: दिल्ली सेवा बिल पारित होने के बाद कपिल सिब्बल का पहला बयान, ट्विटर पर कर रहा ट्रेंड
Thu, Aug 10, 2023
संसद के दोनों सदनों से दिल्ली सेवा बिल पास होने के बाद देश के चर्चित अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल का पहला बयान सामने आ गया हैउन्होंने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को निशाने पर लेते हुए कहा कि इन्हें भारत में कहीं भी सिंगल इंजन की सरकार बर्दाश्त नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जिस राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली संशोधन विधेयक 2023 को संसद ने अपनी मंजूरी दी है वो प्रतिनिधि लोकतंत्र के लिए जरूरी स्वायत्तता को और कमजोर करने के लिए केंद्र को दिल्ली की नौकरशाहों की सेवाओं को नियंत्रित करने की इजाजत देता हैकपिल सिब्बल ने इससे पहले शीर्ष अदालत में अनुच्छेद 370 पर बहस के दौरान कहा था कि केंद्र सरकार संविधान का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ उठाने के लिए कर सकती है, लेकिन उसके प्रावधानों के साथ हेरफेर नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 पर बहस के दौरान कहा कि शासकीय इकाई का एकतरफा फैसला संवैधानिक रूप से बनाए गए शर्तों को नहीं बदल सकता. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाना एक सियासी फैसला था. यह संविधान के साथ धोखा है. जब कपिल सिब्बल ने दिल्ली अध्यादेश बिल पर बोलते हुए कहा कि पूर्व सीजेआई और राज्यसभा सदस्य रंजन गोगोई ने संविधान के मूल ढांचे के सिद्धांत पर सवाल उठाए हैं. 8 अगस्त को जब 370 पर सुनवाई के दौरान सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में गोगोई के इस बयान का जिक्र किया तो मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि आप ऐसा नहीं कह सकतेhttps://twitter.com/KapilSibal/status/1688745310363975680?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1688745310363975680%7Ctwgr%5E1b32cdf12802f87ddb875151cfb88f6166332c92%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=http%3A%2F%2Fapi-news.dailyhunt.in%2Fदरअसल, सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद 370 पर सुनवाई के दौरान सीजेआई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ के सामने कपिल सिब्बल ने कहा था कि आपके एक सहकर्मी ने तो यहां तक कहा कि संविधान की बेसिक स्ट्रक्चर थ्योरी भी संदेहास्पद है. हालांकि, कपिल सिब्बल ने पूर्व सीजेआई गोगोई का नाम नहीं लिया था. इसके बावजूद सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने जवाब देते हुए कहा कि मिस्टर सिब्बल, यदि आप किसी सहकर्मी का जिक्र कर रहे हैं तो ऐसा सहकर्मी हो जो वर्तमान में भी हमारे साथ काम कर रहा हो… यहां से रिटायर होने के बाद हम जो कुछ कहते हैं वह हमारी व्यक्तिगत राय होती है. इस पर सिब्बल ने कहा- लेकिन मैं आश्चर्यचकित हूं. वहीं SG तुषार मेहता ने कहा कि रंजन गोगोई को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार है. वह अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं
: केदारनाथ धाम को लेकर आ रही है बड़ी खबर, बाढ़ और भूस्खलन से 12 लोग लापता
Sat, Aug 5, 2023
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन से बड़ी दुर्घटना होने की खबर है. जानकारी के मुताबिक भूस्खलन के बाद केदारनाथ मंदिर के आस-पास अचानक भयंकर बाढ़ आ गई
बाढ़ की धारा इतनी तेज थी कि उसके प्रवाह में 11 लोग बह गयेयह सभी नागरिक नेपाल के रहने वाले हैं. जानकारी के मुताबिक इनमें नेपाल मूल के तीन लोगों के शव बरामद कर लिये गये हैं लेकिन बाकी 8 नेपाली लोगों की तलाश की जा रही है.मौके पर राहत और बचाव का कार्य तेज कर दिया गया है. होटल के मलबों को साफ किया जा रहा हैजानकारी के मुताबिक भूस्खलन के बाद बाढ़ की धारा इतनी तेज थी कि पूरा का पूरा होटल ही बह गया. इसी होटल में नेपाल से आये सभी श्रद्धालु ठहरे हुये थे. और ये सभी श्रद्धालु बाढ़ की चपेट में आकर दूर तक बह गयेनेपाल सरकार के गोरखपत्र के मुताबिक बाढ़ और भूस्खलन के बाद जिन तीन नेपाली श्रद्धालुओं के शव मिले हैं, वे सभी पटसारी के रहने वाले थे. नेपाली गृह मंत्रालय ने बताया है कि इस त्रासदी की जानकारी मिलने के बाद हालात पर सरकार की नजर है. नेपाली नागरिकों की मदद के लिए जरूरी प्रयास किये जा रहे हैं. लापता लोगों की तलाशी का अभियान चलाया जा रहा है
गौरीकुंड में भी बड़ा हादसा
उधर पिथौड़ागढ़ में भी बड़ी चट्टान खिसकने से रास्ते बंद हो गये. वहीं केदारनाथ यात्रा के अहम पड़ाव के तौर पर विख्यात स्थल गौरीकुंड में भी गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया था. यहां एक पहाड़ी का हिस्सा दरक गया था. जिसमें करीब 4 दुकानें ध्वस्त हो गईं और अफरातफरी मच गई. हादसे में कुल 13 लोग जख्मी हो गये. भारी बारिश के चलते रेस्क्यू अभियान चलाने में यहां काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. हालात पर उत्तराखंड सरकार की भी नजर है.
