: उत्तर प्रदेश पुलिस की माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई तेज
Tue, Feb 28, 2023
उमेश पाल हत्याकांड के बाद माफिया अतीक के करीबियों को तो छोड़िए, उसके दुश्मनों ने भी शहर छोड़ दिया है। जिस तरह से पुलिस टीमें और एसटीएफ छापेमारी अभियान चला रही हैं और सोमवार को एनकाउंटर में एक आरोपित अरबाज को मार गिराया गया।इससे प्रयागराज में एनकाउंटर का खौफ दौड़ गया है। अतीक और उनके करीबियों के घर ताबड़तोड़ छापेमारी का असर यह हुआ कि अतीक और उनके परिवार वालों से दुश्मनी रखने वालों ने भी शहर छोड़ना शुरू कर दिया। इसमें ऐसे लोग ज्यादा शामिल हैं जो पहले अतीक के करीबी थे लेकिन वक्त पलटने पर उसके दुश्मन हो गए। इस बीच हत्याकांड में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की इकाइयों के अलावा सभी जिलों को टास्क सौंपा गया है।पिछले कई सालों में माफिया अतीक अहमद का किला ढहता गया। ऐसे में अतीक की सरपरस्ती में फलने, फूलने और पलने वाले उसके रिश्तेदार, बिरादरी के लोग अलग होते गए। साढ़ू इमरान, उसके भाई जानू ने तो अतीक और उनके बेटों पर गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज करा दिए। इसी तरह अलकमा हत्याकांड को लेकर दो सगे भाई कम्मू और जाबिर कभी अतीक के सबसे करीबी हुआ करते थे। दोनों दुश्मन हो गए। उमेश की हत्या के बाद पुलिस ने ाकेबंदी कर तलाश शुरू की तो करीबियों के साथ दुश्मनों पर भी खौफ छा गया। चकिया, हरवारा, कसारी मसारी, केसरिया, बमरौली, करेली, धूमनगंज समेत पुराने शहर के कई इलाकों में अतीक के दुश्मन शहर छोड़ रहे हैं।प्रयागराज शूटआउट में शामिल अपराधियों का ब्योरा सभी जिलों के साथ साझा करते हुए छिपने के सभी संभावित ठिकानों की तलाशी कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस बीच हत्याकांड में नामजद एक अभियुक्त के प्रयागराज में पुलिस के साथ इनकाउंटर में मारे जाने के बाद अन्य फरार सभी शूटर और हमलावरों पर 50-50 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया है। विधान मंडल का सत्र जारी होने के कारण शासन स्तर से इस हत्याकांड का जल्द से जल्द खुलासा किए जाने का दबाव है। डीजीपी मुख्यालय इस मामले में एसटीएफ के साथ-साथ सभी जिलों में काम कर रही पुलिस टीमों से लगातार संपर्क में है। एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने प्रयागराज में एक अभियुक्त अरबाज के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की जानकारी के साथ ही यह भी बताया कि डीजीपी ने शेष सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी इनाम घोषित करने के निर्देश दिए हैं। इनाम की राशि हर स्तर पर बढ़ाई भी जाएगी। जरूरत पड़ने पर पुलिस मुख्यालय से भी इनामी राशि बढ़ाई जाएगी। इसमें निजी व्यक्तियों से भी अपील की गई है कि वे कोई भी सूचना मिलने पर पुलिस को सूचित करें।माफिया और गैंगस्टर के विरुद्ध अभियान तेजएडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर पेशेवर माफिया व गैंगस्टर के विरुद्ध अभियान तेज कर दिया गया है। साथ ही उन्हें संरक्षण देने वालों के विरुद्ध भी आईपीसी की धारा-120 बी के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से भी अपील कि यदि कोई गलत व्यक्ति उससे संरक्षण की मांग करे तो उसकी सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस को दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा।इससे प्रयागराज में एनकाउंटर का खौफ दौड़ गया है। अतीक और उनके करीबियों के घर ताबड़तोड़ छापेमारी का असर यह हुआ कि अतीक और उनके परिवार वालों से दुश्मनी रखने वालों ने भी शहर छोड़ना शुरू कर दिया। इसमें ऐसे लोग ज्यादा शामिल हैं जो पहले अतीक के करीबी थे लेकिन वक्त पलटने पर उसके दुश्मन हो गए। इस बीच हत्याकांड में शामिल अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की इकाइयों के अलावा सभी जिलों को टास्क सौंपा गया है।पिछले कई सालों में माफिया अतीक अहमद का किला ढहता गया। ऐसे में अतीक की सरपरस्ती में फलने, फूलने और पलने वाले उसके रिश्तेदार, बिरादरी के लोग अलग होते गए। साढ़ू इमरान, उसके भाई जानू ने तो अतीक और उनके बेटों पर गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज करा दिए। इसी तरह अलकमा हत्याकांड को लेकर
: प्रयागराज में हुए एनकाउंटर के बाद बोले एडीजी, हत्यारों को संरक्षण देने वालों पर भी होगी कार्रवाई
Mon, Feb 27, 2023
प्रयागराज में राजूपाल हत्याकांड के गवाह उमेश पाल की हत्या करने वाले बदमाशों में शामिल अरबाज को एनकाउंटर में ढेर किए जाने के बाद एडीजी कानून-व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि हत्यारों को संरक्षण देने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अपील की है कि यदि कोई अपराधी संरक्षण मांगे तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस फरार बदमाशों पर इनाम घोषित करने जा रही है। सही सूचना देने वाले आमजन भी इसके हकदार बन सकते हैं।एडीजी ने कहा कि प्रयागराज में गवाह की हत्या की घटना ने पूरे प्रदे को दहला दिया था। सरकार की ओर से विधानसभा में वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही गयी थी। राज्य सरकार ने घटना में शामिल लोगों को कानून के दायरे में लाने के निर्देश दिए थे। सोमवार को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया अल्लापुर अरबाज घटना के दौरान क्रेटा गाड़ी चला रहा था। उसने गाड़ी से बाहर आकर फायरिंग भी की थी। उसके पास से .32 बोर की पिस्टल बरामद की गयी है। प्रदेश पुलिस ने ऐसे सभी माफिया, अपराधियों के खिलाफ अभियान छेड़ा है। फरार बदमाशों पर जल्द प्रयागराज पुलिस इनाम घोषित करेगी जिसे डीजीपी मुख्यालय स्तर से भी बढ़ाया जाएगा।
: उमेश पाल हत्याकांड में शहीद हुए गनर संदीप के परिवार का रो रो कर बुरा हाल
Mon, Feb 27, 2023
प्रयागराज में हुई सनसनीखेज वारदात के बाद मृतक उमेश पाल को सभी जान रहे हैं. लेकिन हत्याकांड में जान गंवाने वाले यूपी पुलिस के सिपाही संदीप निषाद का परिवार अकेला पड़ गया है लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस का सिपाही गोली लगने के बाद घायल होने के बावजूद जिस बहादुरी से अपने कर्तव्य के लिए उमेश पाल को आखरी दम तक बचाने के लिए लगा रहा वह काबिले तारीफ हैप्रयागराज हत्याकांड में आजमगढ़ के रहने वाले गनर संदीप ने ड्यूटी के दौरान अपनी जान की बाजी लगा दी. उमेश पाल को मारने आए बदमाशों ने सुरक्षा में ढाल बनकर खड़े गनर संदीप को भी अपनी गोली और बम से शिकार बना लिया और इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दियाशुक्रवार को हत्याकांड के बाद जहां एक ओर प्रयागराज के स्वरूपरानी हॉस्पिटल स्थित पोस्टमार्टम हाउस के बाहर उमेश पाल के समर्थकों की भारी भीड़ जमा थी, तो वहीं इस घटना में बदमाशों की गोली से मरने वाले सिपाही का परिवार अकेले में खड़ा था. सरकारी गनर के पिता संतलाल निषाद और भाई प्रदीप निषाद के साथ चंद रिश्तेदार ही पीएम हाउस के बाहर मौजूद थे.संदीप अपने 3 भाइयों में दूसरे नंबर पर थे. संदीप का परिवार पुलिस विभाग से मिलने वाले पैसे पर ही आश्रित था. संदीप निषाद के पिता पेशे से किसान हैं नौकरी से मिलने वाली सैलरी से सिपाही संदीप अपने परिवार का पालन पोषण किया करते थे. वे छोटे भाई को पढ़ा-लिखा भी रहे थेअब संदीप निषाद के देहांत होने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है. परिवार का सहारा बदमाशों के आतंक में छिन जाने से इलाके के लोग भी गमगीन हैं गनर संदीप निषाद की मृत्यु से दुख में डूबे पिता और भाइयों का कहना है कि हम लोग अब अपने बेटे संदीप को कभी भूल नहीं पाएंगे. वही हमारे परिवार की रोजी-रोटी का एक जरिया था. लिहाजा, जिला प्रशासन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यह मांग है कि हमारे परिवार को आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाएउत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुक्रवार को हुए हत्याकांड में पेशे से वकील उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी जो जो 2005 के बहुचर्चित प्रयागराज के विधायक राजू पाल की हत्या कांड में मुख्य गवाह थे जिस हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त अतीक अहमद जेल में है और मामला अंडर कोर्ट ट्रायल पर चल रहा है बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके गनर संदीप निषाद की हत्या महज 44 सेकंड के भीतर कर दी गई थी. बेखौफ बदमाशों में एक बदमाश पहले से उमेश का पास की दुकान में इंतजार कर रहा था. उमेश पाल के गाड़ी से उतरते ही शूटर्स ने फायरिंग कर दी थी. सुरक्षा गार्ड संदीप निषाद ढाल बने तो उनको भी गोली मार दी गईघटनास्थल से मिले सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, गोली लगने के बाद भी उमेश पाल अपने घर की तरफ भागते हैं, लेकिन बदमाश पीछा करते हुए तंग गली में घुसकर फायरिंग करते हैं और बम फोड़ते हैं. वहीं, गोली लगने से कार के पास मूर्छित पड़े गनर संदीप निषाद भी गली में भागते हैं, जिनको निशाना बनाते हुए बदमाशों ने गली में बम मार दिया. फिर घायल अवस्था में संदीप, उमेश के घर के बाहर गिर पड़ते हैंमृतक उमेश पाल की भतीजी ने अपनी पीड़ा को बयां करते हुए बताया कि गोली लगने के बाद जब चाचा भाग रहे थे, तो बदमाश उनको दौड़ाकर गोली मरते रहे. यह सब हमारी आंखों के सामने हुआ और हम चाचा को नहीं बचा पाए.राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल ने हाल ही में बीजेपी जॉइन की थी. उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री एसपी बघेल, सिद्धार्थ नाथ सिंह से नजदीकी संबंध थे. उमेश पाल की हत्या के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है. अब परिवार को शिकायत है कि जो नेता उमेश पाल से मिलने के लिए रोज आते थे, वह दिखाई नहीं पड़ रहे. हालांकि, स्थानीय विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह रविवार को सांत्वना प्रकट करने पहुंचे.