: चंद्रयान-3 को लेकर इसरो ने जारी किया वीडियो बेहद खूबसूरत चंद्रमा की धरती का नजारा
Fri, Aug 18, 2023
नई दिल्ली 18 अगस्त भारत के chandrayaan-3 को लेकर इसरो ने चंद्रमा का नया वीडियो शेयर किया है। यह वीडियो चंद्रयान-3 द्वारा जारी किया गया है। इसे चंद्रयान 3 के विक्रम लैंडर के एलपीडीसी द्वारा कैप्चर किया गया है। उस वक्त यह अपने प्रोपल्शन मॉड्यूल से जुड़ा हुआ था।
एलपीडीसी चंद्रयान 3 लैंडर के साथ जुड़े आठ सेंसरों में से एक है। इसरो के ट्वीट के मुताबिक लैंडर पोजिशन डिटेक्शन कैमरा ने यह वीडियो 15 अगस्त 2023 को लिया है।
इस वीडियो में चंद्रमा के क्रेटर का दृश्य दिखाई दे रहा है। इसके अलावा लैंडर इमेजर (एलआई) कैमरा -1 ने एक अन्य वीडियो कैप्चर किया है। इस वीडियो में छोटे रूप में धरती की एक झलक दिखाई दे रही है। गौरतलब है कि इसरो ने जानकारी दी है कि चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल (एलएम) की स्थिति सामान्य है। इसके मुताबिक चंद्रयान-3 के लैंडर मॉड्यूल की 'डिबूस्टिंग' प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। इसके साथ ही यान चंद्रमा के और करीब पहुंच चुका है।
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यह है एलपीडीसी की खासियत
चंद्रयान 3 में लगे एलपीडीसी सेंसर ने चंद्रमा का वीडियो बनाया है। इसके जरिए चंद्रयान अपने लिए लैंडिंग की परफेक्ट लोकेशन भी ढूंढेगा। यह सुनिश्चित करेगा कि कहीं चंद्रयान-3 किसी क्रेटर में तो नहीं जा रहा है। जानकारी के मुताबिक इसी तरह का सेंसर चंद्रयान-2 में भी लगाया गया था।
गौरतलब है कि चंद्रयान-3 चंद्रमा की सतह पर पहुंचने के और करीब पहुंच गया। शुक्रवार को चंद्रयान ने बड़ी सफलता हासिल की। इसरो के मुताबिक शाम 4 बजे लैंडर मॉड्यूल को डिबूस्ट किया गया। चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग होने के बाद विक्रम लैंडर अपने आप आगे की दूरी तय कर रहा है। वहीं, लैंडर मॉड्यूल डीबूस्टिंग के बाद चंद्रयान चंद्रमा की थोड़ी निचली कक्षा में उतर गया। इसरो ने ट्वीट में बताया कि लैंडर मॉड्यूल (एलएम) अच्छी स्थिति में है। अब दूसरा डीबूस्टिंग ऑपरेशन 20 अगस्त 2023 के लिए निर्धारित है।
: लोन को लेकर आरबीआई ने किए बड़े बदलाव लोन को लेकर आरबीआई ने किए बड़े बदलाव
Fri, Aug 18, 2023
नई दिल्ली 18 अगस्त भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए नई गाइडलाइंस का एलान किया है. इसके तहत लोन अकाउंट्स में पेनल्टी को लेकर कई नियमों के बारे में निर्देश जारी किए हैं आरबीआई ने कहा है कि बैंक और रेगुलेटेड एंटिटी अपने रेवेन्यू बढ़ाने के लिए लोन अकाउंट्स पर पेनल्टी के विकल्प का इस्तेमाल ना करें
रिजर्व बैंक ने बनाए नियम- जानें क्या हैं
रिजर्व बैंक ने एक सर्कुलर जारी कर दिया है जिसके तहत उसने बैंकों को बताया है कि वो लोन अकाउंट्स पर कैसे पेनल्टी के नियमों का पालन कर सकते हैं. ये फैसला आरबीआई ने हाल के कई घटनाक्रमों के बाद लिया है जिसमें बैंक लोन के ऊपर लिए जा रहे इंटरेस्ट में ही पेनल्टी जोड़ दे रहे हैं और इसके आधार पर कर्जधारकों से इंटरेस्ट के ऊपर इंटरेस्ट ले रहे हैं. आरबीआई ने नई गाइडलाइंस का एलान कर दिया है जिससे लोन डिफॉल्ट होने की स्थिति में बैंको के जरिए लिए जाने वाले जुर्माने को पीनल चार्ज के तौर पर देखा जाएगा ना कि पीनल इंटरेस्ट के तौर पर देखा जाए.
