: सुप्रीम कोर्ट ने दोनों आईएएस अफसरों को फौरन रिहा करने का आदेश दिया
Tue, Apr 25, 2023
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है और यूपी सरकार के वित्त सचिव एसएमए रिजवी और विशेष सचिव (वित्त) सरयू प्रसाद मिश्रा को फौरन रिहा करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद दोनों IAS अफसरों को 19 अप्रैल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। यूपी सरकार ने HC के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।20 अप्रैल को सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से ASG केएम नटराज (ASG KM Natraj) पेश हुए। उन्होंने सीजेआई चंद्रचूड़ की बेंच को दोनों अफसरों को हिरासत में लेने की जानकारी देते हुए कहा, ‘मीलॉर्ड! यह तो बहुत अजीब आदेश है…।’ सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे लगाते हुए दोनों अफसरों को फौरन रिहा करने का आदेश दिया।सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करने का आदेश देते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले पर स्टे जारी रहेगा। यूपी सरकार के अधिकारियों को तुरंत रिहा किया जाए।
क्यों हिरासत में लिये गए थे IAS अफसर?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों अफसरों को न्यायालय की अवमानना का दोषी करार देते हुए हिरासत में लेने का आदेश दिया था। दरअसल, पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के 4 अप्रैल के एक आदेश से जुड़ा है। उच्च न्यायालय ने, हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों की सुविधा से संबंधित मामले पर हफ्ते भर के अंदर जवाब दायर करने को कहा था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। हाईकोर्ट ने इसे अवमानना माना।इससे पहले 18 अप्रैल को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में एक एफिडेविट दाखिल कर बताया था कि 4 अप्रैल के आदेश को लागू नहीं किया जा सका है। कोर्ट ने इसपर कड़ी नाराजगी जाहिर की और कहा कि राज्य का वित्त विभाग जानबूझकर न्यायालय के फैसले को लागू नहीं कर रहा है और हीला-हवाली कर रहा है।लाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों अफसरों को न्यायालय की अवमानना का दोषी करार देते हुए हिरासत में लेने का आदेश दिया था। दरअसल, पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के 4 अप्रैल के एक आदेश से जुड़ा है। उच्च न्यायालय ने, हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों की सुविधा से संबंधित मामले पर हफ्ते भर के अंदर जवाब दायर करने को कहा था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। हाईकोर्ट ने इसे अवमानना माना।इससे पहले 18 अप्रैल को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में एक एफिडेविट दाखिल कर बताया था कि 4 अप्रैल के आदेश को लागू नहीं किया जा सका है। कोर्ट ने इसपर कड़ी नाराजगी जाहिर की और कहा कि राज्य का वित्त विभाग जानबूझकर न्यायालय के फैसले को लागू नहीं कर रहा है और हीला-हवाली कर रहा है।इससे पहले बुधवार को जब दोनों अफसर हिरासत में लिये गए थे, तब भी उत्तर प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने उनकी जमानत की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। कहा था कि कोर्ट के आदेश का पालन करें, तभी राहत मिलेगी।अब सवाल यह उठता है क्या हाई कोर्ट आम जनता से जुड़े मुद्दों पर भी इतनी तत्परता दिखा पाएगा क्योंकि मामला न्यायाधीशों से जुड़े हुए मुद्दे के आदेश पर अवमानना से संबंधित था यद्यपि जो सजगता एवं तत्परता उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने न्याय में हुई देरी पर उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस के साथ व्यवहार किया वह उचित तभी माना जा सकता है जबकि ऐसा व्यवहार एक आम आदमी के साथ जुड़े हुए मुद्दे पर न्याय में होने वाली देरी पर भी किया जाए यदि संवैधानिक पीठ ऐसी तत्परता एवं सजगता सभी के लिए अप्लाई तो निश्चित रूप से अवमानना के मामले अदालतों में सिमट कर रह जाएंगे और एक बहुत बड़ा पैगाम हमारे सिस्टम को जाएगा
