: Physics Wallah ने 50 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स की 17 करोड़ फीस माफ की
Tue, Feb 13, 2024
नई दिल्ली 12 फरवरी आज के युग में शिक्षा के नाम पर बड़ी-बड़ी दुकान खुली है जहां पर छात्र-छात्राओं से भारी भरकम मोटी कमाई की जाती है वही फिजिक्स वाला नाम की कोचिंग संस्थान के फाउंडर एवं शिक्षाविद अलख पांडे ने फीस माफी की घोषणा कर सबको चौंका दिया है होनहार युवाओं का भविष्य संवारने को समर्पित संस्था फिजिक्स वाला क फाउंडर अलख पांडे ने 50000 छात्रों की फीस माफ करने की घोषणा की हैयह सच में शिक्षा के क्षेत्र में किसी क्रांति से कम नहीं है. यह खबर इन दिनों खूब वायरल हो रही है. इस टीचर की लोग खूब तारीफें भी कर रहे हैं. इस संस्थान का नाम फिजिक्स वाला है, जिसके फाउंडर अलख पांडे हैं. जो कि देश भर में बहुत ही पॉपुलर है. जिसके वीडियोज भी सोशल मीडिया पर हमेशा वायरल होते रहते हैं
फिजिक्स वाला ने 51 हजार स्टूडेंट्स की फीस माफ की
सोमवार को फिजिक्स वाला के संस्थापक अलख पांडे ने 2023-24 शैक्षणिक वर्ष के लिए 51,000 वंचित छात्रों की फीस माफ करने की घोषणा की है. उन्होंन अपने एक बयान में कहा कि शिक्षा के अधिकार कार्यक्रम के तहत नीट, जेईई, कॉमर्स, आर्ट्स और मानक 9-12 कोचिंग के विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए फीस में माफी दी गई है. जिससे देश भर में शिक्षा के लिए अच्छा संदेश जाएगा.
फिजिक्स वाला के सीईओ अलख पांडे आर्थिक रूप से कमजोर स्टूडेंट्स के उत्थान के लिए तैयार
पैसे की कमी के कारण कई स्टूडेंट्स की पढ़ाई नहीं हो पाती है. जिसको लेकर फिजिक्स वाला के संस्थापक और सीईओ, अलख पांडे ने समाज में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की शैक्षिक मदद के लिए खड़े हुए हैं. शैक्षणिक सत्र 2023-2024 में नामांकित 51,000 छात्रों को फीस में पूर्ण रूप से छूट देने का फैसला किया है. इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि फीस माफ करने के संदर्भ में योगदान की कुल लागत 17 करोड़ रुपये से भी ज्यादा की है. पांडे ने कहा कि फिजिक्स वाला की यह कोशिश है समाज में कोई भी वंचित वर्ग आर्थिक कमजोरी के कारण शिक्षा से दूर नहीं रहे. वे हर संभव शिक्षा के लिए प्रोत्साहन देने का काम करेंगे.
