: लखनऊ के सनसनीखेज हत्याकांड में प्रेमी ने पार्टनर की गोली मारकर हत्या कर दी।
Fri, Aug 18, 2023
लखनऊ 18 अगस्त लखनऊ के सनसनीखेज हत्याकांड में प्रेमी ने लिव-इन पार्टनर की गोली मारकर हत्या कर दी। फेसबुक पर दोनों की दोस्ती हुई थी। फिर 9 महीने से फ्लैट में साथ रह रहे थे। गुरुवार को दोनों में विवाद हुआ। इसके बाद प्रेमी ने उसको दो गोली मार दी। इसके बाद फ्लैट का दरवाजा बंद किया और बाहर चला गया।वारदात का पता रात 10 बजे तब चला जब कैंट इलाके में रहने वाले युवती के मां-बाप फ्लैट पहुंचे। वहां कमरे में खून से लथपथ बेटी का शव पड़ा हुआ था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने सर्विलांस की मदद से फ्लैट के पास से ही आरोपी प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया।जब पुलिस ने हत्या की वजह पूछी तो कहा,उसने अपने तलाक और एक बच्ची की बात छिपाई थी। इसलिए, उसके दिल और दिमाग में गोली मारी।वारदात सुशांत गोल्फ सिटी के पैराडाइज क्रिस्टल अपार्टमेंट की है। यहां फ्लैट नंबर-203 में रिया और ऋषभ लिव-इन में रहते थे। ADCP साउथ शशांक सिंह ने बताया कि ऋषभ सिंह प्रतापगढ़ का रहने वाला है। रिया का तलाक हो चुका था। उसके एक बेटी प्रिंसी है। जिसे उसने कैंट स्थित अपने मायके में छोड़ दिया था।रिया नवंबर-2022 से ऋषभ के साथ लिव-इन में रह रही थी। उसके तलाकशुदा होने की जानकारी ऋषभ को नहीं थी। मगर हाल ही में ऋषभ को इस बारे में पता चल गया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद होने लगा। वहीं ऋषभ को शक था कि आजकल रिया का किसी दूसरे लड़के के साथ अफेयर चल रहा है।पूछताछ के आधार पर पुलिस ने बताया कि गुरुवार दोपहर दोनों के बीच इसी बात को लेकर झगड़ा शुरू हुआ। पहले मारपीट हुई। इसके बाद ऋषभ ने रिया को गोली मार दी। फिर घर का दरवाजा बंद कर अपार्टमेंट के आसपास ही घूमता रहा। इधर, परिजन बेटी को फोन कर रहे थे, लेकिन जब काफी देर तक फोन रिसीव नहीं हुआ, तो वह फ्लैट पहुंचे।दरवाजा खोलकर अंदर आए तो बेटी की लाश पड़ी थी। इसके बाद पुलिस पहुंची। क्योंकि ऋषभ फ्लैट से गायब था। इसलिए सीधा शक उसी पर गया। पुलिस ने थोड़ी देर में ही उसे पकड़ लिया।
बेरोजगार था ऋषभ, लड़की मेकअप आर्टिस्ट थी
पूछताछ में ऋषभ ने पुलिस को बताया कि वह M.sc करने के बाद बेरोजगार था। रिया ब्यूटी पार्लर का काम करती थी। वह मेकअप आर्टिस्ट थी। सोशल मीडिया पर दोनों की दोस्ती हुई थी। इसके बाद मुलाकात हुई। फिर लिव-इन में रहने लगे थे। लेकिन, तब उसको रिया की पुरानी जिंदगी के बारे में पता नहीं था। रिया ने भी कोई जानकारी नहीं दी थी।मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ घर से साक्ष्य एकत्र किए। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि 315 बोर के तमंचे से घटना को अंजाम दिया गया है। पुलिस आरोपी से घटना में इस्तेमाल तमंचे के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।
: यूपी के 3373 बेसिक स्कूलों में नहीं हुआ एक भी नया प्रवेश, शिक्षा विभाग सबसे खराब हाल
Fri, Aug 18, 2023
