: विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर पर्यटन मंत्री ने होटल/टूरिज्म सेक्टर के उद्मियों को किया संबोधित
Fri, Sep 29, 2023
लखनऊ: 27 सितम्बर, 2023 आज विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति जयवीर सिंह ने होटल एवं टूरिज्म व्यवसायियों को बधाई देते हुये अपील किया कि उत्तर प्रदेश में हुये बदलाव को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करते हुये पर्यटन को बढ़ावा देते हुये ब्रॉण्ड एम्बेसडर के रूप में कार्य करे। उन्होने ये भी कहा कि उत्तर प्रदेश की बेहतर कानून व्यवस्था एवं पर्यटन फ्रेण्डली बदलाव को ग्लोबल स्तर पर साझा करते हुये विदेश से यूपी की धरती पर आने वाले हर पर्यटक की पहली पसंद उत्तर प्रदेश बने, इसके लिये पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ सहयोग करे।
विश्व पर्यटन दिवस पर अवध क्लार्क होटल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुये पर्यटन मंत्री ने कहा कि करोना की त्रासदी के बाद उत्तर प्रदेश में पर्यटकों का आवागमन बहुत तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2022 में लगभग 32 करोड़ घरेलू पर्यटक उत्तर प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आये। जिसके फलस्वरूप उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में पहले स्थान में बना हुआ है। उन्होने कहा कि वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश की ओर कोई पर्यटक रूख नहीं करना चाहता था। अब परिस्थितयां पूरी तरह बदल चुकी है।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मा0 मुख्यमंत्री योगी जी के नेतृत्व में बेहतर कानून व्यवस्था तथा उच्च स्तरीय अवस्थापना सुविधाओं से युक्त रेल, वायु, सड़क तथा जल परिवहन की सुविधा उपलब्ध है। वाराणसी तथा अयोध्या क्रूज का संचालन शुरू कराया गया है। इसी तर्ज पर नदी के किनारे बसे हुये बड़े शहरों के लिये भी क्रूज सेवा शुरू की जायेगी। पर्यटकों के लिये हेलीकाप्टर सेवा के अलावा हेलीपोर्ट भी तैयार किये जा रहे है। ऊँचे स्थानों के लिये रोप वे सेवा भी शुरू की गयी है। खण्डहर हो चुके राही गेस्ट हाउस को पीपीपी मॉडल पर 62 वर्ष की लीज पर देने की तैयारी की जा रही है।जयवीर सिंह ने कहा कि कानून व्यवस्था एवं अवस्थापना सुविधाओं में सुधार के चलते उत्तर प्रदेश की छवि पूरी तरह बदल चुकी है। यूपीजीआईएस-23 आयोजन के दौरान पूरी दुनिया भर से निवेशक उत्तर प्रदेश आये और लगभग 35 लाख करोड रूपये का निवेश आया। पर्यटन सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर निवेशकों ने रूचि दिखायी है। उत्तर प्रदेश के बारे में स्थापित धारणा (परसेप्सेंशन) पूरी तरह बदल चुका है। जिसके फलस्वरूप विभिन्न सेक्टरों के उद्योगपति अपने उद्योगों का विस्तार कर रहे है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार पर्यटन सेक्टर को उद्योग का दर्जा देने जा रही है। इसके तहत पर्यटन व्यवसाय से जुडे होटल, ट्रेवल, टूर आपरेटर आदि को आकर्षक लाभ देने की योजना है। उन्होने ये भी कहा कि अयोध्या तथा जेवर में अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट शीघ्र शुरू होंगे। उन्होने ट्रेवल तथा टूरिज्म से जुडें हुये उद्यमियों को राज्य सरकार के प्रयासों में सहयोग देने की अपील की।
