: देशहित में पहले करदाताओं और उनके योगदान की गणना ज़रूरी*
Wed, Oct 4, 2023
लखनऊ 4 अक्टूबर देश में उठ रही जातिगत जनगणना की माँग के बीच करदाताओं की संस्था ग्लोबल टैक्सपेयर्स ट्रस्ट के चेयरमैन मनीष खेमका ने सरकार से माँग की है कि देश और प्रदेश में जातिगत जनगणना से पहले भारत के मेहनतकश करदाताओं व उनके योगदान की गणना ज़रूरी है। यह गणना करके देश के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे करदाताओं को प्राथमिकता के आधार पर ज़रूरी सुविधाओं और सम्मान समेत उनका समुचित हक दिया जाना चाहिए। खेमका ने कहा कि आज शहरों में 25-50 हज़ार रुपये महीना कमाने वाला हर व्यक्ति आयकर के दायरे में है। हर जाति और धर्म से आने वाले भारत के यह मध्यमवर्गीय नागरिक कठिनाई से अपना परिवार पालने के साथ ही साथ देश के विकास में वास्तविक व निःस्वार्थ योगदान देते हैं। शहरी ग़रीब होने के बावजूद करदाता होने के कारण उन्हें किसी भी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलता है। मुफ़्त राशन, भत्ते, नरेगा और आयुष्मान योजना जैसी सभी सरकारी योजनाओं से वह वंचित रहते हैं। मज़े की बात तो यह कि यह सारी योजनाएं चलती उनके ही पैसों से हैं। इसके बावजूद भी वे सरकार से कुछ नहीं माँगते। कोई आंदोलन नहीं करते। सिर झुकाकर चुपचाप देश निर्माण में अपना योगदान देते रहते हैं। वे निश्चित ही सम्मान के पात्र हैं। वास्तव में देश के संसाधनों पर यदि किसी का पहला हक़ है तो वह किसी जाति या धर्म का नहीं बल्कि संसाधनों को पैदा करने वाले करदाताओं का है।खेमका ने वर्तमान राजनीतिक हालात पर खेद व्यक्त करते हुए कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए जातिवाद की भावना को बेवजह तूल देने वालों को देश के मेहनतकश मध्यमवर्गीय करदाताओं से सबक़ और प्रेरणा लेनी चाहिए। जो देश को देने के बावजूद कुछ नहीं माँगते। हम जागरूक नागरिकों को अपने महान देश के लोकतंत्र को भीड़तंत्र में क़तई बदलने नहीं देना चाहिए। उन्होने कहा कि जो भी व्यक्ति इस बात का पक्षधर है कि जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी, उन्हें इस बात का भी समर्थन करना चाहिए कि जिसका जितना योगदान भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी। राजनीति की वर्तमान दशा पर व्यंग करते हुए खेमका ने कहा इस हिसाब से तो पूरे देश को बड़े कारोबारियों के नाम कर देना चाहिए क्योंकि देश के कर राजस्व में सबसे अधिक योगदान वे ही करते हैं। हमने हालाँकि कभी ऐसी माँग नहीं की।खेमका ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि हम करदाताओं के लिए हमेशा से देशहित सर्वोपरी रहा है। हम देश और समाज के लिए अहितकर किसी भी विचार का समर्थन नहीं करते हैं। लेकिन यदि सरकार जातिगत जनगणना का निर्णय लेती है तो निश्चित ही पहले देश के बड़े, मझोले व छोटे मध्यमवर्गीय करदाताओं व उनके योगदान की गणना कराकर उन्हें ज़रूरी स्वास्थ्य आदि सुविधाओं व सम्मान समेत उनका हक़ प्राथमिकता के आधार पर देना चाहिए। सरकार का यह क़दम देशहित में होगा। इससे देश में 15-15 लाख मुफ़्त माँगने वालों की नहीं बल्कि देश को देने वाले करदाताओं की संख्या बढ़ेगी जो कि अभी काफ़ी कम है।
: लखनऊ से एनसीआर तक फिर हिली धरती भूकंप के डर से लोग घरों से बाहर आए
Tue, Oct 3, 2023
लखनऊ 3 अक्टूबर भूकंप ने एक बार फिर मंगलवार को लोगों को दहशत में डाल दिया। दिल्ली-एनसीआर के साथ ही पश्चिमी यूपी से राजधानी लखनऊ तक भूकंप के तेज झटके लोगों ने महसूस किए। दोपहर 2 बजकर 52 मिनट पर दस सेकेंड के अंतराल पर दो झटके लगे।
पहला झटका लगते ही लोग बिल्डिंगों से सड़क और मैदानों की ओर भाग खड़े हुए। इसी बीच दूसरा झटका भी आया। लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में झटके आते ही डॉक्टर के साथ ही मरीज भी बाहर की ओर भागे। काफी देर तक लोग बाहर ही रहे और आपस में भूकंप को लेकर चर्चा करते रहे। झटके के साथ ही मोबाइल पर मैसेज और नोटिफिकेशन की बाढ़ सी आ गई। फिलहाल किसी जिले से जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है।
यूपी में मुरादाबाद, बरेली, कानपुर और श्रावस्ती में भी झटके महसूस किए गए। मेरठ और उससे सटे सहारनपुर, बिजनौर, हापुड़, बागपत में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। सभी लोग बिल्डिंगों से निकलकर बाहर आ गए। राजधानी लखनऊ में गोमती नगर में तेज झटके लोगों ने महसूस किए।
https://twitter.com/PTI_News/status/1709148868498067924?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1709148868498067924%7Ctwgr%5E84f0232c45d235243b88ab6fde961cf49a820b3f%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=http%3A%2F%2Fapi-news.dailyhunt.in%2Fभूकंप का केंद्र नेपाल में था। इसकी तीव्रता 6.2 आंकी गई है। लखनऊ के हजरतगंज में भूकंप के कारण बिल्डिंग से बाहर आए लोगों ने कहा कि आफिस में बैठ-बैठे पानी हिलने लगा फिर कुर्सी भी हिलने लगी। देखा तो सभी लोग बाहर भाग रहे हैं। नीचे पहुंचे तो भीड़ लगी थी।
: विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन मंत्री ने होटल/टूरिज्म सेक्टर के उद्मियों को किया संबोधित
Fri, Sep 29, 2023
लखनऊ: 27 सितम्बर, 2023 आज विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति जयवीर सिंह ने होटल एवं टूरिज्म व्यवसायियों को बधाई देते हुये अपील किया कि उत्तर प्रदेश में हुये बदलाव को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करते हुये पर्यटन को बढ़ावा देते हुये ब्रॉण्ड एम्बेसडर के रूप में कार्य करे। उन्होने ये भी कहा कि उत्तर प्रदेश की बेहतर कानून व्यवस्था एवं पर्यटन फ्रेण्डली बदलाव को ग्लोबल स्तर पर साझा करते हुये विदेश से यूपी की धरती पर आने वाले हर पर्यटक की पहली पसंद उत्तर प्रदेश बने, इसके लिये पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ सहयोग करे।
विश्व पर्यटन दिवस पर अवध क्लार्क होटल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुये पर्यटन मंत्री ने कहा कि करोना की त्रासदी के बाद उत्तर प्रदेश में पर्यटकों का आवागमन बहुत तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2022 में लगभग 32 करोड़ घरेलू पर्यटक उत्तर प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आये। जिसके फलस्वरूप उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में पहले स्थान में बना हुआ है। उन्होने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश की ओर कोई पर्यटक रूख नहीं करना चाहता था। अब परिस्थितयां पूरी तरह बदल चुकी है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मा0 मुख्यमंत्री योगी जी के नेतृत्व में बेहतर कानून व्यवस्था तथा उच्च स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं से युक्त रेल, वायु, सड़क तथा जल परिवहन की सुविधा उपलब्ध है। वाराणसी तथा अयोध्या क्रूज का संचालन शुरू कराया गया है। इसी तर्ज पर नदी के किनारे बसे हुये बड़े शहरों के लिये भी क्रूज सेवा शुरू की जायेगी। पर्यटकों के लिये हेलीकाप्टर सेवा के अलावा हेलीपोर्ट भी तैयार किये जा रहे है। ऊँचे स्थानों के लिये रोप वे सेवा भी शुरू की गयी है। खण्डहर हो चुके राही गेस्ट हाउस को पीपीपी मॉडल पर 62 वर्ष की लीज पर देने की तैयारी की जा रही है।जयवीर सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था एवं अवस्थापना सुविधाओं में सुधार के चलते उत्तर प्रदेश की छवि पूरी तरह बदल चुकी है। यूपीजीआईएस-23 आयोजन के दौरान पूरी दुनिया भर से निवेशक उत्तर प्रदेश आये और लगभग 35 लाख करोड रूपये का निवेश आया। पर्यटन सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर निवेशकों ने रूचि दिखायी है। उत्तर प्रदेश के बारे में स्थापित धारणा (परसेप्सेंशन) पूरी तरह बदल चुका है। जिसके फलस्वरूप विभिन्न सेक्टरों के उद्योगपति अपने उद्योगों का विस्तार कर रहे है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन सेक्टर को उद्योग का दर्जा देने जा रही है। इसके तहत पर्यटन व्यवसाय से जुडे होटल, ट्रेवल, टूर आपरेटर आदि को आकर्षक लाभ देने की योजना है। उन्होने ये भी कहा कि अयोध्या तथा जेवर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट शीघ्र शुरू होंगे। उन्होने ट्रेवल तथा टूरिज्म से जुडें हुये उद्यमियों को राज्य सरकार के प्रयासों में सहयोग देने की अपील की।
इस अवसर पर लखनऊ के जिलाधिकारी सूर्यपाल सिंह गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश और खासतौर से लखनऊ का बदला हुआ रूप सारी दुनिया के सामने करोना के बाद हुये बदलाव वाले यूपी को देखने के लिए पूरे विश्व के आगुन्तकों के लिये उत्तर प्रदेश पसंदीदा स्थल बन चुका है। बैठक क्लार्क में आयोजित कार्यक्रम मे जाने माने साहित्यकार रवि भट्ट ने अवध के बादशाहों तथा विरासत से जुडी रोचक जानकारी दी। उन्होने लखनऊ के प्रमुख स्थलों के इतिहास तथा उन्हे नामकरण से जुडी घटनाओं के बारे में बताया। इस अवसर पर पर्यटन विकास निगम लि0 के प्रबन्ध निदेशक श्री ए.के. पाण्डेय क्लार्क अवध के एम.डी. अपूर्व के अलावा रवि खन्ना तथा ट्रैवल एवं होटल से जुडे भारी संख्या में प्रतिनिधिगण मौजूद थे।
विश्व पर्यटन दिवस पर पूर्वाहन अमौसी एयरपोर्ट के नजदीक हिल्टेन-ईन होटल में आयोजित कार्यक्रम को भी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने संबोधित करते हुये उत्तर प्रदेश में आये हुये बदलाव को रेखांकित करते हुये पर्यटकों को यूपी आने का न्यौता दिया। इस अवसर पर टीटीएम-2023 तथा ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के अलावा अजीम तथा राजीव अरोरा आदि लोग मौजूद थे।