: गरीब मरीजों की संजीवनी बनी आयुष्मान योजना: ब्रजेश पाठक*
Fri, Aug 25, 2023
लखनऊ। 25 अगस्त प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना प्रदेश में बेहतर तरीके से लागू की गई है। अधिक से अधिक सरकारी व प्राइवेट मेडिकल संस्थानों को जोड़ा गया है। इससे गरीब मरीजों को घर के निकट मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने की राह आसान हुई है। आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मरीज मनपसंद सरकारी व प्राइवेट अस्पताल में करा सकते हैं। यह कहना है डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का।वह शुक्रवार को लखनऊ के हजरतगंज स्थित होटल बीबीडी फॉरच्यून में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। आयुष्मान योजना के पांच साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि यह केंद्र और राज्य की अनूठी एवं कल्याणकारी योजना है। इसके तहत मरीजों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। प्राइवेट अस्पताल बिना किसी जमा राशि के समाज के प्रति उत्कृष्ट सेवा कर रहे हैं।उन्होंने कहा कि यूपी बड़ी आबादी वाला राज्य है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों में मरीजों का बेहतर इलाज किया जाता है। प्रदेश के सभी जिलों में योजना लागू है। प्राइवेट अस्पतालों को इलाज पर आने वाले खर्च का 90 प्रतिशत से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर भी अब गर्व से प्राइवेट अस्पताल में इलाज हासिल कर सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच को यूपी में पूरी तरह से साकार किया जा रहा है।सरकार बीते पांच वर्षों से आयुष्मान योजना का संचालन किया जा रहा है। लक्षित परिवारों एवं सदस्यों का आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाकर उन्हें इलाज की सुविधा मुहैया कराई जा रही है। इसमें निजी अस्पतालों की भूमिका अहम है।
गंभीर बीमारियों का भी इलाज
डिप्टी सीएम ने कहा कि आयुष्मान योजना के तहत गंभीर बीमारियों का इलाज मुहैया कराया जा रहा है। इसमें कैंसर, किडनी, न्यूरो, पेट समेत दूसरी बीमारी शामिल हैं। आयुष्मान योजना के तहत मरीज को भर्ती कर मुफ्त इलाज का लाभ प्रदान किया जा रहा है। इस मौके पर लाभर्थियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
: लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने जब अस्पताल में मंगवा लिया नगर निगम का बुलडोजर
Wed, Aug 23, 2023
लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल नगर निगम के एक मरीज को देखने प्राइवेट हॉस्पिटल गई थीं. जूते पहनकर मेयर ICU में प्रवेश कर रही थीं, तो डॉक्टर ने उनसे जूते उतारकर आने को कहा. मेयर मैडम को गुस्सा आ गया. उन्होंने फौरन नगर निगम का बुलडोजर बुलवा लिया. जैसे ही बुलडोजर चला बवाल मच गया. पुलिस पहुंची और किसी तरह मामले में शांत कराया गया. मेयर कैंप का कहना है उनके साथ बदसलूकी हुई थीएक जमाना था जब नेता समाजसेवी, धैर्यवान और लोगों के आदर्श हुआ करते थे. लेकिन जैसै-जैसै दुनिया प्रगति कर रही है, लोगों के साथ नेताओं की भी संवेदनशीलता शून्य होती जा रही है. इसकी बानगी लखनऊ में देखने को मिली. जानकारी के मुताबिक लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल अपने किसी करीबी को देखने लखनऊ के बिजनौर इलाके में स्थित विनायक अस्पताल पहुंचीं थीं.मेयर जिस मरीज को देखने पहुंचीं थी वह आईसीयू में भर्ती था, आईसीयू की गाइडलाइन के मुताबिक वहां कोई जूता पहनकर नहीं जा सकता. यही कारण था कि आईसीयू वार्ड में जूता पहनकर प्रवेश कर रही मेयर सुषमा खर्कवाल को डॉक्टर ने टोका. लेकिन यह मेयर साहिबा को नागवार गुजरा गया. भड़की महापौर ने तत्काल नगर निगम का बुलडोजर बुला लियानगर निगम का बुलडोजर पहुंचते ही अस्पताल के कर्मचारियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया. जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जैसै तैसे लोगों को शांत कराया. लेकिन चिंता करने वाली बात यह है कि महापौर सुषमा खर्कवाल ने जिस अस्पताल के लिए बुलडोजर बुलवाया था. उसमें कई मरीजों का उपचार जारी था. जिसके चलते मरीजों की जान पर बन आई. मेयर की यह संवेदहीनता देखकर लोग हैरान रह गए. इस दौरान तीमारदार भी हलकान दिखे. वहीं, इस पूरे मामले पर मेयर कैंप का कहना है कि उनके साथ बदसलूकी हुई है
: देर रात कस्तूरबा विद्यालय में डीएम का छापा पकड़ी गई अनियमितता
Wed, Aug 23, 2023
गोंडा 22 अगस्त राजपुर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का सोमवार देर रात डीएम नेहा शर्मा ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में 100 में से 89 छात्राएं गायब देख डीएम हैरान रह गईं।
डीएम ने जब वार्डन से पूछा वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सकी। इस पर लापरवाही बरतने के आरोप में वार्डन और शिक्षिका समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने विद्यालय परिसर में अव्यवस्थाओं को देखकर जिम्मेदारों की जमकर फटकार लगाई। उन्होंने छात्राओं से बात की और विद्यालय में मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। डीएम ने आवागमन रजिस्टर चेक किया गया तो उसमें छात्राओं के आवाजाही का विवरण दर्ज नहीं मिला। साथ ही चौकीदार और पीआरडी जवान भी निरीक्षण के दौरान मौजूद नहीं मिली।
गेट पर किसी भी प्रकार का आवागमन रजिस्टर भी नहीं मिला। पता चला कि वार्डन ने 17 अगस्त से कक्षा सात व आठ की छात्राओं की उपस्थिति दर्ज नहीं की गयी है। प्रेरणा पोर्टल पर फर्जी उपस्थिति भेजकर धनराशि का भुगतान भी कराया जा रहा था। डीएम के निर्देश पर बीएसए प्रेम चंद्र यादव और जिला समन्वयक बालिका शिक्षा रक्क्षंदा सिंह भी देर रात विद्यालय पहुंची।
विद्यालय में वित्तीय अनियमितता, अव्यवस्था और लापरवाही को देखते हुए वार्डन समेत चार के खिलाफ परसपुर थाने में देर रात एफआईआर दर्ज कराई गई । वार्डन सरिता सिंह, पूर्णकालिक शिक्षिका सुषमा पाल, चौकीदार विष्णु प्रताप सिंह एवं पीआरडी जवान दिलीप कुमार मिश्रा के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
अगस्त को ही घर चली गई थीं बालिकाएं:
जिला समन्वयक बालिका शिक्षा ने बताया कि वार्डन को स्पष्ट निर्देश हैं कि अगर कोई बालिका विद्यालय परिसर से बाहर जाती है तो उनका विवरण आवागमन पंजिका में दर्ज होना चाहिए। विद्यालय में इस संबंध में लापरवाही बरती गई है। कई छात्राओं के अभिभावकों ने फोन पर बताया कि उनकी बच्चियां 19 अगस्त को ही घर आ गई थीं। जबकी वार्डन ने छात्राओं के 21 अगस्त को घर जाने की बात कही।