लखनऊ 18 अगस्त सत्र 2023 2024 में प्रदेश के 3373 बेसिक स्कूलों में कक्षा एक में एक भी नया प्रवेश नहीं हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा एक में शून्य प्रवेश वाले स्कूलों की सूची जारी की है। आगरा का हाल सबसे खराब है क्योंकि यहां 165 स्कूलों में कोई नया प्रवेश नहीं हुआ।खराब प्रदर्शन वाले जिलों में बरेली 10वें स्थान पर है। यह आंकड़े स्कूल चलो अभियान की पोल खोलते दिख रहे हैं।बेसिक स्कूलों में छात्रों को प्रवेश देने के बाद उनका प्रेरणा पोर्टल पर नामांकन किया जाता है। नामांकन के आधार पर ही छात्रों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाता है। बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रेरणा पोर्टल पर जीरो नामांकन वाले प्रदेश के स्कूलों की सूची जारी की है। इस सूची में कुल 3373 स्कूल शामिल हैं। अप्रैल से लेकर जुलाई तक स्कूल चलो अभियान का हल्ला मचा रहा लेकिन इसके बाद भी इन 3373 स्कूलों में एक भी नया प्रवेश नहीं हुआ। ऐसे में साफ है कि स्कूल चलो अभियान सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया।आंकड़ों के मुताबिक सबसे खराब स्थिति आगरा की है। आगरा के नगर और देहात क्षेत्र के 165 स्कूलों में नए प्रवेश के नाम पर एक भी छात्र का प्रवेश नहीं हुआ। मैनपुरी के 163, कानपुर नगर के 124, कानपुर देहात के 123 और जालौन के 105 स्कूलों में भी कोई नया प्रवेश नहीं हुआ। टॉप-10 खराब जिलों की सूची में छठे स्थान पर 103 स्कूलों के साथ एटा, सातवें पर 100 स्कूलों के साथ रामपुर, आठवें पर 94 स्कूलों के साथ आजमगढ़ और नौवें स्थान पर 92 स्कूलों के साथ अमरोहा जिला शामिल है।
खराब जिलों में बरेली को दसवां स्थान
प्रदेश के सबसे खराब प्रदर्शन वाले जिलों में बरेली दसवें नंबर पर है। बरेली के 91 स्कूलों में कक्षा एक में एक भी नए छात्र का शिक्षक प्रवेश नहीं ले सके। मंडल मुख्यालय होने के बाद भी जिले की ऐसी स्थिति से अधिकारियों की निष्क्रियता का भी अंदाजा लग सकता है। मंडल के अन्य तीन जिलों की स्थिति बरेली से बेहतर है। शाहजहांपुर के 54 स्कूल, बदायूं के 49 और पीलीभीत के 31 स्कूल ही शून्य नामांकन वाले हैं।
उन्नाव व हमीरपुर का प्रदर्शन सबसे बेहतर
कक्षा एक में नए छात्रों को प्रवेश देने में उन्नाव और हमीरपुर का प्रदर्शन पूरे प्रदेश में सबसे बेहतर रहा है। दोनों ही जिलों में सिर्फ एक-एक स्कूल ऐसे हैं जहां कक्षा एक में कोई भी नव प्रवेश नहीं हुआ। महाराजगंज, अमेठी और कुशीनगर संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं। यहां दो-दो स्कूल बिना प्रवेश के रहे। सिद्धार्थनगर चार, भदोही पांच और वाराणसी आठ स्कूलों के साथ तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर है। गाजियाबाद 11, शामली और अलीगढ़ 12, खीरी और बहराइच 13, कौशाम्बी 15 व महोबा 16 स्कूलों के साथ टॉप-10 अच्छे जिलों में शामिल हैं।
: एटीएम से ठगी क्या नया पैंतरा आप रहे सावधान
Sun, Aug 13, 2023
लखनऊ 13 अगस्त उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे जनपद बाराबंकी में एटीएम से हेराफेरी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां ठगों के एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश हुआ है जो चिपकने वाला फेवी क्विक डालकर लोगों के एटीएम से पैसा निकाल लेते थे