इस अवसर पर लखनऊ के जिलाधिकारी सूर्यपाल सिंह गंगवार ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश और खासतौर से लखनऊ का बदला हुआ रूप सारी दुनिया के सामने करोना के बाद हुये बदलाव वाले यूपी को देखने के लिए पूरे विश्व के आगुन्तकों के लिये उत्तर प्रदेश पसंदीदा स्थल बन चुका है। बैठक क्लार्क में आयोजित कार्यक्रम मे जाने माने साहित्यकार रवि भट्ट ने अवध के बादशाहों तथा विरासत से जुडी रोचक जानकारी दी। उन्होने लखनऊ के प्रमुख स्थलों के इतिहास तथा उन्हे नामकरण से जुडी घटनाओं के बारे में बताया। इस अवसर पर पर्यटन विकास निगम लि0 के प्रबन्ध निदेशक श्री ए.के. पाण्डेय क्लार्क अवध के एम.डी. अपूर्व के अलावा रवि खन्ना तथा ट्रैवल एवं होटल से जुडे भारी संख्या में प्रतिनिधिगण मौजूद थे।
विश्व पर्यटन दिवस पर पूर्वाहन अमौसी एयरपोर्ट के नजदीक हिल्टेन-ईन होटल में आयोजित कार्यक्रम को भी पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने संबोधित करते हुये उत्तर प्रदेश में आये हुये बदलाव को रेखांकित करते हुये पर्यटकों को यूपी आने का न्यौता दिया। इस अवसर पर टीटीएम-2023 तथा ट्रैवल ट्रेड एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के अलावा अजीम तथा राजीव अरोरा आदि लोग मौजूद थे।
: 17 पीसीएस बने आईएएस अधिकारी, मिलेगी तैनाती जल्द
Wed, Sep 27, 2023
लखनऊ 27 सितंबर केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने यूपी के 17 पीसीएस अधिकारियों को आईएएस के पद पर पदोन्नति देने संबंधी अधिसूचना मंगलवार को जारी कर दिया है। अनु सचिव पंकज गंगवार ने इस संबंध में राज्य सरकार को पत्र भेज दिया है।
संघ लोक सेवा आयोग ने आईएएस के 22 पदों की रिक्तियां घोषित की थी। नियुक्ति विभाग ने पदोन्नति देने के लिए इसके आधार पर विभागीय पदोन्नति कमेटी (डीपीसी) की बैठक में प्रस्ताव रखा था, लेकिन पांच पीसीएस अफसरों को पदोन्नति देने पर सहमति नहीं बन सकी। कुल 17 को पदोन्नति देने पर सहमति बनने के बाद इस संस्तुति को डीओपीटी को भेजा गया था। डीओपीटी ने इसके आधार पर अधिसूचना जारी की है।
श्रीप्रकाश गुप्ता, प्रीति जायसवाल, संतोष कुमार वैश्य, धर्मेंद्र सिंह, आनंद कुमार शुक्ला, अरविंद कुमार मिश्रा, विजय कुमार, अवनीश सक्सेना, रितु सुहास, राजेश कुमार, शत्रोहन वैश्य, विनोद कुमार, रविंद्र कुमार, हिमांशु गौतम, मुकेश चंद्रा, उमाकांत त्रिपाठी और नरेंद्र सिंह को आईएएस के पद पर पदोन्नति मिली है। डीओपीटी की अधिसूचना के आधार पर नियुक्ति विभाग भी आदेश जारी करेगा। इसके बाद पीसीएस के आईएएस बनने वाले अधिकारियों को तैनाती देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इससे पहले पिछले ही हफ्ते इन अफसरों का प्रमोशन किया गया था। इसके बाद योगी सरकार ने उनके उच्चतर वेतनमान देने का आदेश जारी किया था। वेतनबैण्ड-4, रुपये-37, 400-67000 ग्रेड पे रुपये-8700 (पे मैट्रिक्स लेवल-13) में कार्यरत इन अफसरों को उच्चतर वेतनमान वेतन बैण्ड-4 रुपये 37, 400-67000 ग्रेड पे (पे मैट्रिक्स लेबल-13 क) में वर्तमान पद पर कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से प्रोन्नति प्रदान की गई है।
: अंतर्जनपदीय तबादला लेने वाले शिक्षक कर रहे हैं अपने को ठगा सा महसूस
