: यूपी के 3373 बेसिक स्कूलों में नहीं हुआ एक भी नया प्रवेश, शिक्षा विभाग सबसे खराब हाल
Fri, Aug 18, 2023
लखनऊ 18 अगस्त सत्र 2023 2024 में प्रदेश के 3373 बेसिक स्कूलों में कक्षा एक में एक भी नया प्रवेश नहीं हुआ है। बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा एक में शून्य प्रवेश वाले स्कूलों की सूची जारी की है। आगरा का हाल सबसे खराब है क्योंकि यहां 165 स्कूलों में कोई नया प्रवेश नहीं हुआ।खराब प्रदर्शन वाले जिलों में बरेली 10वें स्थान पर है। यह आंकड़े स्कूल चलो अभियान की पोल खोलते दिख रहे हैं।बेसिक स्कूलों में छात्रों को प्रवेश देने के बाद उनका प्रेरणा पोर्टल पर नामांकन किया जाता है। नामांकन के आधार पर ही छात्रों को विभिन्न योजनाओं का लाभ दिया जाता है। बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रेरणा पोर्टल पर जीरो नामांकन वाले प्रदेश के स्कूलों की सूची जारी की है। इस सूची में कुल 3373 स्कूल शामिल हैं। अप्रैल से लेकर जुलाई तक स्कूल चलो अभियान का हल्ला मचा रहा लेकिन इसके बाद भी इन 3373 स्कूलों में एक भी नया प्रवेश नहीं हुआ। ऐसे में साफ है कि स्कूल चलो अभियान सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया।आंकड़ों के मुताबिक सबसे खराब स्थिति आगरा की है। आगरा के नगर और देहात क्षेत्र के 165 स्कूलों में नए प्रवेश के नाम पर एक भी छात्र का प्रवेश नहीं हुआ। मैनपुरी के 163, कानपुर नगर के 124, कानपुर देहात के 123 और जालौन के 105 स्कूलों में भी कोई नया प्रवेश नहीं हुआ। टॉप-10 खराब जिलों की सूची में छठे स्थान पर 103 स्कूलों के साथ एटा, सातवें पर 100 स्कूलों के साथ रामपुर, आठवें पर 94 स्कूलों के साथ आजमगढ़ और नौवें स्थान पर 92 स्कूलों के साथ अमरोहा जिला शामिल है।
खराब जिलों में बरेली को दसवां स्थान
प्रदेश के सबसे खराब प्रदर्शन वाले जिलों में बरेली दसवें नंबर पर है। बरेली के 91 स्कूलों में कक्षा एक में एक भी नए छात्र का शिक्षक प्रवेश नहीं ले सके। मंडल मुख्यालय होने के बाद भी जिले की ऐसी स्थिति से अधिकारियों की निष्क्रियता का भी अंदाजा लग सकता है। मंडल के अन्य तीन जिलों की स्थिति बरेली से बेहतर है। शाहजहांपुर के 54 स्कूल, बदायूं के 49 और पीलीभीत के 31 स्कूल ही शून्य नामांकन वाले हैं।
उन्नाव व हमीरपुर का प्रदर्शन सबसे बेहतर
कक्षा एक में नए छात्रों को प्रवेश देने में उन्नाव और हमीरपुर का प्रदर्शन पूरे प्रदेश में सबसे बेहतर रहा है। दोनों ही जिलों में सिर्फ एक-एक स्कूल ऐसे हैं जहां कक्षा एक में कोई भी नव प्रवेश नहीं हुआ। महाराजगंज, अमेठी और कुशीनगर संयुक्त रूप से दूसरे नंबर पर हैं। यहां दो-दो स्कूल बिना प्रवेश के रहे। सिद्धार्थनगर चार, भदोही पांच और वाराणसी आठ स्कूलों के साथ तीसरे, चौथे और पांचवें स्थान पर है। गाजियाबाद 11, शामली और अलीगढ़ 12, खीरी और बहराइच 13, कौशाम्बी 15 व महोबा 16 स्कूलों के साथ टॉप-10 अच्छे जिलों में शामिल हैं।
: एटीएम से ठगी क्या नया पैंतरा आप रहे सावधान
Sun, Aug 13, 2023
लखनऊ 13 अगस्त उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सटे जनपद बाराबंकी में एटीएम से हेराफेरी का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां ठगों के एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश हुआ है जो चिपकने वाला फेवी क्विक डालकर लोगों के एटीएम से पैसा निकाल लेते थे