पुलिस ने दो ठगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपी बिहार के रहने वाले हैं. यह शातिर साइबर ठग उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ बिहार में भी कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं. पुलिस ने इनके कब्जे से कई लोगों के अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, साढ़े तीन लाख रुपए कैश और घटनाओं को अंजाम देने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं
बाराबंकी सर्विलांस और नगर कोतवाली पुलिस टीम ने सतीश कुमार और चन्दन कुमार नाम के इन दो शातिर साइबर लुटेरों को कुरौली से गिरफ्तार किया है. यह दोनों बिहार के जमुई थाना क्षेत्र में सिकंदरा के निवासी हैं. बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष मिश्रा ने इन दोनों के कारनामों का खुलासा किया है
गिरफ्तार ठगों ने 7 जुलाई को फतेहपुर कस्बे में इसरत जहां नाम की महिला का एटीएम कार्ड बदल कर खाते से रुपए निकाल लिए थे. 26 जुलाई को प्रभात चन्द्र की मां का एटीएम कार्ड मशीन में फंस जाने के बाद, उनके खाते से पैसे निकाल लिए थे
मामले में दर्ज मुकदमे के बाद जब पुलिस जांच में जुटी तो उसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ. एएसपी के मुताबिक यह ठग एटीएम में फेवी क्विक डालकर पैसे निकालने वाले ग्राहकों को बड़े ही शातिर तरीके से अपना निशाना बनाते थे. एएसपी के मुताबिक सतीश कुमार और चन्दन कुमार ने पूछताछ में बताया कि यह लोग ज्यादातर कम पढ़े लिखे और ग्रामीणों को निशाना बनाते थे
ये ठग लोगों का एटीएम कार्ड बदलकर या एटीएम मशीन में कार्ड एंटर करने की जगह पर सिरिंज से फेवी क्विक लगा देते थे. साथ ही एटीएम मशीन के ऊपर सहायता प्राप्त करने के लिए अपने मोबाइल नंबरों को मार्कर से लिख देते थे. दोनों ने बताया कि जब किसी ग्राहक का एटीएम कार्ड मशीन में चिपक जाता था तो दोनों में से एक एटीएम में जाता था. वो ग्राहक से उसकी परेशानी पूछता था और सहायता के लिए एटीएम मशीन पर मार्कर से लिखे नंबरों को डायल करने को कहता था. बाहर खड़ा उसका दूसरा साथी ग्राहक से मोबाइल कॉल पर ही उसके एटीएम की पूरी डिटेल और पिन नंबर समेत बाकी जानकारियां ले लेता था
एएसपी ने बताया कि फोन पर वह ग्राहक को टेक्नीशियन को भेजने का आश्वासन देता था. लेकिन काफी देर तक टेक्नीशियन के न आने पर ग्राहक परेशान होकर चला जाता था. तब दोनों में से एक शख्स एटीएम के अन्दर जाता था और चाकू, प्लास समेत बाकी चीजों से एटीएम कार्ड निकाल कर उसी एटीएम कार्ड का प्रयोग करके खाते से ऑनलाइन शापिंग करते थे और कैश निकाल लेते थे. आरोपियों ने कानपुर नगर, लखनऊ, उन्नाव, बनारस, प्रयागराज, रायबरेली और अन्य जिलों के साथ बिहार में भी घटनाओं को अंजाम दिया
पुलिस अन्य घटनाओं की छानबीन करने में जुटी है. पुलिस ने इनके कब्जे से दूसरे ग्राहकों के 14 एटीएम कार्ड, 3 मोबाइल फोन, 6 सिम कार्ड, इंडिगो कार, 3,49,800 नगद रुपए, वारदात को अंजाम देने वाले फेवी क्विक, डिस्पोजल सिरिंज, पेचकस, प्लास और दूसरे उपकरण बरामद किए हैं. एसपी आशुतोष मिश्र ने बताया कि बिहार में डिस्ट्रीब्यूटर एक हजार रुपए में दूसरे के नाम का सिम उपलब्ध कराता है. यह दोनों उसी सिम का इस्तेमाल करते थे