: बाबा केदारनाथ धाम के कपाट शीतकाल के लिए 15 नवंबर को सुबह 8:30 बजे बंद कर दिए गए।
Thu, Nov 16, 2023
देहरादून 15 नवंबर बाबा केदारनाथ के जयकारों से धाम गूंज उठा। मंगलवार को केदारनाथ में बाबा केदार की पंचमुखी मूर्ति को विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ भंडारगृह से मंदिर के सभामंडप में विराजमान कर दिया गया था।सुूबह चार बजे से मंदिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना शुरू हुई। बाबा की चल उत्सव विग्रह डोली धाम से शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करते हुए रात्रि प्रवास के लिए पहले पड़ाव रामपुर पहुंचेगी।17 नवंबर को बाबा केदार छह माह की शीतकालीन पूजा-अर्चना के लिए ओंकारेश्वर मंदिर में विराजमान हो जाएंगे।वही सुबह 7 बजे बाबा केदार की भोगमूर्ति को भंडारगृह से मंदिर के सभामंडप में लाया जाएगा। पंचमुखी भोगमूर्ति को चल उत्सव विग्रह डोली में विराजमान किया जाएगा। इसके बाद शुभ लग्न पर सुबह 8:30 बजे कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
: सहारा ग्रुप के चेयरमैन सुब्रत रॉय का मुंबई में निधन, 75 साल की उम्र में ली अंतिम सांस
Wed, Nov 15, 2023
मुंबई 15 नवंबर सहारा इंडिया ग्रुप के संस्थापक सुब्रत रॉय का 75 साल की उम्र में निधन हो गया है. उन्होंने लंबी बीमारी के बाद आज मुंबई के अस्पताल में अंतिम सांस ली. उनका अंतिम संस्कार बुधवार को लखनऊ में किया जाएगाअखिलेश यादव ने उनके निधन पर दुख जताते हुए इसे निजी क्षति बताया है.सुब्रत राय स्वर्गीय सुधरी चंद रॉय के बेटे थे. उनका जन्म बिहार के अररिया में एक उच्च मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ था. सुब्रत रॉय हमेशा से पढ़ाई में काफी अच्छे थे. उन्होंने सरकारी तकनीकी संस्थान गोरखपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है. सहारा समूह की स्थापना से पहले उन्होंने रियल एस्टेट में लंबा समय बिताया था. सहारा समूह की स्थापना से पहले 18 सालों को रियल एस्टेट का अनुभव था और व्यवयास का 32 सालों का बड़ा अनुभव था. उन्होंने स्वप्ना रॉय से शादी की थी और उनके दो बेटे हैंhttps://twitter.com/samajwadiparty/status/1724485592590033281?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1724485592590033281%7Ctwgr%5E%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=http%3A%2F%2Fapi-news.dailyhunt.in%2F
रात 10:30 बजे हुआ निधन
सहारा इंडिया की तरफ से अभी तक जो जानकारी दी गई है, उसके मुताबिक सुब्रत रॉय मेटास्टैटिक स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज से जूझ रहे हैं, इन तीनों समस्याओं के चलते उन्हें कई अन्य बीमारियों ने भी घेर लिया था. 14 नवंबर को रात 10:30 बजे कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट की वजह से उनका निधन हो गया. बताया जाता है कि उन्हें दो दिन पहले ही 12 नवंबर को कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था
बिहार से था नाता
सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय बिहार के अररिया जिले के रहने वाले थे, उनकी शुरुआती पढ़ाई लिखाई कोलकाता में हुई थी, इसके बाद वह गोरखपुर चले गए थे. एक रिपोर्ट के मुताबिक 1978 में सुब्रत रॉय अपने दोस्त के साथ स्कूटर पर बिस्किट और नमकीन बेचते थे, एक कमरे में दो कुर्सी और एक स्कूटर के साथ उन्होंने अपने इस कारोबार को दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाया. उसी दोस्त के साथ चिटफंड कंपनी खोली, मध्यम वर्ग इस कंपनी से इतना प्रभावित था कि उस समय 100 रुपये कमाने वाला भी 10 से 20 रुपये इस कंपनी में जमा करता था