पुलिस ने दो ठगों को इस मामले में गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपी बिहार के रहने वाले हैं. यह शातिर साइबर ठग उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ बिहार में भी कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं. पुलिस ने इनके कब्जे से कई लोगों के अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, साढ़े तीन लाख रुपए कैश और घटनाओं को अंजाम देने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं
बाराबंकी सर्विलांस और नगर कोतवाली पुलिस टीम ने सतीश कुमार और चन्दन कुमार नाम के इन दो शातिर साइबर लुटेरों को कुरौली से गिरफ्तार किया है. यह दोनों बिहार के जमुई थाना क्षेत्र में सिकंदरा के निवासी हैं. बाराबंकी के अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष मिश्रा ने इन दोनों के कारनामों का खुलासा किया है
गिरफ्तार ठगों ने 7 जुलाई को फतेहपुर कस्बे में इसरत जहां नाम की महिला का एटीएम कार्ड बदल कर खाते से रुपए निकाल लिए थे. 26 जुलाई को प्रभात चन्द्र की मां का एटीएम कार्ड मशीन में फंस जाने के बाद, उनके खाते से पैसे निकाल लिए थे
मामले में दर्ज मुकदमे के बाद जब पुलिस जांच में जुटी तो उसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ. एएसपी के मुताबिक यह ठग एटीएम में फेवी क्विक डालकर पैसे निकालने वाले ग्राहकों को बड़े ही शातिर तरीके से अपना निशाना बनाते थे. एएसपी के मुताबिक सतीश कुमार और चन्दन कुमार ने पूछताछ में बताया कि यह लोग ज्यादातर कम पढ़े लिखे और ग्रामीणों को निशाना बनाते थे
ये ठग लोगों का एटीएम कार्ड बदलकर या एटीएम मशीन में कार्ड एंटर करने की जगह पर सिरिंज से फेवी क्विक लगा देते थे. साथ ही एटीएम मशीन के ऊपर सहायता प्राप्त करने के लिए अपने मोबाइल नंबरों को मार्कर से लिख देते थे. दोनों ने बताया कि जब किसी ग्राहक का एटीएम कार्ड मशीन में चिपक जाता था तो दोनों में से एक एटीएम में जाता था. वो ग्राहक से उसकी परेशानी पूछता था और सहायता के लिए एटीएम मशीन पर मार्कर से लिखे नंबरों को डायल करने को कहता था. बाहर खड़ा उसका दूसरा साथी ग्राहक से मोबाइल कॉल पर ही उसके एटीएम की पूरी डिटेल और पिन नंबर समेत बाकी जानकारियां ले लेता था
एएसपी ने बताया कि फोन पर वह ग्राहक को टेक्नीशियन को भेजने का आश्वासन देता था. लेकिन काफी देर तक टेक्नीशियन के न आने पर ग्राहक परेशान होकर चला जाता था. तब दोनों में से एक शख्स एटीएम के अन्दर जाता था और चाकू, प्लास समेत बाकी चीजों से एटीएम कार्ड निकाल कर उसी एटीएम कार्ड का प्रयोग करके खाते से ऑनलाइन शापिंग करते थे और कैश निकाल लेते थे. आरोपियों ने कानपुर नगर, लखनऊ, उन्नाव, बनारस, प्रयागराज, रायबरेली और अन्य जिलों के साथ बिहार में भी घटनाओं को अंजाम दिया
पुलिस अन्य घटनाओं की छानबीन करने में जुटी है. पुलिस ने इनके कब्जे से दूसरे ग्राहकों के 14 एटीएम कार्ड, 3 मोबाइल फोन, 6 सिम कार्ड, इंडिगो कार, 3,49,800 नगद रुपए, वारदात को अंजाम देने वाले फेवी क्विक, डिस्पोजल सिरिंज, पेचकस, प्लास और दूसरे उपकरण बरामद किए हैं. एसपी आशुतोष मिश्र ने बताया कि बिहार में डिस्ट्रीब्यूटर एक हजार रुपए में दूसरे के नाम का सिम उपलब्ध कराता है. यह दोनों उसी सिम का इस्तेमाल करते थे
: आजमगढ़ घटना की सीबीआई जांच की मांग, न्याय के लिए भटकते अभिभावक
Sat, Aug 12, 2023
