: छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में नक्सली हमला, 11 जवान शहीद; मुठभेड़ जारी
Wed, Apr 26, 2023
दंतेवाड़ा छत्तीसगढ़ नक्सलियों ने अरनपुर में आईडी ब्लास्ट किया है. इस ब्लास्ट में 11 जवान शहीद हो गए हैं. शहीद हुए जवानों में 10 डीआरजी (District Reserve Guard) के जवान और एक ड्राइवर है. ब्लास्ट के बाद इलाके को सील कर दिया गया है. बताया जा रहा है कि नक्सलियों ने जवानों की गाड़ी को फिस्फोट करके उड़ा दिया है. हमले के बाद जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई है.नक्सलियों ने दंतेवाड़ा के अरनपुर के पालनार मार्ग में यह ब्लास्ट किया है. बताया जा रहा है कि आज दंतेवाड़ा के अरनपुर क्षेत्र में नक्सलियों के छिपे होने की खबर मिली थी. इस सूचना पर दंतेवाड़ा से डीआरजी बल नक्सल विरोधी अभियान के लिए अरनपुर गए थे. तलाशी अभियान के बाद सभी जवान वापस लौट रहे थे, तभी माओवादियों ने आईडी विस्फोट कर दियाhttps://twitter.com/ANI/status/1651160037145067520?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1651160037145067520%7Ctwgr%5Ecc4d62a59907564d6a9e851ed71238d8298d60d5%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=http%3A%2F%2Fapi-news.dailyhunt.in%2F
देश के गृह मंत्री ने भूपेश बघेल से की बात
छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेंद्र बघेल ने नक्सली हमले पर दुख जताया है. उन्होंने जोर देते हुए कहा है कि प्रदेश से नक्सलवाद को खत्म करके मानेंगे. राज्य में नक्सलियों से लड़ाई अंतिम दौर में है, जल्द ही खात्मा हो जाएगा. इस हमले को लेकर देश के गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से फोन पर जानकारी ली है. उन्होंने सीएम बघेल को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. राज्य सरकार जो भी मांग करेगी, हम देने को तैयार हैं
किसी भी नक्सली को बख्शा नहीं जाएगा : भूपेश बघेल
11 जवानों के शहीद होने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि हमें ऐसी सूचना मिली है. यह बहुत ही दुखदाई है.शोक संतप्त परिवारों को मेरी ओर से संवेदनाएं है. किसी भी नक्सली को बख्शा नहीं जाएगा. वहीं, इस हमले के बाद आसपास के इलाके की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. बताया जा रहा है कि नक्सली अब भी जवानों पर फायरिंग कर रहे हैं.
: चडीगढ़ पहुंचकर पीएम मोदी ने प्रकाश सिंह बादल को दी श्रद्धांजलि,
Wed, Apr 26, 2023
देश के सबसे वयोवद्ध नेता और सांप्रदायिक सद्भावना के पुरोधा रहे प्रकाश सिंह बादल का मंगलवार देर शाम मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे।शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के संरक्षक व पंजाब के पांच बार मुख्यमंत्री रहे बादल को सीने में संक्रमण की वजह से पिछले एक सप्ताह से सांस लेने में तकलीफ हो रही थी।शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि प्रकाश सिंह बादल का अंतिम संस्कार 27 अप्रैल को उनके गांव बादल में होगा। 26 अप्रैल को पार्थिव शरीर अंतिम दर्शनों के लिए चंडीगढ़ में पार्टी के सेक्टर-28 स्थित पार्टी मुख्यालय में लाया गया है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चडीगढ़ जाकर प्रकाश सिंह बादल को श्रद्धांजलि दी।https://twitter.com/ANI/status/1651124442955923457?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1651124442955923457%7Ctwgr%5E55ded76ba22c7dacbd5718e3fd04d73e2d904668%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=http%3A%2F%2Fapi-news.dailyhunt.in%2F
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बादल का जन्म आठ दिसंबर, 1927 को गांव अबुल खुराना (अब पाकिस्तान) हुआ था। उनका राजनीतिक सफर देश की आजादी के साथ ही 1947 में शुरू हुआ और वह 1952 में पहली बार चुनाव जीतकर गांव बादल के सरपंच बने। तब उन्हें सबसे कम उम्र के सरपंच बनने का खिताब मिला था।
बादल पहली बार 1957 में विधायक चुने गए थे। वह 11 बार विधानसभा और एक बार लोकसभा का चुनाव जीते। बादल अपने राजनीतिक जीवन का अंतिम चुनाव (2022 के विधानसभा चुनाव) हारे थे। इस चुनाव में हार के बाद से ही उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली थी।प्रकाश सिंह बादल को 2015 में देश के दूसरे सर्वोच्च सम्मान पद्म विभूषण के साथ सम्मानित किया गया था, जबकि 2011 में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से उन्हें पंथ रतन फख्र-ए-कौम सम्मान दिया गया था।