: NASA के टेलीस्कोप ने खींची अद्भुत तस्वीर, सामने आएगा सबसे बड़ा रहस्य
Thu, Aug 3, 2023
आकाशगंगा के कई रोचक रहस्य जो अभी भी वैज्ञानिकों के लिए अनसुलझी पहेली बने हुए हैं लेकिन निरंतर वैज्ञानिकों के प्रयास सार्थक से धो रहे हैं ऐसे ही में नासा के वैज्ञानिकों ने कुछ नया खोजा है ब्रह्मांड विशालता के साथ कई गहरे राज छिपा कर बैठा है, इनमें से कुछ सबसे बड़े रहस्यों की पड़ताल के लिए डिज़ाइन की गई यूक्लिड अंतरिक्ष टेलिस्कोप ने ब्रह्मांड की पहली झलक ली है.अंतरिक्ष यान के दो उपकरणों ने प्रारंभिक टेस्ट फोटो लीं, जिससे तारों से जगमगाते दृश्य सामने आए, जो साबित करते हैं कि जहाज पर मौजूद सभी चीजें बेहतरीन स्थिति में हैंयूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के यूक्लिड परियोजना प्रबंधक ग्यूसेप रक्का ने कहा कि, यूक्लिड को डिजाइन करने और विकसित करने में 11 से ज्यादा साल लग गए थे, अब उसके बाद, इन पहली तस्वीरों को देखना उत्साहजनक भी और बहुत ज्यादा भावनात्मक भी."पूरी तरह से कैलिब्रेटेड यूक्लिड अंततः आकाश का अब तक का सबसे बड़ा 3डी मानचित्र बनाने के लिए अरबों आकाशगंगाओं का निरीक्षण करेगा
यूक्लिड
टेलिस्कोप का नाम अलेक्जेंड्रिया के यूक्लिड के सम्मान में रखा गया था, जो यूनानी गणितज्ञ थे, और माना जाता है कि करीब 300 ईसा पूर्व यूनान में रहते थे उन्हें ज्यामिति का जनक माना जाता है. यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की नवीनतम वैधशाला, यूक्लिड को 1 जुलाई को लॉन्च किया गया था, उसके बाद से धरती से 1 मिलियन मील (1.5 मिलियन किलोमीटर) दूर मौजूद अपने कक्षीय बिंदु तक यात्रा करते हुए यह एक महीना बिता चुका है. 4-फुट-व्यास (1.2-मीटर-व्यास) का यह टेलिस्कोप उस स्थान पर रहेगा जिसे सूर्य-पृथ्वी लैंग्रेंजियन बिंदु L2 के रूप में जाना जाता है ,यह नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का भी घर है. जैसे धरती सूर्य की परिक्रमा करेगी, यूक्लिड धरती की गति के साथ तालमेल बनाकर रखेगा.युक्लिड ने जो शुरूआती तस्वीरें भेज कर अपना क्षमता दिखाई है उससे वैज्ञानिक काफी उत्साहित हैं और उन्हें दूरबीन के अपेक्षा से अधिक करने की उम्मीद है. ईएसए के महानिदेशक जोसेफ एशबैकर ने एक बयान में कहा, “ईएसए के विज्ञान मिशनों को इतना अच्छा प्रदर्शन करते देखना शानदार अनुभव है.” “मुझे पूरा यकीन है कि मिशन में काम कर रही टीम यूक्लिड का इस्तेमाल करके ब्रह्मांड के 95% हिस्से के बारे में इतना कुछ जानने में सफल होगी जिसके बारे में हम वर्तमान में हमारी जानकारी बहुत सीमित हैसालों तक करेगा सर्वेक्षणयूक्लिड अगले दो महीने अपने उपकरणों – एक विजिबल लाइट कैमरा और एक नियर-इन्फ्रारेड कैमरा/स्पेक्ट्रोमीटर – के परीक्षण और केलिब्रेशन में बिताएगा, उसके बाद यूक्लिड अगले छह सालों के लिए आकाश के लगभग एक-तिहाई हिस्से का सर्वेक्षण करेगा. टेलिस्कोप का विजिबल उपकरण, या VIS, अरबों आकाशगंगाओं की तस्वीरें लेगा, जैसा इसने अपनी शुरुआती परीक्षण तस्वीरों से जाहिर किया है. .