: मैच खेलते हुए खिलाड़ी पर आसमानी बिजली गिरी, दर्दनाक मौत
Tue, Feb 13, 2024
इंडोनेशिया से एक दिल दहला देनी वाली खबर सामने आ रही है. दरअसल, एक लाइव फुटबॉल मैच के दौरान खेल रहे फुटबॉलर पर अचानक आसमान से बिजली गिर गई. बिजली गिरने से इस खिलाड़ी की ऐसी मौत हुई जो कोई सपने में भी नहीं सोच सकता है
बीच मैदान पर मैच के दौरान खिलाड़ी पर गिरी बिजली
हुआ यूं कि इंडोनेशिया में शनिवार 10 फरवरी को एफसी बैनडुंग और एफबीआई शुबैंग के बीच एक फ्रेंडली फुटबॉल मैच खेला जा रहा था. यह मैच इंडोनेशिया के वेस्ट जावा के सिलिवांगी स्टेडियम में खेला जा रहा था. लाइव मैच के दौरान अचानक से आसमान से एक ऐसी आफत आई जिसने हर किसी को दहला दिया. मैच खेल रहे एक फुटबॉलर पर अचानक आसमान से बिजली गिर गई
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खिलाड़ी पर अचानक तेज रोशनी के साथ आसमानी बिजली गिरी जिसे देखकर ऐसा लगा कि कोई धमाका हुआ है. फुटबॉलर पर बिजली गिरते ही उस एरिया में जोरदार धमाका होता है और आग भी निकलती दिखाई देती है. खुद से बिजली के टकराते ही अचानक वह खिलाड़ी जमीन पर गिर गया. मैदान पर मैच खेल रहे अन्य खिलाड़ी भी अपनी जान बचाने के लिए जमीन पर लेट गए और इधर-उधर भागने लगे
डॉक्टर्स खिलाड़ी को मृत घोषित कर देते हैं
जिस खिलाड़ी पर बिजली गिरी थी उसे तुरंत स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया जाता है. कुछ देर तक इस खिलाड़ी की सांसें भी चल रही थी, लेकिन अस्पताल ले जाने से पहले रास्ते में ही वह खिलाड़ी दम तोड़ देता है. अस्पताल में पहुंचने पर डॉक्टर्स भी उस खिलाड़ी को मृत घोषित कर देते हैं. मैदान पर बिजली गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.
: कतर से रिहा हो लौटे भारतीयः भारत की कूटनीतिक जीत
Mon, Feb 12, 2024
नई दिल्ली 12 फरवरी कतर में मौत की सजा पाने वाले भारतीय नौसेना के 8 पूर्व जवानों को दोहा की एक अदालत रिहा कर चुकी है, जिनमें से 7 लोग भारत लौट चुके हैं. इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत कहा गया और इसके हीरो पीएम नरेंद्र मोदी माने
गए.
हालांकि, पीएम मोदी के अलावा इस जीत में एक और हीरो भी रहे, जिन्होंने पर्दे के पीछे रहकर 8 पूर्व नौसैनिकों की रिहाई में बड़ी भूमिका निभाई. उनका नाम है अजीत डोभाल जो कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) हैं.ऐसा बताया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक तरफ जहां 1 दिसंबर 2023 को कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल-थानी के साथ मुलाकात कर इस मुद्दे पर बात की थी तो वहीं दूसरी तरफ एनएसए डोभाल ने पर्दे के पीछे की कूटनीति से यह सुनिश्चित किया कि भारतीय नौसेना के इन 8 पूर्व कर्मियों को रिहा किया जाए.
अजीत दोवाल ने खुद कीं कई बैठकें
सूत्रों की मानें तो इन 8 भारतीयों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए भारत और कतर अधिकारियों के बीच कई बैठकें हुई थीं. एनएसए अजीत डोभाल ने खुद कतर अधिकारियों के साथ कई बैठकें कीं और इन 8 पूर्व नौसैनिकों की जेल की सजा खत्म करने पर भी लगातार जोर दिया. बताया गया कि अजीत डोभाल की कोशिशों के बाद ही कतर सरकार ने इन्हें रिहा किया. यही नहीं, कतर ने 8 भारतीयों के साथ ही एक अमेरिकी और एक रूसी को भी हिरासत से रिहा कर दिया
India के अलावा Russia और USA के बंदी भी रिहा
सूत्र ने यह भी जानकारी दी कि भारत ने इस मामले में कूटनीतिक रूप से बहुत चतुराई दिखाई है. इंडिया ने लगातार इसे लेकर बैठक की, जिससे कतर के सामने यह समस्या रही होगी कि वह सिर्फ एक देश के नागरिकों को कैसे रिहा करेगा और अन्य देशों के ऐसे अनुरोधों को कैसे नजरअंदाज करेगा. ऐसे में बाद में कतर ने भारत के प्रयासों से अमेरिका और रूस के एक-एक बंदी को भी रिहा कर दिया.