कई बिजनेस में आजमाया हाथ
एक समय में सहारा समूह आईपीएल की पुणे फ्रेंचाइजी का मालिक था. इसके साथ ही फॉर्मूला वन रेसिंग टीम फोर्स इंडिया में भी सहारा ग्रुप की हिस्सेदारी थी. सहारा ग्रुप 90 हजार करोड़ के नियोजित निवेश के साथ ही पूरे देश में 60 से अधिक टाउपशिप को विकसित करने की योजना बना रहा था. सहारा समूह करीब 11 लाख लोगों को रोजगार देता है. सहारा ग्रुप की बात करें तो रियर एस्टेट, बीमा, मीडिया, मनोरंजन, खेल और स्वास्थ्य सेवाओं में उनका दबदाबा रहा है
अखिलेश यादव-शिवपाल सिंह ने जताया शोक
सहारा श्री सुब्रत रॉय के निधन पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल सिंह यादव समेत तमाम राजनीतिक हस्तियों ने शोक जताया है, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा है कि सहारा श्री का जाना उत्तर प्रदेश और देश के लिए बड़ी क्षति है, वहीं शिवपाल सिंह यादव ने लिखा है कि 'सहाराश्री सुब्रत रॉय के निधन का दुःखद समाचार प्राप्त हुआ है. ईश्वर दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें और शोक संतप्त परिजनों को इस असीम दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे'
जमानत पर बाहर थे सुब्रत रॉय
सुब्रत रॉय के खिलाफ पटना हाईकोर्ट में लोगों का पैसा कई साल से भुगतान नहीं करने का एक मुकदमा चल रहा था. इस मामले में वह जमानत पर थे, पिछले साल ही सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के गिरफ्तारी आदेश पर तत्काल सुनवाई करते हुए इस आदेश पर रोक लगा दी थी, इसके अलावा आगे उनके खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई को लेकर यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था.
: दिल्ली से दरभंगा जा रही स्पेशल ट्रेन में लगी आग
Wed, Nov 15, 2023
नई दिल्ली 15 अक्टूबर भारतीय रेलवे में हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है. नई दिल्ली-दरभंगा (02570) एक्सप्रेस की बोगियों में भीषण आग लगने की खबर है. यह घटना उत्तर प्रदेश के इटावा से सराय भूपत रेलवे स्टेशन के पास हुई है
जानकारी के मुताबिक एक्सप्रेस की एक बोगी में भीषण आग लग गई. इससे बोगी पूरी तरह जलकर राख हो गई है. सूचना है कि ट्रेन में क्षमता से अधिक यात्री सवार थे. इस दौरान यात्रियों ने खुद की जान ट्रेन से कूद कर बचाई.
हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं
अब तक इस हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. मौके से आई तस्वीर और वीडियो से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हादसा कितना खतरनाक है. सीपीआरओ के मुताबिक, इटावा से पहले सराय भूपत स्टेशन से ट्रेन गुजरते समय स्टेशन मास्टर ने स्लीपर कोच मे धुंआ देखा था.
ट्रेन से कूदकर यात्रियों ने बचाई जान
स्टेशन मास्टर ने वॉकी टॉकी से ट्रेन ड्राइवर और गार्ड को सूचना देकर ट्रेन रुकवाई और पावर ऑफ कराया गया. इसके बाद स्लीपर कोच में यात्रियों को उतार लिया गया. फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पा लिया गया है और किसी तरह की कोई हानि नहीं हुई है. हालांकि पहले खबर थी कि हादसे में एक दर्जन लोग घायल हो गए हैं और लोगों ने ट्रेन से कूदकर अपनी जान बचाई
जले कोचेस को डिटैच कर नई दिल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस को किया गया रवाना
बता दें कि नई दिल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस के तीन बोगियों में आग लगी थी. इसमें से S 1, S 2 कोच पूरी तरह जल गए हैं. रेलवे के मुताबिक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया है. जले तीनों कोचेस को डिटैच कर के ट्रेन को रवाना कर दिया गया है