यूक्लिड का व्यापक परिप्रेक्ष्य आकाश के एक हिस्से से वेब के कैमरे की तुलना में 100 गुना अधिक बड़े डेटा को रिकॉर्ड कर सकता है.टेलिस्कोप की तस्वीरें गुणवत्ता के मामले में जमीन-आधारित आकाशीय सर्वेक्षणों की तुलना में कम से कम चार गुना ज्यादा बेहतर होंगी. जब VIS उपकरण पहली बार चालू हुआ, तो टीम, तस्वीरों में एक अप्रत्याशित प्रकाश के पैटर्न को देखकर चौंक गई, यह प्रकाश एक छोटे से गैप के ज़रिये आ रही सूरज की रोशनी थी. जब तक यूक्लिड एक विशिष्ट तरीके से मौजूद रहता है VIS की तस्वीरों में किसी भी दूसरी रोशनी का व्यवधान नहीं पड़ता है. इसी दौरान नियर इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोमीटर और फोटोमीटर उपकरण इन्फ्रारेड लाइट में गैलेक्सी की तस्वीरें लेंगे और प्रत्येक गेलेक्सी की दूरी का आकलन लगाएंगे
डार्क एनर्जी और डार्क मैटर जैसे अनसुलझे रहस्यों से उठ सकेगा पर्दा
यूक्लिड का पहला मकसद ब्रह्मांड के कॉस्मिक रहस्य का निरीक्षण करना है जिसमें डार्क मैटर और डार्क एनर्जी भी शामिल है. डार्क मैटर का वास्तव में आजतक पता नहीं चला है, ऐसा माना जाता है कि यह ब्रह्मांड के कुल मैटर का 85 फीसद बनाता है. वहीं डार्क एनर्जी वह रहस्यमयी शक्ति है जो ब्रह्मांड के विस्तार को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है1920 के दशक में, खगोलशास्त्री जॉर्जेस लेमेत्रे और एडविन हबल ने पाया कि 13.8 अरब साल पहले अपने जन्म के बाद से ब्रह्मांड का विस्तार हो रहा है. लेकिन 1990 के दशक में शुरू हुए शोध से सामने आया कि करीब 6 अरब साल पहले किसी चीज़ ने ब्रह्मांड के विस्तार में तेजी ला दी थी, और इसका कारण एक रहस्य बना हुआ है. डार्क एनर्जी और डार्क मैटर की वास्तविक प्रकृति को जानने से खगोलविदों को यह समझने में मदद मिल पाएगी कि ब्रह्मांड किस चीज से बना है, समय के साथ इसका विस्तार कैसे बदल गया, और क्या गुरुत्वाकर्षण को समझने के अलावा और भी कुछ हैडार्क मैटर और डार्क एनर्जी दोनों ही ब्रह्मांड में आकाशगंगाओं और सितारों के वितरण और गति में भी भूमिका निभाते हैं. यूक्लिड को ब्रह्मांड का सबसे बड़ा और सबसे सटीक 3डी मानचित्र बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है. यह मिशन 10 अरब प्रकाश वर्ष दूर तक फैली हुई अरबों आकाशगंगाओं का निरीक्षण करेगा, ताकि यह पता चल सके कि समय के साथ डार्क एनर्जी ने मैटर को कैसे खींचा और अलग किया होगा. इससे यूक्लिड यह देख पाएगा कि पिछले 10 अरब वर्षों में ब्रह्मांड कैसे विकसित हुआ है