: सुप्रीम कोर्ट ने दोनों आईएएस अफसरों को फौरन रिहा करने का आदेश दिया
Tue, Apr 25, 2023
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी है और यूपी सरकार के वित्त सचिव एसएमए रिजवी और विशेष सचिव (वित्त) सरयू प्रसाद मिश्रा को फौरन रिहा करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद दोनों IAS अफसरों को 19 अप्रैल को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। यूपी सरकार ने HC के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।20 अप्रैल को सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से ASG केएम नटराज (ASG KM Natraj) पेश हुए। उन्होंने सीजेआई चंद्रचूड़ की बेंच को दोनों अफसरों को हिरासत में लेने की जानकारी देते हुए कहा, ‘मीलॉर्ड! यह तो बहुत अजीब आदेश है…।’ सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने हाईकोर्ट के आदेश पर स्टे लगाते हुए दोनों अफसरों को फौरन रिहा करने का आदेश दिया।सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करने का आदेश देते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक इलाहाबाद हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले पर स्टे जारी रहेगा। यूपी सरकार के अधिकारियों को तुरंत रिहा किया जाए।
क्यों हिरासत में लिये गए थे IAS अफसर?
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों अफसरों को न्यायालय की अवमानना का दोषी करार देते हुए हिरासत में लेने का आदेश दिया था। दरअसल, पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के 4 अप्रैल के एक आदेश से जुड़ा है। उच्च न्यायालय ने, हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों की सुविधा से संबंधित मामले पर हफ्ते भर के अंदर जवाब दायर करने को कहा था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। हाईकोर्ट ने इसे अवमानना माना।इससे पहले 18 अप्रैल को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में एक एफिडेविट दाखिल कर बताया था कि 4 अप्रैल के आदेश को लागू नहीं किया जा सका है। कोर्ट ने इसपर कड़ी नाराजगी जाहिर की और कहा कि राज्य का वित्त विभाग जानबूझकर न्यायालय के फैसले को लागू नहीं कर रहा है और हीला-हवाली कर रहा है।लाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों अफसरों को न्यायालय की अवमानना का दोषी करार देते हुए हिरासत में लेने का आदेश दिया था। दरअसल, पूरा मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट के 4 अप्रैल के एक आदेश से जुड़ा है। उच्च न्यायालय ने, हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों की सुविधा से संबंधित मामले पर हफ्ते भर के अंदर जवाब दायर करने को कहा था, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। हाईकोर्ट ने इसे अवमानना माना।इससे पहले 18 अप्रैल को राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में एक एफिडेविट दाखिल कर बताया था कि 4 अप्रैल के आदेश को लागू नहीं किया जा सका है। कोर्ट ने इसपर कड़ी नाराजगी जाहिर की और कहा कि राज्य का वित्त विभाग जानबूझकर न्यायालय के फैसले को लागू नहीं कर रहा है और हीला-हवाली कर रहा है।इससे पहले बुधवार को जब दोनों अफसर हिरासत में लिये गए थे, तब भी उत्तर प्रदेश सरकार के अपर महाधिवक्ता एमसी चतुर्वेदी ने उनकी जमानत की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया था। कहा था कि कोर्ट के आदेश का पालन करें, तभी राहत मिलेगी।अब सवाल यह उठता है क्या हाई कोर्ट आम जनता से जुड़े मुद्दों पर भी इतनी तत्परता दिखा पाएगा क्योंकि मामला न्यायाधीशों से जुड़े हुए मुद्दे के आदेश पर अवमानना से संबंधित था यद्यपि जो सजगता एवं तत्परता उच्च न्यायालय इलाहाबाद ने न्याय में हुई देरी पर उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस के साथ व्यवहार किया वह उचित तभी माना जा सकता है जबकि ऐसा व्यवहार एक आम आदमी के साथ जुड़े हुए मुद्दे पर न्याय में होने वाली देरी पर भी किया जाए यदि संवैधानिक पीठ ऐसी तत्परता एवं सजगता सभी के लिए अप्लाई तो निश्चित रूप से अवमानना के मामले अदालतों में सिमट कर रह जाएंगे और एक बहुत बड़ा पैगाम हमारे सिस्टम को जाएगा