लखनऊ 12 अगस्त आजमगढ़ स्थित चिल्ड्रेन गर्ल्स स्कूल में 11वीं की छात्रा श्रेया की मौत मामले में शनिवार को भी अभिभावक सड़क पर उतरे। श्रेया के माता-पिता के नेतृत्व में शहर के मुख्या चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल मार्च निकाला। छात्रा के माता-पिता ने जिलाधिकारी को पत्रक सौंप कर प्रकरण की जांच आजमगढ़ पुलिस से ही कराए जाने की मांग की।छात्रा के माता-पिता ने फफकते हुए कहा कि अब मेरी बेटी तो लौटकर नहीं आएगी लेकिन हम न्याय चाहते हैं। मां ने कहा कि आजमगढ़ पुलिस की विवेचना में ऐसी क्या गड़बड़ी थी कि मऊ पुलिस ने उसे सिरे से खारिज कर दिया और गिरफ्तार प्रधानाचार्या और क्लास टीचर को पूरी तरह से क्लीन चिट दे दिया। वहीं पिता ने प्रकरण में सीबीआई जांच की मांग भी की।
तीसरी मंजिल से गिरी थी छात्रा, घटना को लेकर स्कूल प्रशासन रहा मौन
31 जुलाई को चिल्ड्रेन गर्ल्स स्कूल में कक्षा 11 में पढ़ने वाली छात्रा श्रेया की तीसरी मंजिल से संदिग्धावस्था में गिर कर मौत हो गई थी। विद्यालय प्रशासन घंटों परिजनों को बरगलाता रहा और काफी देर से परिजनों को सूचित किया। पुलिस को भी समय से सूचना नहीं दी गई। सारे साक्ष्य पर पानी डाल कर साफ करने के बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई थी।पुलिस पहुंची तो छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। देर शाम पुलिस ने हत्या की धारा में मुकदमा भी दर्ज किया। तीन अगस्त को प्रधानाचार्या सोनम मिश्रा व कक्षाध्यापक अभिषेक राय को गिरफ्तार भी कर लिया। यह अलग बात है कि विवेचना में हत्या की पुष्टि न होने पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा में दोनों की गिरफ्तारी हुई। इस बीच आठ अगस्त को प्राइवेट स्कूल संचालकों ने अपने-अपने स्कूल को बंद कर प्रधानाचार्या व शिक्षक की गिरफ्तारी का विरोध किया। वहीं आईजी ने जनपद पुलिस से घटना की विवेचना लेकर सीओ सिटी मऊ को जांच दे दी।
सीओ सिटी मऊ की विवेचना पर सवाल
सीओ सिटी मऊ ने मात्र 24 घंटे में ही अपनी विवेचना पूरी करते हुए कोर्ट में 164 में अपनी रिपोर्ट देते हुए गिरफ्तार प्रधानाचार्या व शिक्षक को इस घटना में दोषी पाए जाने से इंकार कर दिया। जिस पर कोर्ट ने नौ अगस्त की देर शाम ही दोनों के रिहाई आदेश जारी कर दिए। इसके कुछ घंटे बाद ही नियम के विपरित रात 11 से साढ़े 11 बजे के बीच दोनों को जेल प्रशासन ने रिहा भी कर दिया। बच्ची की शुक्रवार को तेरहवीं थी। जिसके चलते परिजन भी विरोध नहीं कर पाए। शनिवार को छात्रा के माता-पिता के नेतृत्व में अभिभावक फिर से सड़क पर उतरे। जिलाधिकारी को पत्रक सौंपकर सीओ सिटी मऊ की विवेचना को सिरे से खारिज करते हुए आजमगढ़ पुलिस की विवेचना के आधार पर ही कार्रवाई आगे बढ़ाए जाने की मांग की।
धनबल पर प्रभावित की गई है विवेचना, जाउंगी सीएम के पास
छात्रा की मां ने कहा कि विद्यालय के लोग काफी बड़े लोग है। धनबल और बाहुबल के बल पर विवेचना को प्रभावित किया गया। अपनी ताकत दिखा कर मेरी बच्ची की मौत के बाद भी चीरहरण किया जा रहा है। सीओ सिटी मऊ न जाने किस दबाव में आजमगढ़ पुलिस की पूरी विवेचना को ही पलट दिए हैं। बेटी को न्याय दिलाने के लिए अब मैं सीएम योगी तक जाउंगी।
हाईकोर्ट में लगाएंगे गुहार, करेंगे सीबीआई जांच की मांग
छात्रा के पिता ने कहा कि बेटी को न्याय दिलाने के लिए पिता ने भी कमर कस लिया है। आईजी जोन के निर्देश पर आजमगढ़ पुलिस से विवेचना मऊ पुलिस को सौंपे जाना पूरी तरह से गलत है। आजमगढ़ पुलिस की विवेचना पर हमें पूरा भरोसा था। जांच सही दिखा में चल रही थी। ऐसे में मऊ पुलिस को विवेचना देकर जांच को भटकाने का काम किया गया है। अब मैं हाईकोर्ट में गुहार लगाने के साथ ही शासन-प्रशासन से प्रकरण की सीबीआई जांच की भी मांग करता हूं।