: उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने कहा अतुल प्रधान को उठाकर बाहर फेंक दीजिए
Wed, Dec 18, 2024
लखनऊ 18 दिसंबर उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना वैसे तो अपने सौम्य स्वभाव के लिए जाने जाते हैं मगर आज सदन में उनका अलग ही रूप रौद्र रूप देखने को मिला। विधानसभा में आज सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बीच जबर्दस्त तू-तू, मैं-मैं हुई।
सपा विधायक अतुल प्रधान और संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना के बीच बहस इतनी बढ़ गई कि विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को हस्तक्षेप करना पड़ा। पहले तो अमर्यादित नारेबाजी करने से सतीश महाना ने अतुल प्रधान को रोका मगर जब वो नहीं माने तो विधानसभा अध्यक्ष को गुस्सा आ गया। उन्होंने मार्शलों से कहा कि अतुल प्रधान को उठाकर बाहर फेंक दो। इसके साथ ही विधानसभा अध्यक्ष ने अतुल प्रधान पूरे सत्र के लिए निष्कासित कर दिया।
दरअसल सपा विधायक अतुल प्रधान प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं, अस्पताल और दवाइयों के मुद्दे पर सरकार पर दोषारोपण कर रहे थे। जब उनकी बात का जवाब देने के लिए डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक खड़े हुए तो अतुल प्रधान समेत अन्य विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने हस्तक्षेप किया और अतुल प्रधान से अमर्यादित नारेबाजी बंद करने को कहा मगर अतुल प्रधान नहीं माने। तब सुरेश खन्ना ने सदन के अध्यक्ष सतीश महाना की ओर रुख किया।
सतीश महाना के समझाने के बावजूद जब अतुल प्रधान नारेबाजी करते रहे तो स्पीकर ने कहा इस तरह की भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। महाना ने प्रधान से कहा, मैं पहले कह चुका हूं कि अगर कोई मंत्री गलत जानकारी देते हैं तो उनको कार्यवाही से निकाला जाएगा। फिर भी आप इस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं। महाना ने चेतावनी देते हुए कहा, प्रिविलेज के अंतर्गत मैं आपकी सदस्यता खत्म करा दूंगा। आप क्या बात करते हैं फिर उन्होंने मार्शलों से कहा, अतुल प्रधान को उठा कर बाहर फेंक दीजिए। इसके बाद सदन की कार्यवाही को कुछ देर के लिए स्थगित कर दिया गया।
: लखनऊ में अचानक धंसने लगी जमीन, सड़क के बीचों बीच हो गया बड़ा गड्ढा
Mon, Dec 16, 2024
लखनऊ 16 दिसंबर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के विकासनगर में एक बार फिर जमीन धंसने की घटना सामने आई है। यहां देखते ही देखते अचानक सड़क के बीचों-बीच जमीन धंसने लगी। थोड़ी ही देर में वहां एक बड़ा सा गड्ढा बन गया।
लखनऊ में अचानक धंसने लगी जमीन, सड़क के बीचों बीच हो गया इतना बड़ा गड्ढा
पहला मौका नहीं है जब इस इलाके में जमीन धंसी है। गनीमत रही कि इस गड्ढे की वजह से अभी तक कोई हादसा नहीं हुआ है। सड़क पर यातायात के चलते यहां गड्ढा बनने से बड़ा हादसा हो सकता है। बता दें कि इसके पहले जुलाई में भी विकास नगर में जमीन धंसी थी और तब सड़क पर 15 से 20 फीट का गड्ढा बन गया था। इसके पहले भी इलाके में इस तरह के गड्ढे बनने की घटनाएं हुई थीं।
इस बार विकास नगर में पीएनबी बैंक चौराहा के पास यह घटना सामने आई है। सड़क के बीचों-बीच सड़क अचानक धंसने लगी। देखते ही देखते वहां गड्ढा बन गया। इस दौरान कई लोगों ने सड़क धंसने और गड्ढा बनने की तस्वीरें खींचनी शुरू कर दीं। लोग यूं अचानक सड़क धंसने की घटनाओं से चिंतत हैं। उन्हें हादसे का डर सता रहा है। इस घटना के बाद उस रास्ते पर आवाजाही रोक दी गई है।
लोगों का कहना है कि ऐसी घटनाएं जिम्मेदारों की लापरवाही की वजह से हो रही हैं। लोगों का कहना है कि कई बार इस तरह के गड्ढे बनने के बाद भी जिम्मेदार लोग इसकी वजह का पता नहीं लगा पा रहे हैं। यदि इसी तरह जमीन धंसने की घटनाएं होती रहीं तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इमें कोई छोटा या बड़ा वाहन फंस सकता है।
: उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज से शुरू सीएम योगी ने सुनाई खरी खरी
Mon, Dec 16, 2024
लखनऊ 16 दिसंबर उत्तर प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन संभल हिंसा का मुद्दा छाया रहा।
इस दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रौद्र रूप देखने को मिला। विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री योगी ने संभल हिंसा को लेकर सुनाई खरी खरीयोगी ने कहा कि लोगों को एक बाद बाबरनामा जरूर पढ़नी चाहिए। उसमें हिंदुओं के मंदिरों को तोड़ने जाने का जिक्र मिलता है। प्रदेश का दंगों का लंबा इतिहास रहा है। यहां सांप्रदायिक दंगें होते रहे हैं। 1972 में आगरा में दंगा हुआ। इसी साल आजमगढ़ में दंगा हुआ, जिसमें 3 लोगों की मौत हुई। बहराइच में भी 1972 में सांप्रदायिक दंगा हुआ, जिसमें 3 मौते हुईं।अलीगढ़ में 1973 में दो समुदाय आमने-सामने गए थे, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई थी। इन दंगों के कारण ही प्रदेश का माहौल नकारात्मक हुआ था। अब प्रदेश में भाजपा की सरकार है। दंगों में कमी आई है। लोगों को कानून पर भरोसा है। यही कारण है कि प्रदेश को 40 लाख करोड़ का निवेश मिला है।
मस्जिद के सामने शोभायात्रा निकलने पर क्यों होता है दंगा
मस्जिद के सामने शोभायात्रा निकलने पर क्यों होता है दंगायोगी आदित्यनाथ ने सवाल उठाते हुए कहा कि मुस्लिमों के जुलूस मंदिरों के सामने से निकलते हैं। लाउडस्पीकर पर गाने बजते हुए जाते हैं, लेकिन कोई दिक्कत नहीं होती है। हिंदू समाज अपनी आस्था के अनुसार यात्रा मस्जिद के सामने निकालती है, तो परेशानी खड़ी हो जाती है। ऐसा क्यों होता है?संभल में जुमे की नमाज के बाद माहौल खराब हुआसंभल को 24 नवंबर को सर्वे का काम था। उससे पहले 23 नवंबर को जुमे की नमाज के समय तकरीरें दी गई। इसने क्षेत्र के माहौल को खराब कर दिया। हमने ज्यूडिशल कमीशन बनाने का फैसला किया है। उसकी रिपोर्ट जल्द सदन में पेश की जाएगी, जिसके बाद सच सबके सामने आ जाएगा।योगी– न बटेंगे और न कटेंगेसीएम योगी ने कहा कि मुस्लिम जुलूस हिंदू मोहल्लों और मंदिर के पास से निकाल सकते हैं, लेकिन क्यों हिंदू शोभायात्रा नहीं निकाल सकते। संभल सपा के समय सुन्नी और शिया के बीच विवाद हुआ करता था। इस विवाद को भाजपा सरकार ने ही दूर किया। अब हिंदुओं को परेशान करने की कोशिश की जा रही है, इसलिए हमने कहा है कि हम न बंटेंगे और न कटेंगे।योगी आदित्यनाथ ने सवाल उठाते हुए कहा कि मुस्लिमों के जुलूस मंदिरों के सामने से निकलते हैं। लाउडस्पीकर पर गाने बजते हुए जाते हैं, लेकिन कोई दिक्कत नहीं होती है। हिंदू समाज अपनी आस्था के अनुसार यात्रा मस्जिद के सामने निकालती है, तो परेशानी खड़ी हो जाती है। ऐसा क्यों होता है?
संभल में जुमे की नमाज के बाद माहौल खराब हुआ
संभल को 24 नवंबर को सर्वे का काम था। उससे पहले 23 नवंबर को जुमे की नमाज के समय तकरीरें दी गई। इसने क्षेत्र के माहौल को खराब कर दिया। हमने ज्यूडिशल कमीशन बनाने का फैसला किया है। उसकी रिपोर्ट जल्द सदन में पेश की जाएगी, जिसके बाद सच सबके सामने आ जाएगा।
योगी– न बटेंगे और न कटेंगे
सीएम योगी ने कहा कि मुस्लिम जुलूस हिंदू मोहल्लों और मंदिर के पास से निकाल सकते हैं, लेकिन क्यों हिंदू शोभायात्रा नहीं निकाल सकते। संभल सपा के समय सुन्नी और शिया के बीच विवाद हुआ करता था। इस विवाद को भाजपा सरकार ने ही दूर किया। अब हिंदुओं को परेशान करने की कोशिश की जा रही है, इसलिए हमने कहा है कि हम न बंटेंगे और न कटेंगे।
अल्लाह हू अकबर बोलने से रोका जाए...
योगी सदन बहुत ही आक्रामक दिखाई दिए। उन्होंने कहा कि जय श्री राम उकसाने वाला स्लोगन नहीं है। यह हमारी आस्था से जुड़ा है। कल मैं कहूं कि मुझे अल्लाह हू अकबर पसंद नहीं है, तो आपको किस तरह का लगेगा? इसके बाद सदन में सपा के विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया।