: उत्तर प्रदेश को 50 नए हवाई अड्डे मिलेंगे।
Thu, Feb 2, 2023
उत्तरप्रदेश में एयर कनेक्टिविटी को लगातार विस्तार दिया जा रहा है. देश के सबसे बड़े राज्य के 50 जिले को भी जल्द एयरपोर्ट की सौगात मिलने जा रही हैसरकार ने घोषणा की है कि वित्तीय वर्ष 2023-2024 में उत्तर प्रदेश को 50 नए हवाई अड्डे मिलेंगे। अब तक यूपी में 9 हवाईअड्डे चालू हैं जबकि शेष 9 पर काम चल रहा है। लखनऊ, वाराणसी, बरेली, हिंडन, आगरा, प्रयागराज, गोरखपुर और कुशीनगर में परिचालन हवाई अड्डे हैं। इनमें से लखनऊ, वाराणसी और कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे हैं। सोनभद्र, अलीगढ़, आजमगढ़, चित्रकूट, श्रावस्ती, मुरादाबाद, कानपुर, अयोध्या, नोएडा और सहारनपुर में एयरपोर्ट निर्माणाधीन हैं।नया हवाई अड्डा लखीमपुर खीरी के पलिया कस्बे में बनाया जाएगा जो नेपाल की सीमा से लगा हुआ है। सरकार को एयरपोर्ट की फिजिबिलिटी रिपोर्ट मिल गई है। वहां एयरपोर्ट की जरूरत है या नहीं, इस पर सरकार ने सर्वे कराया है। उन्हें रिपोर्ट भी मिल गई है। इस बीच लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट में नया टर्मिनल और रनवे बनेगा। 2025 के कुंभ मेले को देखते हुए प्रयागराज में एक टर्मिनल और रनवे भी बनाया जाएगा। आगरा में भी नया टर्मिनल बनेगा।इस साल सोनभद्र, अलीगढ़, आजमगढ़, चित्रकूट, श्रावस्ती और मुरादाबाद में एयरपोर्ट बनेंगे। ये आज से चालू हो जाएंगे। उन्हें अगले चार-पांच महीनों में अपना लाइसेंस मिल जाएगा। वहीं फिलहाल कुछ समय के लिए लखनऊ में चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से रात की फ्लाइट बंद रहेंगी। छह महीने तक किसी भी रात की उड़ान को संचालित नहीं किया जाएगा। इसका हवाला देते हुए हवाई अड्डे के अधिकारियों ने जानकारी में कहा कि 23 फरवरी से 11 जुलाई तक रात की उड़ानें निलंबित रहेंगी। रिपोर्ट्स की मानें तो इस दौरान रात 9:30 बजे से सुबह 6 बजे के बीच फ्लाइट का संचालन नहीं होगा।
: चारबाग रेलवे स्टेशन परिसर स्थित खम्मनपीर मजार को हटाने की मांग
Wed, Feb 1, 2023
उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का चारबाग रेलवे स्टेशन बुधवार सुबह से ही छावनी में तब्दील हो गया। जीआरपी व आरपीएफ जवानों ने मोर्चा संभाल रखा था। स्टेशन पर आने वाले हर यात्री पर पैनी नजर रखी जा रही थी। लखनऊ में चारबाग रेलवे स्टेशन परिसर स्थित खम्मनपीर मजार को हटाने की मांग अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेद ने की थी। घोषणा की थी बुधवार को मजार पर सुंदरकांड का पाठ करेंगे। इसे लेकर पुलिस अधीक्षक रेलवे के निर्देश पर मजार की सुरक्षा बढ़ा दी गई। साथ ही लालबाग स्थित प्रदेश प्रवक्ता के आवास पर कैसरबाग पुलिस ने घेरा डाल दिया।शिशिर चतुर्वेदी को नजरबंद करने के बाद कैसरबाग पुलिस ने घर के अंदर से लेकर बाहर तक छावनी बना दी। इस दौरान शिशिर ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन कार्रवाई का हवाला देने पर वे शांत हो गए। मामले को लेकर 29 जनवरी को जीआरपी चारबाग के इंस्पेक्टर ने पुलिस अधीक्षक रेलवे पूजा यादव को रिपोर्ट भेजी थी। इसके बाद 31 जनवरी की रात पुलिस अधीक्षक रेलवे ने खम्मनपीर मजार के आसपास सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए थे। मजार के आस पास प्रदर्शन और हंगामे की आशंका के चलते मंगलवार देर रात से ही पुलिस कमिश्नरेट मध्य जोन और रेलवे पुलिस अलर्ट हो गई थी। साथ ही चारबाग रेलवे स्टेशन बुधवार सुबह से ही छावनी में तब्दील हो गया। जीआरपी व आरपीएफ जवानों ने मोर्चा संभाल रखा था। स्टेशन पर आने वाले हर यात्री पर पैनी नजर रखी जा रही थी।उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल का चारबाग रेलवे स्टेशन बुधवार सुबह से ही छावनी में तब्दील हो गया। जीआरपी व आरपीएफ जवानों ने मोर्चा संभाल रखा था। स्टेशन पर आने वाले हर यात्री पर पैनी नजर रखी जा रही थी। दरअसल, स्टेशन स्थित खम्मनपीर मजार पर अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी समर्थकों के साथ सुंदरकांड करने जाने वाले थे, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे, इसलिए जीआरपी मौकेपर तैनात थी। राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने चारबाग स्थित खम्मन पीर मजार हटाए जाने को लेकर एक फरवरी को मजार के अंदर सुंदरकांड पाठ आयोजित करने का फैसला लिया था। जिसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक रेलवे को दी गई थी। वह चारबाग रेलवे स्टेशन पर स्थित खम्मन पीर मजार को हटाए जाने की मांग कर रहे हैं। इससे पहले भी यहां पर प्रदर्शन कर चुके हैं। लेकिन चारबाग स्टेशन पहुंचने से पूर्व ही उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया गया। बावजूद इसके चारबाग रेलवे स्टेशन के चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती दंगा विरोधी उपकरण के साथ कर दी गई थी। जीआरपी रिजर्व पुलिस लाइंस और सभी शाखाओं के रेलवे कार्यालय के पुलिस अधीक्षक कार्यलयों में नियुक्त पुलिस बल के जवानों को यहां पर उपस्थित रहने के निर्देश जारी कर दिए गए थे। बता दें कि गत वर्ष अखिल भारत हिंदू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुशील चतुर्वेदी अपने समर्थकों के साथ लखनऊ के रेलवे की जमीनों पर अवैध कब्जे को लेकर प्रदर्शन करने पुलिस अधीक्षक जीआरपी कार्यालय गए थे, उन्होंने रेलवे जमीनों से धार्मिक स्थल हटाने की मांग की थी।
: वित्त मंत्री ने एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए बजट में खास ध्यान दिया
Wed, Feb 1, 2023
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना अंतिम पूर्ण बजट पेश कर रही हैं। इस बजट के साथ वह देश की पहली ऐसी महिला हो गई हैं, जिसने देश का आम बजट 5 बार पेश किया हो।
आज सुबह 11 बजे से देश का बजट पेश होना शुरु हो गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एग्रीकल्चर सेक्टर के लिए बजट में खास ध्यान दिया है। उन्होनें कहा कि भारत दुनिया में सबसे अधिक कृषि उत्पादक वाला देश है। सरकार हैदराबाद को उतकृष्ठता केंद्र के रुप में बढ़ावा दिया जाएगा तथा एफपीओ के लिए आईटी-आधारित समर्थन सहित प्रौद्योगिकी शामिल होगी।पीएम मतस्य योजना की सरकार शुरुआत करने जा रही है, जिसके लिए 6,000 करोड़ रुपये का निवेश सरकार करेगी। मछुआरों के लिए स्पेशल पैकेज भी सरकार देगी। सरकार सहकारिता मॉडल को बढ़ावा दे रही है। किसानों को 20 लाख करोड़ का ऋण देगी तथा उसे डिजिटल ट्रेनिंग मुहैया कराएगी। एक साल तक किसानों को लोन में छूट मिलेगी। उसपर कोई ब्याज नहीं वसूला जाएगा। युवाओं के लिए पीएम विश्वकर्मा योजना की भी शुरुआत करेगी।पिछले साल 1.40 लाख करोड़ का हुआ था आवंटनफाइनेंसियल वर्ष 2022-23 के लिये कृषि क्षेत्र के लिए सरकार की ओर से 1.40 लाख करोड़ का आवंटन किया गया था, जोकि 2021-22 के अनुमानों से बहुत अधिक था। बता दें, मौजूदा समय में सीमांत किसानों को क्रेडिट कार्ड पर 1,0000 से 5,0000 हजार तक का लोन बहुत ही कम ब्याज पर मिलता है, जहां किसान इस पैसे का उपयोग खाद, बीज, कृषि उपकरणों की खरीद पर करते हैं। दूसरी ओर बीते सालों से खाद की कीमतों में काफी बढ़ोतरी हुईकृषि सेक्टर के लिए स्टार्ट-अप फंडकृषि में स्टार्ट-अप इकोसिस्टम पर जोर देने के साथ नाबार्ड के माध्यम से मिश्रित पूंजी वाले फंड की सुविधा का ऐलान पिछले बजट में केंद्र सरकार ने किया था। सह-निवेश मॉडल के तहत जुटाई गई निधि का उद्देश्य कृषि और ग्रामीण उद्यम के लिए स्टार्टअप्स का वित्तपोषण करना है जो कृषि उपज मूल्य श्रृंखला के लिए प्रासंगिक है। इन स्टार्टअप्स की गतिविधियों में अन्य बातों के साथ-साथ कृषि स्तर पर किराये के आधार पर किसानों के लिए मशीनरी, और एफपीओ के लिए आईटी-आधारित समर्थन सहित प्रौद्योगिकी शामिल होगी।