Tue, Sep 26, 2023
लखनऊ 26 सितंबर उत्तर प्रदेश शिक्षा परिषद के अंतर्जनपदीय तबादला लेने वाले प्राथमिक शिक्षक नवीन तैनाती के बाद सरकार की तबादला नीति एवं कार्य शैली के कारण अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे है जिनमें अधिकतर महिला शिक्षक है गृह जनपदों की चाहत में महिला शिक्षकों का सुदूर क्षेत्रों में तबादला किया गया जो की सरकार एवं शिक्षा विभाग की मनसा पर सवालिया निशान हैबेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, नारी सशक्तिकरण, महिला आरक्षण बिल आदि योजनाओं पर अपनी उपलब्धि का ढिंढोरा पीटने वाली सरकार की मनसा तब कहां धरी रह गई जब कई बरसों से तैनात महिला शिक्षकों ने अपने गृह जनपद आने की आस में अंतर्जनपदीय तबादला के लिए आवेदन किया जिसमें लखनऊ सहित प्रदेश के 17 जिला आवेदन की सूची से बाहर कर दिए गए क्या इन जनपदों में शिक्षकों के कोई पद खाली नहीं थे यदि नहीं थे तो उसको स्पष्ट किया जाना चाहिए था फिर भी मन में धैर्य रखते हुए कई महिला एवं पुरुष शिक्षकों ने अपने गृह जनपद के पड़ोसी जनपद में यह समझकर आवेदन किया कि उसकी तैनाती पास वाली ब्लॉक में हो जाएगी और शिक्षकों ने वर्षों की सीनियरिटी को गंवाने के बाद अपने पड़ोसी जनपदों में तबादला लिया लेकिन शिक्षा विभाग का मनमाना खेल यहां भी जारी रहा और उसने ऐसे शिक्षकों के लिए अपने गृह जनपद से पास के ब्लॉकों में स्कूलों की लिस्ट को शॉर्ट कर दिया जिसके कारण तबादला प्राप्त शिक्षकों को उन सुदूर क्षेत्रों में अपनी तैनाती लेनी पड़ी जिसमें की खासी परेशानी महिला शिक्षकों को उठानी पड़ रही हैप्राथमिक विद्यालय में 30 बच्चों पर एक शिक्षक होना चाहिए। इसी तरह उच्च प्राथमिक विद्यालय में 35 बच्चों पर एक शिक्षक का मानक तय किया गया है। ब्लॉक बार स्कूलों में खाली पदों की संख्या को यदि तबादले से पहले ही जारी कर दिया होता तो कई शिक्षक तबादला लेने की कोशिश नहीं करतेऑनलाइन प्रक्रिया के बावजूद भी आवंटित स्कूलों की प्रक्रिया को दो से तीन दिन मैं 2 से 3 बार सभी शिक्षकों को बुलाकर करनी पड़ी ऑनलाइन प्रक्रिया के बावजूद विभाग ने यह कसरत सभी शिक्षकों से करायातीसरी और बड़ी बात विकलांग एवं असाध्याय रोगों की भरंक की अर्हता प्राप्त शिक्षकों की निगरानी कमेटी जिला स्तर पर बनाई जा चुकी थी जिसने की बारीकी से निरीक्षण किया जिस को एक पर्याप्त समय दिया गया बावजूद इसके कई शिक्षकों के भरंक में चूक पकड़ी गई जिसकी वजह से आवंटित स्कूलों की प्रक्रिया 1 दिन से देरी से शुरू हुईयूपी की योगी सरकार लगातार शिक्षा को बेहतर बनाने पर काम कर रही है. बावजूद इसके प्रदेश में आज बड़ी संख्या में शिक्षकों के पदों को भरा नहीं गया है. राज्य में शिक्षा मंत्रालय से पूछे गए एक सवाल के जवाब में पता चला है कि प्रदेश में साल 2022-23 में कक्षा 1 से 8 तक 1 लाख 26 हजार 28 पद खाली है एक रिपोर्ट के अनुसार यूपी में 1.58 लाख स्कूल हैं। इस वक्त 3.79 लाख शिक्षक हैं। 1.40 लाख शिक्षामित्र हैं। कुल शिक्षकों की संख्या हुई 5 लाख 19 हजार। 2021-22 में जहां शिक्षकों के स्वीकृत पदों की संख्या 7,19,399 थी वहीं 2022-23 में 5,79,622 रह गई। साफ है कि एक साल में ही पदों की संख्या में 1,39,777 कमी हो गई।