता विपक्ष और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश शामिल हो जिसकी सुनवाई करते हुए जस्टिस अजय रस्तोगी ने कहा है कि 15 मई को चुनाव आयुक्त का पद रिक्त हुआ था और 18 नवंबर को नियुक्त की गई आप बताइए कि 15 मई से 18 नवंबर के बीच नियुक्त के लिए क्या प्रक्रिया की गई संवैधानिक पीठ ने सीईसी और इसी के 6 साल के कार्यकाल के पूर्णा ना होने को भी लेकर सवाल खड़े किए उन्होंने कहा सी सी आई सी दोनों का कार्यकाल 6 वर्ष का होगा यह नियम है और इसका पालन किया जाना चाहिए जबकि उनके 6 साल के कार्यकाल से पहले नियुक्त किया जाना नियम और कानून का उल्लंघन है उन्होंने आगे कहा है कि कई बार नियुक्ति को लेकर जल्दी होती है लेकिन जब मामला यहां लंबित है तब भी यह नियुक्ति की गई है चयनित अरुण गोयल गणित में गोल्ड मेडलिस्ट है और उनका एकेडमिक रिकॉर्ड भी बहुत अच्छा है लेकिन क्या यह चैन का आधार हो सकता है
: गुजरात चुनाव:- गृह राज्य में क्या मोदी अपनी साख बचा पाएंगे
Thu, Nov 24, 2022
लगातार 6 बार गुजरात विधान सभा मैं अपना परचम लहराने वाली भारतीय जनता पार्टी के लिए इस बार विधानसभा का चुनाव चुनौतीपूर्ण रहेगा औद्योगिक राज्य कहे जाने बाली गुजरात विधानसभा मैं 182 सीटों के
लिए
दो चरणों में मतदान होना है पहला चरण 1 दिसंबर को और दूसरा चरण 5 दिसंबर को होगा जबकि परिणाम हिमाचल प्रदेश के चुनाव के साथ ही 8 दिसंबर को आएंगे आम आदमी पार्टी का बढ़ता हुआ विस्तार एवं कांग्रेस की सक्रियता तथा ओवैसी का दखल आखिर कितना भारतीय जनता पार्टी की सातवीं जीत में खलल पहुंचाएगा यह तो 8 दिसंबर को आने वाले प्रणाम ही तय करेंगे लेकिन जमीनी तौर पर यह बात साफ है कि अबकी बार भारतीय जनता पार्टी के लिए पूर्ण बहुमत की सरकार बनाना आसान नहीं होगा
6 बार सत्ता में रहने के बाद स्थानीय नेताओं एवं उनकी मुद्दे एवं आम आदमी पार्टी की भड़ती सेंधमारी तथा ओवैसी के गुजरात चुनाव में कूदने के बाद मुस्लिम मतदाताओं का मुस्लिम प्रत्याशी एवं ओवैसी की पार्टी के प्रति प्रेम होना भाजपा के लिए चुनौती खड़ी कर सकता है हालांकि यह बात तय है कि भाजपा ने अपना सीएम कैंडिडेट भूपेंद्र पटेल के रूप में घोषित कर दिया है एवं हार्दिक पटेल के भाजपा ज्वाइन करने के बाद पटेलों की नाराजगी को भाजपा ने दूर कर दिया है जिससे कि आरक्षण व अन्य मुद्दे फिलहाल चुनाव तक शांत होते नजर आ रहे हैं लेकिन दूसरी ओर आम आदमी पार्टी की भाजपा मतदाताओं पर सेंधमारी ने पार्टी की नींद उड़ा दी है आम आदमी पार्टी की रणनीति स्थानीय मुद्दों के आधार पर तथा प्रत्याशी चयन के आधार पर जहां एक और भाजपा के लिए कड़ी चुनौती साबित कर रहा है वही ओवैसी के मुस्लिम प्रत्याशियों ने मुस्लिम मतदाताओं को एक्सरे पर लाकर खड़ा कर दिया है जिससे कि भाजपा एवं चिर विरोधी कांग्रेस दोनों ही खेमो की बेचैनी बढ़ गई है आम आदमी पार्टी ने सीएम कैंडिडेट के रूप में ईश्दान गढ़वी को प्रत्याशी घोषित किया है 40 वर्षीय पत्रकार एवं एंकर के रूप में श्री गढ़वी को जाना जाता है जोकि स्थानीय मुद्दों एवं खेती से संबंधित अपने मुद्दों पर निष्पक्ष राय रखते हैं जो कि वनों की कटाई से संबंधित 150 करोड़ के घोटाले को सबके सामने लाए थे लेकिन गुजरात में पेपर लीक मामले में भी इनका
नाम आ चुका है
चुनावी सर्वे के मुताबिक 42% लोग बीजेपी के द्वारा काटे गए दिव्य चेहरों के टिकट पर संतुष्टि जाहिर कर रहे हैं वही 48 फ़ीसदी लोग इससे खुश नजर आते हैं
वही जातिगत आधार पर मतदाताओं ध्यान में रखा जाए तो 55 फ़ीसदी सवर्ण अभी भी भाजपा के पक्ष में जाती दिखाई दे रहे हैं जबकि कांग्रेस 23 फ़ीसदी और आप पार्टी के साथ केवल 17 फ़ीसदी सवर्ण मतदाता जाते दिखाई दे रहे हैं मुस्लिम मतदाताओं पर कांग्रेस ने बड़ा हाथ मारा है लगभग 40 फ़ीसदी मुसलमान कांग्रेस के साथ नजर आ रहे हैं वही 37 फ़ीसदी मुस्लिम प्रत्याशी आम आदमी पार्टी एवं ओवैसी के साथ जाते दिख रहे हैं जबकि ओबीसी वोटरों ने भाजपा पर अभी भी अपना सबसे बड़ा विश्वास जताया है सर्वे की मानें तो राज्य में 53 फ़ीसदी ओबीसी की पहली पसंद बीजेपी बनी हुई है जबकि 24 फ़ीसदी ने कांग्रेश पर भरोसा जताया है आपकी सेंधमारी ने 17 फ़ीसदी ओबीसी वोट पार्टी की झोली में डाले हैं खास बात यह है कि गुजरात मैं महिलाओं सहित राज्य के नए वोटरों यानी कि युवाओं का 42% विश्वास भाजपा पर है