: पुलिस भर्ती 2024 की परीक्षा 17 18 फरवरी को
Fri, Feb 9, 2024
लखनऊ 9 फरवरी सिपाही (कांस्टेबल) के 60244 पदों पर भर्ती के लिए होने वाली परीक्षा दो घंटे की होगी, जिसमें कुल 150 प्रश्न हल करने होंगे।परीक्षा कुल 300 अंकों की होगी, जिसमें प्रत्येक प्रश्न के दो अंक होंगे। परीक्षा में ऋणात्मक मूल्यांकन होगा, जिसमें प्रत्येक गलत उत्तर पर 0.5 अंक काट लिए जाएंगे। परीक्षा 17 व 18 फरवरी को प्रदेश के सभी 75 जिलों में 2377 केंद्रों पर होगी।उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने लिखित परीक्षा की प्रक्रिया का प्रकाशन करते हुए उक्त जानकारी दी है। इसमें बताया गया है कि उत्तर देने के लिए ओएमआर शीट पर काले या नीले बाल प्वाइंट पेन से गोला भरना होगा। परीक्षा चार विषयों पर आधारित होगी। इसमें सामान्य ज्ञान, सामान्य हिंदी, संख्यात्मक व मानसिक योग्यता परीक्षा तथा मानसिक अभिरुचि, बुद्धिलब्धि एवं तार्किक क्षमता विषय शामिल है। लिखित परीक्षा वस्तुनिष्ठ प्रकृति की होगी, जिसमें प्रत्येक प्रश्न के चार विकल्प होंगे। प्रत्येक गलत उत्तर पर अथवा किसी एक प्रश्न के उत्तर में एक से अधिक विकल्प (गोला) भरने पर उस उत्तर को गलत माना जाएगा। इसमें यह भी कहा गया है कि किसी गोले को मिटाने या दोबारा भरने का प्रयास न करें। बोर्ड ने कहा है कि प्रत्येक पालियों के प्रश्नपत्र अलग-अलग होंगेपरीक्षा में 48 लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना है। प्रत्येक पाली में 12,04,360 अभ्यर्थी परीक्षा शामिल होंगे। प्रत्येक पाली में बराबर अनुपात में पुरुष और महिला अभ्यर्थी होंगे। सुरक्षा बंदोबस्त के लिए हर जिले के अलावा भर्ती बोर्ड के मुख्यालय में दो कंट्रोल रूम बनाए गए हैं, जहां से परीक्षा केंद्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी की लाइव फीड भी सीधे कंट्रोल रूम को मिलेगी, जिससे अभ्यथिर्यों की पहचान के साथ परीक्षा देते वक्त उनके व्यवहार को भी देखा जा सकेगा।
: उत्तर प्रदेश के बजट पर ग्लोबल टैक्स पेयर्स ट्रस्ट की प्रतिक्रिया
Mon, Feb 5, 2024
लखनऊ 5 फरवरी यूपी सरकार द्वारा अब तक के सबसे बड़े बजट पर सभी की निगाहें लगी थी सबसे बड़े प्रदेश का बजट भी कुछ खास रहता है बजट आने के बाद जनता में इसकी प्रक्रिया भी संभावित है बजट पर बोलते हुए तमाम लोगों ने अपनी प्रक्रिया दीग्लोबल टैक्स पेयर्स ट्रस्ट के अध्यक्ष मनीष खेमका ने कहा है कि योगी सरकार के कार्यकाल
में किसानों का अभूतपूर्व विकास हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकार का आज का बजट इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। योगी सरकार ने वर्ष 2017 से जनवरी 2024 तक लगभग 46 लाख गन्ना किसानों को 2 लाख 33 हजार 793 करोड़ रुपए से अधिक का रिकार्ड गन्ना मूल्य भुगतान किया है। यह भुगतान इसके पूर्व के 22 वर्षों के कुल गन्ना मूल्य भुगतान 2 लाख 1 हजार 519 करोड़ रुपए से भी 20,274 करोड़ रुपए अधिक है। योगी सरकार का पहला बजट भी अन्नदाता किसानों को समर्पित था। कृषि प्रधान प्रदेश होने के नाते किसान स्वाभाविक रूप