: यूपी बोर्ड 12वीं के रिजल्ट हुए घोषित, टॉपर्स देखें
Tue, Apr 25, 2023
उत्तर प्रदेश बोर्ड ने 10वीं-12वीं का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस साल 10वीं की परीक्षा में कुल 89.78 प्रतिशत छात्र और छात्राएं पास हुए हैं. इस साल परीक्षा में छात्रों का पास प्रतिशत 86.64 % और छात्राओं का पास प्रतिशत 93.34% है यूपी बोर्ड के निदेशक डॉ महेन्द्र देव और यूपी बोर्ड के सचिव दिब्य कांत शुक्ल ने रिजल्ट घोषित किया। गौर करने वाली बात ये भी है कि इस साल यूपी बोर्ड 12वीं में फतेहपुर जिले का दबदबा देखने को मिला। अधिकतर टॉपर फतेहपुर जिले से ही हैं।बता दें कि पिछले साल हाई स्कूल में 88.18 फ़ीसदी परीक्षार्थी पास पास हुए थे और इंटरमीडिएट में 85.33 फ़ीसदी परीक्षार्थी पास हुए थे। इसके आलावा इस साल हाईस्कूल में 2,08,953 और इंटरमीडिएट में 2,22,618 को मिलाकर कुल 4,31,571 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी थी। यूपी बोर्ड के 12वीं के परिणाम के अनुसार छात्रों की रैंक कुछ इस प्रकार रही-
यूपी बोर्ड 12वीं की पहली रैंक-
जिला नाम अंक प्रतिशतमहोबा शुभ चापरा 489/500 97.80%
यूपी बोर्ड 12वीं की दूसरी रैंक-
जिला नाम अंक प्रतिशतपीलीभीत सौरभ गंगवार 486/500 97.20%इटावा अनामिका 486/500 97.20%
यूपी बोर्ड 12वीं की तीसरी रैंक-
जिला नाम अंक प्रतिशतफतेहपुर प्रियांशु उपाध्याय 486/500 97.00%फतेहपुर खुशी 486/500 97.00%सिद्धार्थनगर सिद्धार्थनगर 486/500 97.00%
यूपी बोर्ड 12वीं की चौथी रैंक-
जिला नाम अंक प्रतिशतइटावा शिवा 484/500 96.80%कन्नौज पीयूष तोमर 484/500 96.80%प्रयागराज सुभासना 484/500 96.80%फतेहरपुर विक्रम सिंह 484/500 96.80%फतेहपुर निखिल तिवारी 484/500 96.80%इस साल 29 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने दसवीं की परीक्षा दी थी. सीतापुर की छात्रा प्रियांशी सोनी ने यूपी बोर्ड दसवीं की परीक्षा में 600 में से 590 अंक लाकर प्रदेश में टॉप किया हैहाई स्कूल में सीतापुर की प्रियांशी सोनी ने किया टॉप 98.33 अंक प्राप्त हुए दूसरे नंबर पर कानपुर देहात के कुशाग्र पांडे 97.83 और अयोध्या की मिश्कत नूर को 97.83 और तीसरे नंबर पर मथुरा के कृष्णा झा को 97.67 अंक मिले हैंइस बार UP Board की परीक्षा में ख़ास बात ये रही कि विभाग ने जल्दी रिज़ल्ट घोषित करने का रिकॉर्ड बना लिया है. इसके पीछे सबसे बड़ी वजह समय पर परीक्षा के बाद जल्दी मूल्यांकन है.बता दें कि यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षा 16 फ़रवरी से शुरू होकर 4 मार्च तक चलीं. उसके बाद 18 मार्च से उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का काम शुरू हुआ. पहली बार सबसे कम समय में सिर्फ़ 14 दिन में मूल्यांकन का काम पूरा कर लिया गया
: उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव :-भाजपा ने जारी की मेंयर प्रत्याशियों की पहली सूची कई दिग्गजों का टिकट कटा
Sun, Apr 16, 2023
लखनऊ उत्तर प्रदेश 16 अप्रैल उत्तर प्रदेश के बदलते हुए घटनाक्रम को लेकर उत्तर प्रदेश भाजपा इकाई ने निकाय चुनाव को को लेकर मेंयर प्रत्याशियों तथा सभासदों की पहली सूची जारी कीउत्तर प्रदेश मुख्यालय ने उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव को मध्य नजर रखते हुए मेंयर तथा सभासदों की पहली सूची जारी की उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने प्रदेश मुख्यालय से 10 मेंयर प्रत्याशियों तथा सभासदों की पहली सूची जारी कर दी है जिसमें उन्होंने कई रसूखदार लोगों की टिकट काटते हुए यह साफ संदेश देने की कोशिश की है कि भाजपा में आम और खास सभी व्यक्ति बराबर है संगठन में दोनों की ही खास हिस्सेदारी ब जिम्मेदारी है भाजपा मुख्यालय द्वारा जारी सूची को देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि कई रसूखदार दिग्गजों को उसमें जगह नहीं मिली है जबकि एक आम कार्यकर्ता कोख में शामिल किया गया है भाजपा मुख्यालय द्वारा जारी सूची इस प्रकार है
जबकि लखनऊ शहर के भाजपा पार्षद प्रत्याशी कीवी लिस्ट जारी कर दी गई है