आरबीआई ने X पर पोस्ट करके दी जानकारी
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने इन बदले हुए नियमों की जानकारी अपने X (पूर्व में ट्विटर) प्लेटफॉर्म पर दी है और आरबीआई के सर्कुलर को इस X पोस्ट में शामिल किया है. इस पर जाकर इन बदली हुई गाइडलाइंस की पूरी जानकारी ली जा सकती है
https://twitter.com/RBI/status/1692378731997004151?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1692378731997004151%7Ctwgr%5Ed086de28ca79fc8424aeb8241b64a8916dce6257%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=http%3A%2F%2Fapi-news.dailyhunt.in%2F
कब से लागू होंगी ये नई गाइडलाइंस
आरबीआई के सर्कुलर के मुताबिक ये नई गाइडलाइंस अगले साल यानी 1 जनवरी 2024 से लागू हो जाएंगी. सभी कमर्शियल बैंकों जिनमें स्मॉल फाइनेंस बैंक, लोकल एरिया बैंक और रीजनल रूरल बैंक इस नियम के दायरे में आएंगे और पेमेंट बैंकों पर भी ये नियम लागू होगा. सभी प्राइमरी अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक, एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां अखिल भारतीय वित्तीय संस्थान जैसे एक्जिम बैंक, NABARD, NHB, SIDBI और NaBFID भी आरबीआई की इन गाइडलाइंस के दायरे में आएंगे.
: चंद्रयान-3 भारत का चंद्रयान चंद्रमा के और करीब पहुंचा
Thu, Aug 17, 2023
भारत का मून मिशन चंद्रयान-3 धीरे-धीरे चांद की तरफ बढ़ रहा है। गुरुवार 17 अगस्त को यान के प्रोपल्शन मॉड्यूल ने विक्रम लैंडर को अलग कर दिया है।
विक्रम लैंडर को यान से अलग करने के बाद अब प्रोपल्शन मॉड्यूल चांद के चारों ओर चक्कर लगाएगा और लैंडर से मिले सिग्नल इसरो को भेजता रहेगा। वहीं, विक्रम अब मिशन में अकेले ही चांद की सतह पर लैंड करने की कोशिश करेगा। इसरो ने 23 अगस्त 2023 को विक्रम की चांद पर लैंडिग की तारीख तय की है। अब क्योंकि चंद्रयान-3 चांद की सतह पर पैर जमाने के लिए सभी पूर्व गतिविधियां पूरी कर चुका है, अब बस चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग का इंतजार है। तो चलिए, जानते हैं चांद पर लैंडिंग से पहले क्या-क्या जरूरी चीजें होनी हैं और लैंडिंग के बाद विक्रम लैंडर और प्रोपल्शन मॉड्यूल का क्या काम होगा?
भारत का चंद्र मिशन चंद्रयान-3 बुधवार 16 अगस्त को ही चांद की सतह के करीब पहुंच चुका है। यान की अब चांद से दूरी करीब 100 किलोमीटर रह गई है। अगले चरण के तहत 17 अगस्त यानी आज प्रोपल्शन मॉड्यूल ने रोवर सहित विक्रम लैंडर को अलग किया। विक्रम लैंडर अब अकेले ही चांद तक की यात्रा को पूरा कर रहा है। आज की प्रक्रिया पूरी के साथ ही लैंडिंग से पूर्व की सभी गतिविधियां पूरी हो चुकी हैं
यह भी के हो गए 'दो टुकड़े', विक्रम अब खुद करेगा चांद पर लैंडिंग
प्रोपल्शन मॉड्यूल और रोवर सहित विक्रम लैंडर के अलग होने के साथ ही अंतरिक्ष यान ने अपने मिशन का एक महत्वपूर्ण और अंतिम चरण पूरा कर लिया है। इसरो के अनुसार, लैंडर को प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग करना आज का प्रमुख कार्य था। अब, लैंडर चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग के लिए एक स्वतंत्र यात्रा शुरू कर चुका है।
चंद्रयान -3 मिशन के आगामी चरणों में ऑनबोर्ड उपकरणों को सक्रिय करना और मान्य करना शामिल है, जिसमें तीन महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पेलोड शामिल हैं। इनमें से पहला चरण लैंडर को चंद्रमा से 100x100 किमी ऊपर एक गोलाकार कक्षा में स्थापित करना शामिल है। इसके बाद, जटिल प्रक्रिया के तहत लैंडर को चांद के और करीब लाया जाएगा, जिसमें लैंडर की चांद से दूरी 100x30 किमी रह जाएगी। यह चांद की वो कक्षा है, जब विक्रम लैंडर 23 अगस्त को लैंडिंग करना शुरू करेगा। इसरो ने इसके लिए अनुमानित समय शाम 5.47 का अनुमान लगाया है।
यह भी : बस आ ही गया वो समय... चांद पर कब लैंड करेगा चंद्रयान 3, अभी क्या है लाइव Location?
प्रोपल्शन मॉड्यूल का क्या काम?
आप सोच रहे होंगे कि विक्रम लैंडर तो चांद पर लैंडिंग करेगा लेकिन, प्रोपल्शन मॉड्यूल का क्या काम होगा? क्या वह चांद के वायुमंडल पर यूं ही उड़ता रहेगा। ऐसा नहीं है। दरअसल, चांद की कक्षा में विक्रम लैंडर को 100 किलोमीटर ऊपर से छोड़ने के साथ ही यह लैंडर से संचार स्थापित रखने के लिए चक्कर लगाता रहेगा। इसके अलावा लैंडर से डेटा कलेक्ट कर जमीन पर इसरो को भी भेजता रहेगा।