से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। अब तक 37 लाख किसानों को क्रेडिट कार्ड दिया जा चुका है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत 2 करोड़ 62 लाख किसानों के खाते में 63,000 करोड़ रुपये भेजे जा चुके हैं। योगी सरकार के ऐसे अनेक प्रयासों के कारण उत्तर प्रदेश में किसानों की स्थिति निश्चित ही बेहतर से बेहतरीन हुई है। अब समय है जब संपन्न हो चुके बड़े किसानों को अपने ज़रूरत मंद छोटे किसान भाइयों की मदद के लिए आगे आना चाहिए। वे अन्नदाता पर्याप्त आय के बाद अब करदाता बनकर यह कर सकते हैं।ग़ौरतलब है कि राजनीतिक कारणों से भारत में कृषि आय करमुक्त है। फलस्वरूप खेती से कोई कितना भी अधिक कमाए उसे एक रुपया भी आयकर नहीं देना पड़ता है। इस गैरवाजिब छूट की आड़ में अनेक प्रकार के भ्रष्टाचार भी हो रहे हैं। एक बड़े नेता ने भी पहले गमले में गोभी उगाकर मोटी करमुक्त कमाई की थी। नीति आयोग की केंद्र सरकार से की गई एक सिफ़ारिश के मुताबिक़ देश के सिर्फ़ चार प्रतिशत बड़े किसानों से 25000 करोड़ रुपये का आयकर देश को मिल सकता है। मज़े की बात है कि भारत में सिर्फ़ 5 प्रतिशत बड़े किसानों के पास ही ट्रैक्टर हैं। सिर्फ़ इन्हें ही आयकर के दायरे में लाकर छोटे ग़रीब किसानों की बड़ी मदद की जा सकती है।शहरों में सालाना ढाई लाख से ज़्यादा कमाने वाला मिडिल क्लास का मेहनतकश व्यक्ति अपनी कमाई पर न केवल इनकम टैक्स चुकाता है बल्कि गैस और रेलवे की सब्सिडी भी छोड़ देता है। करदाता होने के कारण उसे सरकार से अन्य कोई लाभ भी नहीं मिलता है। वहीं इस तथ्य के विपरीत उत्तर प्रदेश सरकार ने साल 2021 में 64,000 लखपति किसानों को चिन्हित किया था जिन्होंने फसल बेंच कर 10 लाख रुपये तक कमाए थे। साथ ही वे मुफ़्त राशन समेत अनेक सरकारी लाभ भी ले रहे थे।हम सब के समान विकास की बात करते हैं लेकिन सब के समान योगदान की अनिवार्य आवश्यकता को भूल जाते हैं। समावेशी योगदान के बिना समावेशी विकास की बात बेमानी है। यह संभव नहीं। 98 प्रतिशत जनता का भार 2 प्रतिशत से भी कम करदाताओं पर डालना कहा तक न्याय संगत है? यदि हमें प्रदेश और देश का वास्तव में सर्वांगीण विकास चाहिए तो सभी के समान योगदान के प्रति भी जागरूक होना पड़ेगा।
: बुन्देलखण्ड गौरव महोत्सव विभिन्न जनपदों की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत करते हुए जनपद हमीरपुर पहुँचा
Sun, Feb 4, 2024
लखनऊ: 04 फरवरी, विगत 23 जनवरी, 2024 से शुरू हुआ बुन्देलखण्ड गौरव महोत्सव कई जनपदों की यात्रा करते हुए जनपद हमीरपुर पहुँच चुका है। इस आयोजन के अंतर्गत वीरों की धरती बुन्देलखण्ड के गौरवशाली इतिहास एवं समृद्ध विरासत को आगन्तुकों को परिचित कराया जा रहा है। साथ ही प्रचीनता को आधुनिकता से जोड़ते हुए युवा पीढ़ी को बुन्देलखण्ड की विरासत पर गौरव करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। इसके अलावा बुन्देली संस्कृति को संरक्षित एवं समृद्ध बनाने के लिए युवाओं को जागरूक किया जा रहा है।
यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता संग्राम में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाली झांसी की रानी के पराक्रम तथा आल्हा-ऊदल की वीरता की कहानियों से पूरा बुन्देलखण्ड परिचित है। आगन्तुकों को नयी विधाओं के खेलों में भाग लेने के अलावा बुन्देलखण्ड के सातों जनपदों के इतिहास की कहानियों से भी रूबरू करया जा रहा है। अब तक जिन जनपदों में महोत्सव का आयोजन किया गया है। वहाँ लोगों के उत्साह से पता चलता है कि अपने अतीत को जानने की ललक चरम पर है।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि हमीरपुर में 05 व 06 फरवरी को हॉट एयर वैलूनिंग, योग, हेरिटेज वॉक के अलावा विभिन्न प्रतिस्पर्धाएं, वॉटर स्पोर्टस् तथा प्रभातफेरी के साथ-साथ विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। आगन्तुकों को योग, ध्यान तथा ज्ञान के साथ-साथ मनोरंजन का बेहतरीन अवसर देखने को मिलेगा। राज्य सरकार बुन्देलखण्ड गौरव महोत्सव के माध्यम से पर्यटकों को आकर्षित करने पर भी ध्यान दे रही है। इस महोत्सव के माध्यम से लोगों को अपनी संस्कृति, कला, खानपान की विविधताओं से भी अवगत कराने का प्रयास किया जा रहा है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि महोत्सव में पहले दिन कल्पवृक्ष परिसर में योग और अन्य गतिविधियां, स्पोर्ट्स स्टेडियम में हाट एयर बैलून का प्रदर्शन, शैलेश्वर मंदिर सरीला फोर्ट, कलिका मंदिर सरीला में हेरिटेज वॉक, पतंगबाजी, पेंटिंग, रंगोली, मेंहदी प्रतियोगिता यमुना बेतवा संगम पर होगी। इसी समयावधि में शहीदों के गांवों में प्रभातफेरी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सम्मान समारोह और दीपदान, स्पोर्ट्स स्टेडियम में खेल प्रतियोगिताएं, यमुना सेतु से कल्पवृक्ष तक वाटर स्पोर्ट्स, परेड ग्राउंड में क्षेत्रीय सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोकनृत्य तथा स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ सुधीर यदुवंशी दिल्ली द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि महोत्सव में दूसरे दिन कल्पवृक्ष परिसर में योग और अन्य गतिविधियां, स्पोर्ट्स स्टेडियम में हाट एयर बैलून का प्रदर्शन, संगमेश्वर मंदिर, रानी लक्ष्मी बाई पार्क, यमुना तटबंध, अटल पथ, कल्पवृक्ष सहित अन्य स्थलों पर हेरिटेज वाक, परेड ग्राउंड पर साहित्य संगम, प्रगतिशील कृषकों द्वारा चर्चा, आल्हा एवं दिवारी नृत्य आयोजन किया जायेगा।
इस उत्सव का लक्ष्य अल्प ज्ञात ऐतिहासिक क्षेत्रों, इसकी सांस्कृतिक विचित्रताओं, ऐतिहासिक विरासत को बढ़ावा देना और आगंतुकों को इस क्षेत्र की अल्पज्ञात उप संस्कृतियों और मौखिक इतिहासों का एक विस्तृत अनुभव इत्यादि प्रदान करना है। इसके माध्यम से बुंदेलखंड के इतिहास को जन-जन तक पहुंचाया जा सकेगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि बुन्देलखण्ड गौरव महोत्सव से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के साधन भी सृजित होंगे। बुंदेलखंड में पर्यटन की असीम संभवनाएं हैं। राज्य सरकार महोत्सव के माध्यम से इसे धरातल पर उतारने का प्रयास कर रही है।
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